क्या पाकिस्तान रोक पाएगा जंग? ईरान-अमेरिका के सामने रखा नया फॉर्मूला
Iran Israel War Pakistan Proposal: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच एक नई कूटनीतिक हलचल सामने आई है. अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी रॉयटर के सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तान ने ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध खत्म कराने के लिए एक प्रस्ताव साझा किया है. बताया जा रहा है कि इस प्रस्ताव का मकसद क्षेत्र में बढ़ते तनाव को कम करना और समुद्री व्यापार को सामान्य करना है. एजेंसी सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तान ने बातचीत के जरिए समाधान निकालने की बात रखी है ताकि स्थिति और ज्यादा गंभीर न हो.
प्रस्ताव में होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने की बात क्यों?
बताया जा रहा है कि पाकिस्तान के प्रस्ताव में होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को खुला रखने पर जोर दिया गया है. बता दें होर्मुज दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्गों में से एक माना जाता है, जहां से वैश्विक तेल सप्लाई का बड़ा हिस्सा गुजरता है. अभी ये मार्ग बाधित है, अगर यह मार्ग बंद होता है तो दुनिया भर में तेल की कीमतों और व्यापार पर बड़ा असर पड़ सकता है.
क्या ईरान इस प्रस्ताव पर सहमत है?
ईरान के कुछ सूत्रों के मुताबिक फिलहाल किसी भी प्रस्ताव पर तुरंत फैसला लेने की स्थिति नहीं है. ईरानी अधिकारियों का कहना है कि वे किसी भी तरह के अंतरराष्ट्रीय दबाव में आकर फैसला नहीं करेंगे. उनके मुताबिक राष्ट्रीय सुरक्षा और रणनीतिक हितों को ध्यान में रखकर ही आगे का कदम तय किया जाएगा.
क्या इससे युद्ध रुक सकता है?
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर इस तरह की मध्यस्थता सफल होती है तो इससे क्षेत्र में तनाव कम हो सकता है. हालांकि अभी यह साफ नहीं है कि अमेरिका, ईरान और अन्य क्षेत्रीय शक्तियां इस प्रस्ताव पर किस तरह प्रतिक्रिया देंगी. फिलहाल कूटनीतिक स्तर पर बातचीत जारी रहने की उम्मीद जताई जा रही है.
FAQ
Q1. पाकिस्तान ने किस बारे में प्रस्ताव दिया है?
सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तान ने ईरान और अमेरिका के साथ युद्ध खत्म कराने और तनाव कम करने को लेकर एक प्रस्ताव साझा किया है.
Q2. प्रस्ताव में होर्मुज का जिक्र क्यों है?
होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल व्यापार का अहम रास्ता है, इसलिए इसे खुला रखने की बात कही गई है.
Q3. क्या ईरान ने प्रस्ताव मान लिया है?
नहीं, ईरानी सूत्रों के मुताबिक किसी भी दबाव में फैसला नहीं लिया जाएगा.
Q4. क्या इससे मिडिल ईस्ट का तनाव कम हो सकता है?
अगर बातचीत आगे बढ़ती है तो कूटनीतिक समाधान की संभावना बन सकती है.
अदरक और सेंधा नमक से बना तेल कानों के दर्द से आराम दिलाने में है प्रभावी, जान लें प्रयोग से पहले की सावधानी
नई दिल्ली, 6 अप्रैल (आईएएनएस)। कान के दर्द की समस्या के कई कारण हो सकते हैं लेकिन आज के समय में हेडफोन और ईयरबड्स का इस्तेमाल कानों को अधिक क्षति पहुंचाता है।
सुनने के लिए इस्तेमाल होने वाले उपकरण कानों के सुनने की क्षमता को भी प्रभावित करते हैं लेकिन आयुर्वेद मुख्यत इसे वात दोष का असंतुलन मानता है। आयुर्वेद में कानों के दर्द के लिए एक प्रभावी तरीका बताया गया है, जिसकी मदद से कानों हल्के और शुरुआती दर्द में आराम पाया जा सकता है।
आयुर्वेद में कानों के दर्द को वात की वृद्धि से जोड़ा गया है। वात की वृद्धि होने से कान में शुष्कता और जकड़न हो जाती है, जिससे कानों मे धीरे-धीरे दर्द बढ़ने लगता है। आयुर्वेद में हल्के दर्द के लिए प्रभावी तेल के बारे में बताया गया है, जिसका इस्तेमाल पुराने समय से किया जा रहा है। इसके लिए अदरक का रस, सेंधा नमक और दो बूंद नींबू को मिलाकर सरसों के तेल के साथ गर्म करें। अच्छे से पक जाने पर तेल को छानकर अलग कर लें। ठंडा होने पर तेल को प्रभावित कान में दो बूंद डालें। इससे धीरे-धीरे दर्द से राहत मिलेगी।
तेल में मौजूद अदरक को आयुर्वेद में दर्द निवारक माना जाता है। इसकी तासीर गर्म होती है और स्वभाव दर्द को कम करने वाला होता है। इसके साथ ही अदरक में वात को शांत करने वाले गुण भी होते हैं। वहीं सेंधा नमक भी दर्द में प्रभावी तरीके के काम करता है। ये दोनों पदार्थ मिलकर वात को संतुलित करने से लेकर दर्द को कम करने में मदद करते हैं।
तेल का इस्तेमाल करने से पहले कान को अच्छी तरह से साफ कर लें। कई बार गंदगी होने की वजह से कान में संक्रमण की वजह से भी दर्द हो जाता है। ऐसे में साफ करने के बाद ही तेल का इस्तेमाल करें। इस तेल के इस्तेमाल से पहले कुछ सावधानियां बरतनी भी जरूरी हैं। अगर कान में किसी तरह का घाव है, या फिर कान बह रहा है, तब इस तेल को डालने से बचे। इसके लिए चिकित्सक की सलाह है और आगे की प्रक्रिया जानें।
कान में दर्द होने पर कोशिश करें कि नहाते वक्त साबुन का पानी कान के भीतर न जाए। इससे कान में शुष्कता बढ़ती है और चिपचिपा होने की वजह से कान में संक्रमण का खतरा भी बढ़ जाता है। ऐसे में हर दो दिन में कानों की सफाई जरूर करें।
--आईएएनएस
पीएस/पीएम
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
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