साई सुदर्शन श्रीलंका टेस्ट सीरीज से बाहर:पैर की अंगुली में चोट लगी थी; पडिक्कल नंबर-3 पर खेलेंगे, सरफराज रिप्लेसमेंट हो सकते हैं
भारतीय बल्लेबाज साई सुदर्शन चोट के कारण श्रीलंका के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की सीरीज से बाहर हो गए हैं। बाएं पैर के अंगूठे की चोट से पूरी तरह फिट नहीं होने के कारण BCCI की मेडिकल टीम ने उन्हें टेस्ट क्रिकेट में वापसी की मंजूरी नहीं दी। सुदर्शन की जगह पहले टेस्ट में देवदत्त पडिक्कल के नंबर-3 पर बल्लेबाजी करने की संभावना है। टीम में रिप्लेसमेंट के तौर पर सरफराज खान को शामिल किया जा सकता है। दोनों टीमों के बीच दो टेस्ट मैचों की सीरीज 15 अगस्त से गॉल में शुरू होगी। दूसरा टेस्ट 23 अगस्त से कोलंबो के SSC मैदान पर खेला जाएगा। यह सीरीज वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2025-27 का हिस्सा है। इंडिया-ए दौरे में लगी थी चोट साई सुदर्शन को पिछले महीने श्रीलंका-ए के खिलाफ दूसरे अनऑफिशियल टेस्ट के दौरान पैर के अंगूठे में चोट लगी थी। इससे पहले उन्होंने उसी दौरे पर लगातार दो शतक जड़कर शानदार फॉर्म दिखाई थी। चोट के बाद से वह बेंगलुरु स्थित BCCI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) में रिहैब कर रहे थे। मेडिकल टीम ने फिट नहीं माना सुदर्शन ने रिहैब के दौरान बल्लेबाजी, फील्डिंग और फिटनेस ड्रिल भी शुरू कर दी थी, लेकिन मेडिकल टीम ने उन्हें पूरी तरह फिट नहीं माना। स्पोर्ट्स साइंस टीम के मुताबिक उनकी चोट में काफी सुधार हुआ है, लेकिन टेस्ट क्रिकेट में वापसी के लिए अभी और समय चाहिए। पडिक्कल नंबर-3 के सबसे बड़े दावेदार सुदर्शन की गैरमौजूदगी में देवदत्त पडिक्कल पहले टेस्ट में नंबर-3 पर बल्लेबाजी कर सकते हैं। पडिक्कल ने कोलंबो में श्रीलंका इलेवन के खिलाफ तीन दिवसीय वॉर्म-अप मैच में शतक लगाकर अपनी दावेदारी मजबूत की है। सरफराज भी रिप्लेसमेंट की रेस में टीम में सुदर्शन की जगह किस खिलाड़ी को शामिल किया जाएगा, इस पर अभी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक मुंबई के बल्लेबाज सरफराज खान भी रिप्लेसमेंट की दौड़ में हैं। पहले से चोटों से जूझ रही है टीम इंडिया श्रीलंका दौरे से पहले ही भारतीय टीम कई चोटों से परेशान है। तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह घुटने की चोट के कारण पूरी टेस्ट सीरीज से बाहर हो चुके हैं। वॉशिंगटन सुंदर हैमस्ट्रिंग इंजरी के चलते पहला टेस्ट नहीं खेलेंगे। हर्षित राणा (हैमस्ट्रिंग), नीतीश कुमार रेड्डी (क्वाड्रिसेप्स) और आकाश दीप (पीठ की चोट) भी उपलब्ध नहीं हैं। वहीं टेस्ट कप्तान शुभमन गिल की दाएं हाथ की अनामिका उंगली में चोट लगी है। एहतियात के तौर पर उन्होंने वॉर्म-अप मैच नहीं खेला। हालांकि उनकी चोट गंभीर नहीं है और पहले टेस्ट तक उनके फिट होने की उम्मीद है। BCCI की मेडिकल टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है। सुदर्शन अब तक 7 टेस्ट खेल चुके साई सुदर्शन ने अब तक भारत के लिए 7 टेस्ट, 3 वनडे और 1 टी-20 इंटरनेशनल मैच खेले हैं। टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने 12 पारियों में 31.91 की औसत से 383 रन बनाए हैं, जिसमें तीन अर्धशतक शामिल हैं। वहीं वनडे में उन्होंने तीन मैचों में 127 रन बनाए हैं। इस दौरान उनका औसत 63.50 रहा और उन्होंने दो अर्धशतक लगाए। टी-20 इंटरनेशनल में उन्हें अब तक सिर्फ एक मैच खेलने का मौका मिला है। ------------------------------ स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… 55 साल में कितना बदला वनडे क्रिकेट:कलर जर्सी, डे-नाइट मैच और सुपर ओवर जैसे नियम बदले वनडे क्रिकेट का 5000वां मैच शुक्रवार को स्कॉटलैंड और कनाडा के बीच खेला गया। इसे स्कॉटलैंड ने जीता। 5 जनवरी 1971 को बारिश से धुले एक टेस्ट मैच की भरपाई के लिए शुरू हुआ वनडे फॉर्मेट आज मैचों की संख्या के लिहाज से क्रिकेट का सबसे बड़ा फॉर्मेट बन चुका है। पूरी खबर…
लंदन में पैडल स्पोर्ट्स पर विवाद:महंगे कोर्ट्स के लिए छिन रहे बच्चों के फ्री मैदान; एक घंटे की फीस 5 हजार से
लंदन में इन दिनों आम लोगों, युवाओं और बच्चों से उनके खेलने की मुफ्त जगहें छीनी जा रही हैं। शहर के सार्वजनिक स्केटपार्क, बच्चों के खेल के मैदान और बास्केटबॉल कोर्ट को तेजी से महंगे ‘पैडल कोर्ट’ में बदला जा रहा है। पैडल, टेनिस से मिलता-जुलता एक रैकेट खेल है, जो ब्रिटेन में इन दिनों काफी ट्रेंड में है। लेकिन परेशानी की बात यह है कि ये नए पैडल कोर्ट ‘पे-टू-प्ले’ (पैसे देकर खेलने वाले) मॉडल पर आधारित हैं। स्थानीय लोग इसे पैसे वालों के लिए सुविधाएं विकसित करने का तरीका मान रहे हैं। इस ट्रेंड का सबसे ताजा शिकार बार्किंग स्केटपार्क बना है, जो लंदन का इकलौता फुल-साइज इनडोर स्केटपार्क था। इसे हाल ही में हमेशा के लिए बंद कर दिया गया ताकि वहां पैडल कोर्ट बनाया जा सके। आइवा सैटो जैसी कई मांएं इस फैसले से नाराज हैं। उनकी 11 साल की बेटी टोको राष्ट्रीय स्तर की स्केटबोर्डर है, लेकिन अब उसके पास अभ्यास करने के लिए कोई सुरक्षित इंडोर जगह नहीं बची है। एक जिम्नास्टिक सेंटर भी बंद करके उसे प्राइवेट पैडल क्लब में बदल दिया गया था। लोगों के गुस्से की असली वजह इन कोर्ट्स की भारी-भरकम फीस है। लंदन में एक घंटे के लिए पैडल कोर्ट बुक करने का औसत खर्च 51 पाउंड (करीब 5,400 रुपए) है। आर्थिक रूप से कमजोर इलाकों में रहने वाले परिवारों के लिए यह रकम बहुत ज्यादा है। यह खेल इतना महंगा है कि यह आम लोगों को उनके ही इलाके की सुविधाओं से दूर कर रहा है। जनता अब इसके खिलाफ लामबंद भी हो रही है। कैमडन इलाके में बच्चों के खेलने की मुफ्त जगह को तोड़कर पैडल कोर्ट बनाने का प्रस्ताव था, जिसे एक साल के भारी विरोध के बाद पिछले हफ्ते रद्द करना पड़ा। बार्किंग स्केटपार्क को बचाने के लिए भी 4,500 से ज्यादा लोगों ने ऑनलाइन याचिका साइन की है। प्रशासन और ऑपरेटर कंपनियों का तर्क है कि पुराने पार्क घाटे में चल रहे थे। लेकिन जनता का सवाल यही है कि क्या किसी नए खेल को बढ़ावा देने के लिए आम लोगों के हिस्से की मुफ्त सार्वजनिक जगहें छीनना जायज है? बढ़ता खेल: 6 साल में 87 से 2 हजार तक पहुंच गई कोर्ट्स की संख्या टेनिस और स्क्वॉश के मेल से बना यह खेल तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। ब्रिटेन में इसे खेलने वालों की संख्या 10 लाख पार कर चुकी है। दुनियाभर में इसके करीब 3.5 करोड़ खिलाड़ी हैं। लंदन में हाल ही में आयोजित प्रीमियर पैडल टूर्नामेंट के टिकट हाथों-हाथ बिक गए। साल 2020 में ब्रिटेन में पैडल के सिर्फ 87 कोर्ट थे, जबकि अब इनकी संख्या दो हजार से ज्यादा है।
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