कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोमवार को पलक्कड़ में एक रैली के दौरान केरल विधानसभा चुनाव से पहले केरल के मुख्यमंत्री पिनारयी विजयन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर राजनीतिक गठबंधन का आरोप लगाया। समर्थकों को संबोधित करते हुए लोकसभा में विपक्ष के नेता ने कहा कि दिल्ली में एक ऐसा व्यक्ति है जो सोचता है कि भारत का नेतृत्व उसके सिवा कोई नहीं कर सकता, उसका नाम मोदी है, और केरल में एक ऐसा व्यक्ति है जो सोचता है कि केरल का नेतृत्व उसके सिवा कोई नहीं कर सकता। इन लोगों का अहंकार देखिए कि वे सोचते हैं कि केरल और देश का नेतृत्व केवल वही कर सकते हैं। दोनों साझेदार हैं। वे एक-दूसरे का समर्थन कर रहे हैं… प्रधानमंत्री मोदी यहां आते हैं और हर भाषण में भगवान, हिंदू धर्म और धर्म की बात करते हैं। लेकिन केरल में वे सबरीमाला और वहां से चोरी हुए सोने की बात नहीं करते।
गांधी ने आगे दावा किया कि वे प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), आयकर विभाग और भाजपा के मीडिया सेल के मुख्य निशाने पर हैं। उन्होंने आगे कहा कि मैं भाजपा के खिलाफ लड़ता हूं। मैंने कन्याकुमारी से कश्मीर तक 4,000 किलोमीटर पैदल यात्रा की। प्रवर्तन निदेशालय ने मुझसे 55 घंटे तक पूछताछ की। मैं जमानत पर बाहर हूं। मेरी लोकसभा सदस्यता रद्द कर दी गई। मैं प्रवर्तन निदेशालय, आयकर विभाग और भाजपा के मीडिया सेल का मुख्य निशाना हूं।
उन्होंने सवाल उठाया कि पिनारयी विजयन और उनके परिवार की जांच क्यों नहीं की गई। गांधी ने आरोप लगाया कि भाजपा केरल के मुख्यमंत्री पर हमला क्यों नहीं करती? उनसे और उनके परिवार से पूछताछ क्यों नहीं की जाती? सभी जानते हैं कि केरल के मुख्यमंत्री भ्रष्ट हैं। प्रधानमंत्री मोदी यहां आते हैं और सबरीमाला मंदिर या सोने की चोरी के बारे में बात नहीं करते क्योंकि वे मुख्यमंत्री को बचाना चाहते हैं। कांग्रेस नेता ने केरल में चलाए गए एक विज्ञापन अभियान का भी जिक्र किया, जिसमें मुख्यमंत्री की तस्वीर के साथ 'और कौन' टैगलाइन छपी थी। उन्होंने कहा कि इससे यह संकेत मिलता है कि राज्य का प्रभावी नेतृत्व कोई और नहीं कर सकता।
भाजपा के साथ अपने संघर्षों के दौरान केरल की प्रतिक्रिया के बारे में गांधी ने कहा कि जब भाजपा मुझ पर प्रतिदिन हमले कर रही थी, तब केरल मेरे साथ खड़ा रहा। यूडीएफ और एलडीएफ दोनों के लोगों ने मेरी देखभाल की। जब मुझे सुरक्षा की जरूरत थी, तब पूरे केरल ने मेरी रक्षा की। उन्होंने एलडीएफ पर केरल में एक नया अभियान शुरू करने का आरोप लगाया, जिसमें राज्य के मुख्यमंत्री को भाजपा के साथ जोड़ा जा रहा था। उन्होंने कहा कि आज केरल में एलडीएफ द्वारा एक नया अभियान शुरू किया गया है। भाजपा के प्रति आपके मुख्यमंत्री का रवैया वही है जो आप कहते हैं कि मैं करूंगा। डोनाल्ड ट्रंप नरेंद्र मोदी को नियंत्रित करते हैं, और नरेंद्र मोदी आपके मुख्यमंत्री को नियंत्रित करते हैं।
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सोमवार दोपहर करीब 2 बजे दिल्ली विधानसभा परिसर में एक नकाबपोश व्यक्ति ने कार से लोहे का गेट तोड़ दिया और एक अजीबोगरीब हरकत करने के बाद वहां से फरार हो गया। इस घटना को एक बड़ी सुरक्षा चूक माना जा रहा है, जिसके बाद एक संदिग्ध को गिरफ्तार कर लिया गया है और दो अन्य को हिरासत में लिया गया है। कार चला रहे व्यक्ति की पहचान सरबजीत सिंह के रूप में हुई है, जिसे हिरासत में ले लिया गया है। वह वीआईपी के लिए इस्तेमाल होने वाले गेट नंबर 2 को तोड़कर अंदर घुसा; कार से उतरकर स्पीकर विजेंद्र गुप्ता की कार के पास बरामदे पर फूलों का गुलदस्ता रखा और गाड़ी लेकर चला गया। पुलिस ने बताया कि उसे सीसीटीवी फुटेज में देखा गया था।
अंदर और बाहर आते-जाते समय उसने लोहे के ऊंचे गेट और बैरियर को टक्कर मारी। तीनों संदिग्धों को लगभग दो घंटे में पकड़ लिया गया। बम निरोधक दल और अपराध शाखा को बुलाया गया है, लेकिन अभी तक कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला है। विशेष पुलिस आयुक्त (विशेष प्रकोष्ठ) अनिल शुक्ला और विशेष पुलिस आयुक्त (कानून व्यवस्था) रविंद्र यादव पहले से ही घटनास्थल पर मौजूद हैं। अधिकारियों ने बताया कि उत्तर प्रदेश के नंबर वाला यह वाहन अपराह्न करीब दो बजे द्वार संख्या दो से विधानसभा परिसर में दाखिल हुआ। सूत्रों के अनुसार चूंकि यह मुख्य द्वार नहीं है, इसलिए विधानसभा सत्र नहीं होने की स्थिति में इसके आसपास सुरक्षा अपेक्षाकृत कम थी।
दिल्ली सचिवालय के एक अधिकारी ने बताया kf कार चालक विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता के कार्यालय की ओर गया और वहां ड्योढ़ी (पोर्च) के पास गुलदस्ता रखकर वापस चला गया। उन्होंने कहा कि इस घटना से सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा हो गई हैं और अधिकारी इसे सुरक्षा चूक मान रहे हैं। घटना के तुरंत बाद विशेष पुलिस आयुक्त (कानून और व्यवस्था) रवींद्र यादव घटनास्थल पर पहुंचे और जांच का निरीक्षण किया। यादव ने बताया कि पुलिस ने घटनाओं के क्रम का पता लगाने के लिए इलाके और आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की।
वाहन और उसमें सवार लोगों का पता लगाने के लिए पुलिस टीमें गठित की गईं और पड़ोसी राज्यों को अलर्ट भेजा गया। संदिग्ध कार की जानकारी स्थानीय पुलिस इकाइयों के साथ साझा की गई। बाद में पुलिस ने चालक समेत तीन लोगों को पकड़ लिया। एक पुलिस अधिकारी ने बताया, तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है। कार बरामद कर ली गई है। इसी बीच, फोरेंसिक विशेषज्ञों ने विधानसभा परिसर के अंदर कथित तौर पर रखे गए गुलदस्ते की जांच की। बम निरोधक दस्ते और खोजी कुत्ते के दस्ते ने किसी भी विस्फोटक खतरे की संभावना को खत्म करने के लिए इलाके की गहन तलाशी ली। यह घटना ऐसे वक्त हुई है जब विधानसभा को हाल में समाप्त हुए बजट सत्र के दौरान बम संबंधी घटना हुई थी।
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