Toaster और Griller में क्या अंतर होता है? रोज इस्तेमाल करने वालों को भी नहीं पता होगा जवाब!
Toaster सिर्फ ब्रेड टोस्ट करने के लिए बना होता है, जबकि Griller ज्यादा वर्सेटाइल होता है और कई तरह के फूड आइटम बनाने में काम आता है. Toaster की तुलना में Griller थोड़ा महंगा होता है.
Vaishakh Amavasya 2026: 16 या 17 मार्च, कब है वैशाख अमावस्या? नोट कर लें सही तिथि, स्नान-दान का मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व
Vaishakh Amavasya 2026: अमावस्या तिथि बहुत शुभ और पावन मानी जाती है. साल में 12 अमावस्या तिथियां आती हैं. हर एक अमावस्या का अपना महत्व होता है. अमावस्या की तिथि पितरों को समर्पित की गई है. धार्मिक मान्यता है कि इस दिन पितृ धरती लोक पर आते हैं. इसलिए इस दिन पितरों का तर्पण और पिंडदान करना बेहद शुभ माना गया है क्योंकि ऐसा करने से पितृ प्रसन्न होते हैं और आशीर्वाद देते हैं.
पितरों के आशीर्वाद से घर-परिवार में खुशहाली बनी रहती है. अमावस्या के दिन इन पितरों के तर्पण और पिंडदान के अलावा पवित्र नदियों में स्नान-दान और पूजा-पाठ भी किया जाता है. वैशाख माह में पड़ने वाली अमावस्या वैशाख अमावस्या कहलाती है. आइए जानते हैं कि इस साल वैशाख अमावस्या कब है. इस दिन का स्नान-दान का मुहूर्त क्या रहेगा और अमावस्या की पूजा विधि के बारे में.
कब है वैशाख अमावस्या? (Vaishakh Amavasya 2026 Kab Hai)
द्रिक पंचांग के अनुसार, इस साल वैशाख अमावस्या की तिथि 16 अप्रैल गुरुवार को रात 08 बजकर 11 मिनट पर शुरू होगी. तिथि का समापन अगले दिन यानी 17 अप्रैल शुक्रवार को शाम 05 बजकर 21 मिनट पर होगा. ऐसे में उदयातिथि के अनुसार वैशाख अमावस्या 17 अप्रैल के दिन मनाना शुभ होगा.
वैशाख अमावस्या स्नान-दान मुहूर्त (Vaishakh Amavasya 2026 Snan Daan Shubh Muhurat)
वैशाख अमावस्या के दिन ब्रह्म मुहूर्त में स्नान-दान करने बेहद शुभ रहेगा. अगर ब्रह्म मुहूर्त में स्नान-दान न कर पाएं तो सूर्योदय के बाद कर लें. वैशाख अमावस्या पर ब्रह्म मुहूर्त 04 बजकर 25 मिनट से 05 बजकर 09 मिनट तक रहेगा. वैशाख अमावस्या के दिन सूर्योदय 05 बजकर 54 मिनट पर होगा.
वैशाख अमावस्या की पूजा विधि (Vaishakh Amavasya 2026 Puja Vidhi)
इस दिन सुबह उठकर सबसे पहले पवित्र नदी, सरोवर या घर पर स्नान करें. फिर तिल, गुड़े, आटे के पिंड बनाकर पितरों को अर्पित करें. पितृ तर्पण के लिए जल में काले तिल डालकर अर्पण करें. इस दिन जरूरतमंदों को भोजन, वस्त्र और दक्षिणा दान करें. भगवान शिव की पूजा करें और महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें. अंत में आरती करें.
वैशाख अमावस्या का महत्व (Vaishakh Amavasya 2026 Significance
वैशाख अमावस्या को पितरों की शांति और मोक्ष के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है. मान्यता है कि इस दिन किए गए तर्पण और दान से पितृ दोष शांत होता है और घर में सुख-समृद्धि आती है. पुराणों के अनुसार, वैशाख माह खुद में बेहद शुभ और पवित्र माना जाता है और इस महीने की अमावस्या पर किया गया स्नान-दान कई गुना लाभकारी होता है. यह दिन न केवल पितरों को प्रसन्न करने का अवसर है बल्कि अपने जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और पुण्य अर्जित करने का भी शुभ समय माना जाता है.
Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. न्यज नेशन इसकी पुष्टि नहीं करता है.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News18
News Nation





















