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‘मेरे पास जादू की छड़ी थोड़े ना है…’, दारोगा ने पल्ला झाड़ कर दिया केस बंद, मां ने 1.5 साल बाद खुद ढूंढ बेटे का कातिल

Dehradun News: देहरादून में 18 वर्षीय क्षितिज की सड़क हादसे में मौत के बाद पुलिस ने बहाना बनाकर केस बंद कर दिया था. मृतक की मां ललिता चौधरी ने हार नहीं मानी और डेढ़ साल तक खुद CCTV फुटेज खंगालकर आरोपी डंपर चालक को ढूंढ निकाला. अब SSP ने मामले की पुनः जांच के आदेश दिए हैं.

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प्रधानमंत्री 'नरेन्द्र मोदी' के नेतृत्व में सफलता के नित-नए आयाम स्थापित करती 'भाजपा'

भारत को एक समर्थ शक्तिशाली राष्ट्र बनाने के लक्ष्य के साथ राष्ट्र को प्रथम मानने का दावा करने वाले राजनेताओं के एक समूह ने वर्ष 1980 में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का गठन किया था। भाजपा का गठन नई दिल्ली के कोटला मैदान में 6 अप्रैल 1980 को आयोजित एक कार्यकर्ता अधिवेशन में तत्कालीन दिग्गज नेताओं की उपस्थिति किया गया था। उस वक्त भाजपा के प्रथम अध्यक्ष के रूप में लोकप्रिय नेता अटल बिहारी वाजपेयी निर्वाचित हुए थे, जो बाद में देश के प्रधानमंत्री पद तक पहुंचे थे। 

भाजपा नेतृत्व व कार्यकर्ताओं ने सनातन धर्म संस्कृति परंपराओं को अपनाते हुए, अंतर्राष्ट्रीय, राष्ट्रीय, सांस्कृतिक राष्ट्रवाद एवं लोकहित के विषयों पर कांग्रेस के प्रति मुखर रहते हुए उसको जनता की अदालत में घेरकर के भारतीय लोकतंत्र में अपनी एक अलग ही विशिष्ट पहचान बनाते हुए सशक्त भागीदारी दर्ज करते हुए देश की राजनीति को नए आयाम देने का कार्य किया है। जनता पार्टी की गठबंधन वाली सरकार के दौर के बाद से ही भाजपा नेता अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी आदि ने दिन-रात मेहनत करके भाजपा को अपने पैरों पर खड़ा होने लायक़ बनाया और भाजपा ने अपना पहला लोकसभा चुनाव वर्ष 1984 में लड़ा था, जिसमें उसने 2 सीटों पर जीती हासिल करके भाजपा ने खाता खोला था। उसके बाद भाजपा के नेता लालकृष्ण आडवाणी अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के मुद्दे को जोर-शोर से उठाया, जिसके चलते उस वक्त भाजपा की देश के कई राज्यों में सरकार बनी और भाजपा को कल्याण सिंह जैसा फॉयर ब्रांड राजनेता मिला था। शीर्ष नेतृत्व व कार्यकर्ताओं की वर्षों की मेहनत के दम पर ही वर्ष 1996 में अटल बिहारी वाजपेयी को गठबंधन सरकार का नेतृत्व करने का अवसर मिला था। जिसके बाद भाजपा ने अपनी जड़ें देश के अधिकांश हिस्सों में जमाने के लिए कार्य तेज़ी से करना शुरू किया था।

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अटल युग के बाद 10 वर्ष तक केन्द्र में विपक्ष में बैठने के लंबे वनवास के बाद वर्ष 2014 में प्रचंड बहुमत के साथ नरेन्द्र मोदी देश के प्रधानमंत्री बने। भाजपा में यह नरेन्द्र मोदी व अमित शाह के युग जबरदस्त ढंग से प्रारंभ था। मोदी-शाह के इस दौर में भाजपा ने राजनीति के नित-नए कीर्तिमान स्थापित किए, अपने लोकप्रिय राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के नेतृत्व में लगभग 11 करोड़ सदस्य बनाकर के विश्व की सबसे बड़ी राजनैतिक पार्टी बनने का खिताब हासिल किया। वहीं मोदी-शाह की इस जोड़ी ने आज भी अपनी चाणक्य नीति व देश में विकास पर आधारित राजनीति की मजबूत नींव रखकर विपक्षी दलों की नींद उड़ानें का काम कर रखा है। आज देश में देश में दिल्ली, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, असम, नगालैंड, त्रिपुरा, मेघालय, मिजोरम, बिहार और आंध्र प्रदेश में भाजपा या एनडीए सरकार हैं। देशभर में भारतीय जनता पार्टी के पास लगभग सर्वाधिक 1654 विधायक हो गए हैं। भाजपा के पास लगभग 240 लोकसभा सांसद हैं, वहीं लगभग 106 राज्यसभा सांसद हैं। देश की राजनीति में मोदी-शाह की जोड़ी का जलवा कायम है, विपक्षी दल उनकी राजनीति की काट नहीं ढूंढ पा रहे हैं। जिसके चलते देश के हृदय गुजरात, हरियाणा, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, दिल्ली, राजस्थान आदि राज्यों में भाजपा काबिज है, केन्द्र के साथ कई राज्यों में भाजपा लगातार सरकार बनाने में सफल हो रही है‌।

बहुत सारे लोगों का मानना है कि देश में आम लोगों को मोदी राज में विकास कार्यों का बड़ा सकारात्मक परिवर्तन धरातल पर नज़र आने लगा है। देश के विश्वस्तरीय नव निर्माण के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर पर बहुत तेज़ी से कार्य चल रहे हैं। मोदी सरकार एक सुदृढ़, सशक्त, समृद्ध, समर्थ एवं स्वावलम्बी भारत के निर्माण हेतु निरंतर सक्रिय है। वह भारत को ‘विश्व गुरू’ के रूप में विश्व पटल पर स्थापित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। मोदी भारत को विश्व के विभिन्न राष्ट्रों को प्रभावित करने की क्षमता विकसित करने के लिए निरंतर कार्य कर रहे है। देश में आज भाजपा एक ऐसे प्रमुख राष्ट्रवादी दल के रूप में उभर कर सामने आ रही है जिस दल का लक्ष्य देश में सुशासन, विकास, एकता एवं अखंडता के लिए कार्य करना है। 26 मई, 2014 को नरेन्द्र मोदी ने जब से भारत के प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ ग्रहण की है तब से ही मोदी सरकार ने अपनी अनेक  योजनाओं के माध्यम से देश में नव निर्माण के एक नए युग की शुरुआत की है। आज मोदी सरकार की नीतियां आम जनमानस के बीच लोकप्रिय हैं, मोदी सरकार की योजनाएं अन्त्योदय, सुशासन, विकास एवं समृद्धि के रास्ते पर देश को आगे बढ़ाने का कार्य कर रही हैं। आम लोगों को आर्थिक और सामाजिक सुधार से परिपूर्ण सुरक्षित जीवन जीने का मार्ग उपलब्ध करा रही हैं। किसानों के लिये ऋण से लेकर खाद तक की नयी नीतियां जैसे प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, सॉयल हेल्थ कार्ड, आदि ने कृषि के तीव्र विकास की देशभर में एक नयी अलख जगायी है। आम जनमानस के बीच मोदी सरकार के दौर को एक नये युग के रूप में देखा जा रहा है। भाजपा की मोदी सरकार सुशासन, आदर्श ग्राम योजना, स्वच्छता अभियान, योग के सहारे भारत को स्वथ्य बनाने का अभियान आदि से देश को एक नयी ऊर्जा देने का कार्य कर रही है। भाजपा की मोदी सरकार ने मेक इन इंडिया, स्किल इंडिया, अमृत मिशन, दीनदयाल ग्राम ज्योति योजना, डिजिटल इंडिया आदि जैसी योजनाओं से भारत को आधुनिक और सशक्त बनाने की दिशा में मजबूत कदम उठाया है। जनधन योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढाओ, सुकन्या समृद्धि योजना जैसी अनेक योजनाएं देश में एक नयी क्रांति का सूत्रपात कर रही हैं। वहीं राम मंदिर निर्माण, धारा 370 की समाप्ति व पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब देकर भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने अपनी पैठ आम जनमानस के बीच और मजबूत करने का काम किया है। भाजपा के तेजतर्रार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बुलडोजर न्याय और हेमंत बिस्वा शर्मा की कार्यशैली की पूरे देश में चर्चा है। भारतीय जनता पार्टी ने जनता की अदालत में यह साबित कर दिया है कि भारतीय लोकतंत्र के लिए अपेक्षित ओजस्वी नेतृत्व आज केवल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पास मौजूद है।

- दीपक कुमार त्यागी
अधिवक्ता, स्वतंत्र पत्रकार, स्तंभकार व राजनीतिक विश्लेषक

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  Sports

फिर से एक हो रहे हैं स्मृति-पलाश! फैमिली को साथ देख फिर शुरू हुई शादी की चर्चा

भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्टार खिलाड़ी स्मृति मंधाना और पॉपुलर म्यूजिक कंपोजर पलाश मुच्छल पिछले साल नवंबर 2025 में सात फेरे लेने वाले थे लेकिन शादी से एक दिन पहले खबर आई कि ये  शादी कुछ दिनों के लिए टल गई है फिर रिश्ता टूटने की खबरें भी आने लगी। लेकिन अब एक बार कहा जा रहा है कि स्मृति और पलाश का पैचअप हो गया है। 

बता दें कि, शादी टूटने के खबरों के बाद पलाश पर कई तरह के आरोप भी लगे। कहा गया कि उन्होंने स्मृति को धोखा दिया था जिस कारण से ये शादी टूटी। उसके बाद पलाश को लोगों ने धोखेबाज का टैग देकर  खूब ट्रोल किया था। वहीं स्मृति मंधाना को लोगों का काफी सपोर्ट मिला था। 

हालांकि, स्मृति मंधाना ने कभी भी इस पर खुलकर बात नहीं की। वहीं पलाश ने हमेशा धोखा देने के आरोपों को सिर्फ बकवास करार दिया। अब एक लेटेस्ट वीडियो को देख फैंस के चेहरे पर खुशी वापस लौट आई है। दरअसल, इस वीडियो को देखने के बाद फैंस के दिल में फिर से स्मृति मंधाना और पलाश मुच्छल के साथ आने आने की उम्मीद जाग उठी है। 

दरअसल, जो लेटेस्ट वीडियो सामने आया है उसमें पलाश मुच्छल की बहन और सिंगर पलक मुच्छल और स्मृति मंधाना के पिता श्रीनिवास मंधाना साथ नजर आ रहे हैं। इस दौरान म्यूजिक डायरेक्टर मिथुन भी मौजूद थे। इन तीनों को मुंबई में एक रेस्टोरेंट के बाहर स्पॉट किया गया। 
Wed, 08 Apr 2026 16:48:09 +0530

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