श्रीलंका से रिहा हुए 30 भारतीय मछुआरे लौटे अपने वतन
कोलंबो, 7 अप्रैल (आईएएनएस)। श्रीलंका से 30 भारतीय मछुआरों को स्वदेश वापस भेज दिया गया। कोलंबो स्थित भारतीय उच्चायोग ने मंगलवार को इस संबंध में जानकारी दी।
सोशल मीडिया एक्स पर जानकारी देते हुए भारतीय दूतावास ने कहा, आज श्रीलंका से 30 भारतीय मछुआरों को देश भेज दिया गया है और वे अपने घर लौट रहे हैं।
श्रीलंकाई अधिकारियों द्वारा भारतीय मछुआरों को हिरासत में लेना एक आम समस्या रही है, जो अक्सर पाक खाड़ी और पाक जलडमरूमध्य क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा रेखा पार करने के कारण उत्पन्न होती है।
यह मामला मछली पकड़ने से जुड़े विवादों के कारण लंबे समय से चिंता का विषय बना हुआ है। भारतीय अधिकारियों की नियमित राजनयिक पहल और तमिलनाडु सरकार की अपीलों के चलते समय-समय पर मछुआरों की रिहाई और स्वदेश वापसी संभव हो पाती है।
इससे पहले, 14 मार्च को 14 भारतीय मछुआरों के एक समूह को श्रीलंका से चेन्नई लाया गया था। इन्हें श्रीलंकाई तटरक्षक बल ने समुद्री सीमा उल्लंघन के आरोप में हिरासत में लिया था। भारतीय उच्चायोग के राजनयिक हस्तक्षेप से उनकी रिहाई संभव हो पाई थी। इसके बाद 7 मार्च को 3 और 20 मार्च को 9 भारतीय मछुआरों को वापस भेजा गया था।
मार्च की शुरुआत में श्रीलंका की एक अदालत ने रामेश्वरम के आठ मछुआरों को रिहा करने का आदेश दिया था, जिन्हें 13 जनवरी को आईएमबीएल के कथित उल्लंघन के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। हालांकि, इसी मामले में दो अन्य को कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई गई, जबकि सात मछुआरों को स्वदेश वापसी तक एक विशेष शिविर में रखा गया।
फरवरी में भी यह मुद्दा चर्चा में आया था, जब तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने केंद्र सरकार से श्रीलंकाई अदालतों द्वारा रिहा किए गए भारतीय मछुआरों की वापसी में तेजी लाने का आग्रह किया था।
सीएम ने मंडपम और मयिलादुथुराई के 12 मछुआरों को रिहा कराने की मांग की गई थी, जिन्हें 2025 के अंत और 2026 के प्रारंभ के बीच गिरफ्तार किया गया था। इनमें से कुछ को बाद में अदालती आदेशों के बाद नजरबंदी केंद्रों में भेज दिया गया था।
समुद्री सीमा पार करने वाले मछुआरों का मुद्दा भारत और श्रीलंका के बीच द्विपक्षीय चर्चाओं में अक्सर उठाया जाता है, जिसमें दोनों पक्ष मानवीय दृष्टिकोण की आवश्यकता पर जोर देते हैं और साथ ही वैकल्पिक आजीविका विकल्पों और बेहतर सीमा प्रबंधन तंत्र जैसे दीर्घकालिक समाधानों पर भी विचार करते हैं।
--आईएएनएस
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World Health Day 2026: हेल्दी रहने के लिए आज से बदलें लाइफस्टाइल, अपनाएं ये 5 आदतें, बीमारियों को कहें अलविदा
World Health Day 2026: हर साल 07 अप्रैल को दुनियाभर में वर्ल्ड हेल्थ डे मनाया जाता है. इस दिन का मकसद लोगों को अपनी सेहत के प्रति जागरूक करना है. साथ ही उन्हें बेहतर लाइफस्टाइल अपनाने के लिए प्रेरित किया जाता है. यह दिन सिर्फ एक औपचारिकता नहीं, बल्कि एक जरूरी याद दिलाने वाला अवसर है कि सेहत ही असली दौलत है. इस दिन की शुरुआत साल 1950 में हुई थी. इसे मनाने के पीछे खास वजह है. 7 अप्रैल 1948 को वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) की स्थापना हुई थी. तभी से हर साल इस दिन स्वास्थ्य से जुड़े अहम मुद्दों पर ध्यान दिया जाता है.
वर्ल्ड हेल्थ डे की थीम (World Health Day Theme 2026)
हर साल यह दिन एक खास थीम के साथ मनाया जाता है. साल 2026 की थीम है “Together for Health, Stand with Science” इसका मतलब है कि बेहतर स्वास्थ्य के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा. साथ ही वैज्ञानिक सोच और तकनीक को अपनाना जरूरी है.
स्वास्थ्य के लिए विज्ञान क्यों है जरूरी
आज का समय तेजी से बदल रहा है. नई-नई बीमारियां सामने आ रही हैं. ऐसे में विज्ञान स्वास्थ्य क्षेत्र का सबसे बड़ा सहारा बन चुका है. नई दवाइयों का निर्माण, वैक्सीन का विकास और आधुनिक जांच तकनीक ये सब विज्ञान की देन हैं. महामारी के दौरान हमने देखा कि कैसे कम समय में वैक्सीन तैयार हुई. इससे लाखों लोगों की जान बच सकी. अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और जीनोमिक रिसर्च की मदद से बीमारियों को पहले से ज्यादा सटीक तरीके से समझा जा रहा है. इससे इलाज आसान और तेज हो गया है.
हेल्दी रहने के 5 आसान टिप्स (Healthy Lifestyle Tips)
स्वस्थ रहने के लिए कुछ आसान आदतें अपनाना बहुत जरूरी है. डॉक्टर भी यही सलाह देते हैं कि छोटी-छोटी चीजें बड़ी बीमारियों से बचा सकती हैं.
संतुलित आहार लें
रोजाना की डाइट में हरी सब्जियां, फल और साबुत अनाज शामिल करें. प्रोटीन और फाइबर भी जरूरी हैं. जंक फूड और ज्यादा मीठा खाने से बचें.
रोज करें एक्सरसाइज
दिन में कम से कम 30 मिनट जरूर एक्टिव रहें. तेज चलना, योग या हल्की दौड़ भी काफी है. इससे शरीर फिट रहता है और वजन कंट्रोल में रहता है.
पूरी नींद लें
डॉक्टर कहते हैं कि हेल्दी रहने के लिए हर दिन 7 से 8 घंटे की नींद जरूरी है. नींद पूरी न होने से थकान और तनाव बढ़ता है. अच्छी नींद शरीर को रीफ्रेश करती है.
तनाव को करें कंट्रोल
आजकल स्ट्रेस आम समस्या बन गया है. योग, ध्यान और गहरी सांस लेने से तनाव कम किया जा सकता है. अपने पसंदीदा काम के लिए भी समय निकालें.
नियमित हेल्थ चेकअप
अक्सर लोग बीमारी बढ़ने के बाद ही डॉक्टर के पास जाते हैं. लेकिन समय-समय पर जांच कराना जरूरी है. इससे बीमारी का पता जल्दी चल जाता है और इलाज आसान होता है.
स्वस्थ समाज ही मजबूत देश की पहचान
वर्ल्ड हेल्थ डे हमें यह सिखाता है कि स्वस्थ व्यक्ति ही स्वस्थ समाज बनाता है. जब लोग फिट रहते हैं, तो देश भी मजबूत बनता है. इस दिन का संदेश साफ है अपनी सेहत को नजरअंदाज न करें. छोटी-छोटी अच्छी आदतें अपनाएं और वैज्ञानिक सोच के साथ आगे बढ़ें.
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