Responsive Scrollable Menu

रियल-टाइम ऑब्जर्वेशन टेक्नोलॉजी से कैंसर के इलाज में मिलेगी मदद: डॉ. श्याम अग्रवाल

नई दिल्ली, 8 अगस्त (आईएएनएस)। नई दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल में मेडिकल ऑन्कोलॉजी विभाग के चेयरपर्सन डॉ. श्याम अग्रवाल ने कहा कि रियल-टाइम ऑब्जर्वेशन टेक्नोलॉजी शोधकर्ताओं को यह समझने में मदद कर सकती हैं कि कोशिकाएं संभावित दवाओं पर कैसी प्रतिक्रिया देती हैं।

उन्होंने कहा कि इससे सूक्ष्म बायोकेमिकल बदलावों का पता लगाने में तेजी आ सकती है और प्री-क्लिनिकल रिसर्च के दौरान असरदार इलाज के तरीकों की बेहतर पहचान हो सकती है।

अग्रवाल ने कहा, कॉम्प्रिहेंसिव जीनोम प्रोफाइलिंग (सीजीपी) और मिनिमल रेसिडुअल डिजीज डिटेक्शन (एमआरडी) के साथ प्रिसिजन ऑन्कोलॉजी को समझने से डॉक्टरों को कैंसर के मरीजों के लिए टारगेटेड पर्सनलाइज्ड मेडिसिन को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

भारतीय मूल की बायोटेक उद्यमी परमिता मिश्रा, जो सैन फ्रांसिस्को स्थित प्रिसिजेनेटिक्स की संस्थापक और सीईओ हैं और जीवित कोशिकाओं से रियल-टाइम बायोकेमिकल जानकारी हासिल करने वाला प्लेटफॉर्म चलाती हैं, ने कहा, जब शोधकर्ता जैविक ऑटोप्सी पर निर्भर रहने के बजाय लगातार यह मापते हैं कि कोशिकाएं कैसा व्यवहार करती हैं, तो उन्हें ऐसी जानकारी मिल सकती है जिसे पहले देखना असंभव था।

मिश्रा ने कहा, इसके असर कैंसर से कहीं आगे तक जाते हैं, जिसमें इम्यूनोलॉजी, न्यूरोसाइंस, दुर्लभ बीमारियां और रीजेनरेटिव मेडिसिन शामिल हैं।

बयान में कहा गया है, पारंपरिक प्रयोगशाला तकनीकों के विपरीत, जिनमें अक्सर विश्लेषण से पहले कोशिकाओं को स्टेन करने, फिक्स करने या तोड़ने की जरूरत होती है, यह प्लेटफॉर्म जीवित बायोलॉजी की लगातार निगरानी करता है। इससे वैज्ञानिक अलग-थलग एंड-पॉइंट माप पर निर्भर रहने के बजाय समय के साथ सेलुलर व्यवहार का अध्ययन कर सकते हैं।

कैंसर की दवा का विकास फार्मास्युटिकल रिसर्च के सबसे मुश्किल क्षेत्रों में से एक बना हुआ है। इंडस्ट्री की स्टडीज से लगातार पता चला है कि क्लिनिकल डेवलपमेंट में आने वाली ऑन्कोलॉजी दवाओं की ज्यादातर संभावित दवाएं मरीजों तक पहुंचने से पहले ही फेल हो जाती हैं।

वैज्ञानिक अक्सर कई विफलताओं का कारण मौजूदा प्रयोगशाला मॉडलों की उस अक्षमता को मानते हैं, जिसके कारण वे जीवित कोशिकाओं की जटिलता और गतिशील व्यवहार को पूरी तरह से नहीं समझ पाते हैं।

इंटरनेशनल एजेंसी फॉर रिसर्च ऑन कैंसर (आईएआरसी) के आंकड़ों के अनुसार, 2022 में भारत में कैंसर के अनुमानित 1.4 मिलियन नए मामले सामने आए।

इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) ने अनुमान लगाया है कि आने वाले दशक में देश में कैंसर का बोझ बढ़ता रहेगा।

--आईएएनएस

पीआईएम/वीसी

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

Continue reading on the app

बिहार की प्रतिभा और उत्पादों को वैश्विक बाजार में मिल रही नई पहचान, एफटीए से खुल रहे निर्यात के नए रास्ते: पीयूष गोयल

नई दिल्ली, 8 अगस्त (आईएएनएस)। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को कहा कि बिहार की प्रतिभा और उत्पाद अब वैश्विक बाजारों में एक नई पहचान बना रहे हैं।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के नए मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) के साथ बिहार के कृषि और कृषि-प्रसंस्कृत, वस्त्र, चमड़ा, फुटवियर, इंजीनियरिंग, रसायन और फार्मास्युटिकल उत्पादों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजारों के द्वार खुल रहे हैं।

मंत्री ने कहा कि बिहार के उत्पाद अब केवल घरेलू बाजार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि दुनिया के विभिन्न देशों में अपनी मौजूदगी दर्ज करा रहे हैं, जिससे राज्य के किसानों, छोटे उद्योगों और निर्यातकों को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।

भारत ने वित्त वर्ष 2025-26 में 863.1 अरब डॉलर के रिकॉर्ड निर्यात का आंकड़ा हासिल किया है, और विभिन्न मुक्त व्यापार समझौते भारतीय कंपनियों और उत्पादों को वैश्विक बाजारों तक बेहतर पहुंच प्रदान कर रहे हैं और निर्यात को अधिक विविध बनाकर श्रम-प्रधान क्षेत्रों को मजबूत कर रहे हैं।

सरकार ने निर्यात बाजारों में विविधता लाने के लिए कई कदम उठाए हैं, जिनमें नए मुक्त व्यापार समझौतों पर हस्ताक्षर करना, प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के साथ व्यापार वार्ता आगे बढ़ाना और विभिन्न निर्यात प्रोत्साहन गतिविधियों को बढ़ावा देना शामिल है। इसके लिए निर्यात संवर्धन मिशन, विदेशों में भारतीय मिशन, निर्यात संवर्धन परिषदों (ईपीसी), उद्योग संगठनों और अन्य हितधारकों के साथ मिलकर काम किया जा रहा है।

पिछले पांच वर्षों में भारत ने 9 महत्वपूर्ण मुक्त व्यापार समझौते किए हैं। इनमें भारत-मॉरीशस सीईसीपीए, भारत-यूएई सीईपीए, भारत-ऑस्ट्रेलिया ईसीटीए, भारत-ईएफटीए टीईपीए, भारत-ओमान सीईपीए, भारत-यूके सीईटीए और भारत-न्यूजीलैंड एफटीए जैसे समझौते शामिल हैं।

सरकार के अनुसार, इन समझौतों का मुख्य उद्देश्य व्यापारिक साझेदार देशों के साथ द्विपक्षीय व्यापार बढ़ाना, बाजार पहुंच का विस्तार करना और दोनों पक्षों की आर्थिक क्षमताओं का बेहतर उपयोग करना है।

मुक्त व्यापार समझौतों से भारतीय उद्योगों, किसानों और उद्यमियों को निर्यात के नए अवसर मिलते हैं। साथ ही रोजगार सृजन, निवेश वृद्धि और उत्पादन क्षमता बढ़ाने में भी मदद मिलती है। विशेष रूप से श्रम-प्रधान क्षेत्रों जैसे टेक्सटाइल, परिधान और चमड़ा उद्योग को इन समझौतों से बड़ा फायदा हो सकता है।

सरकार का कहना है कि इन समझौतों में निष्पक्षता, पारस्परिक लाभ और सभी हितधारकों के हितों को ध्यान में रखते हुए संतुलित व्यवस्था तैयार की गई है। इसके साथ ही तकनीकी बाधाओं को कम करने और विभिन्न देशों के मानकों तथा नियमों को बेहतर तरीके से समझने के लिए भी विशेष प्रावधान शामिल किए गए हैं।

इन प्रावधानों से भारतीय उत्पादों की विदेशी बाजारों तक पहुंच आसान होती है और गैर-टैरिफ बाधाओं (एनटीबी) को दूर करने में सहायता मिलती है। सरकार द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और बहुपक्षीय मंचों के माध्यम से लगातार व्यापारिक साझेदार देशों के साथ बातचीत कर भारतीय निर्यातकों के लिए बेहतर बाजार पहुंच सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है।

--आईएएनएस

डीबीपी

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

Continue reading on the app

  Sports

LPL 2026 Final: हार गई जहीर खान की टीम, 3 बार चूकने वाली गॉल आखिर बनी चैंपियन, 95 गेंदों में खेल खत्म

गॉल गैलेंट्स को इससे पहले 3 अलग-अलग फाइनल में हार का सामना करना पड़ा था, जिसमें से जाफना किंग्स ने भी उसका दिल तोड़ा था. मगर इस बार गॉल ने पुराने सारे हिसाब बराबर करते हुए ट्रॉफी पर कब्जा कर लिया. Sat, 08 Aug 2026 23:48:03 +0530

  Videos
See all

Iran America War Update: 3 बजते ही ईरान-अमेरिका युद्ध पर बड़ी खबर!Trump & Mojtaba Khamenei Big News #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-08T21:30:35+00:00

News Ki Pathshala | Rubika Liyaquat | Delimitation पर सियासी घमासान.. आंकड़ों में किसका पलड़ा भारी? #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-08T21:45:16+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers