सीएम धामी का 9.87 लाख से ज्यादा पेंशन धारकों को तोहफा, 146 करोड़ रुपये से ज्यादा की जारी की किश्त
Uttarakhand News: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को राज्य के 9.87 लाख से ज्यादा पेंशन धारकों को सौगात दी. दरअसल, सीएम धामी ने 9 लाख 87 हजार 17 पेंशन लाभार्थियों को कुल 146 करोड़ 32 लाख 50 हजार रुपये की पेंशन राशि का भुगतान किया. सीएम धामी ने पेंशन की राशि डीबीटी के माध्यम से लाभार्थियों के खातों में ट्रांसफर की. यह भुगतान जुलाई माह 2026 की पेंशन का किया गया.
समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है सरकार- सीएम धामी
इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार, समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है. सीएम ने कहा कि पेंशन राशि का समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से सीधे लाभार्थियों के खातों में ट्रांसफर किया जा रहा है. जिससे पात्र लोगों को सरकारी योजनाओं का सीधे लाभ मिल रहा है. उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज का कमजोर वर्ग, सरकार के परिवार का हिस्सा है. राज्य सरकार का प्रयास है कि पेंशन के लिए किसी बुजुर्ग माता-पिता, विधवा बहन या दिव्यांग भाई को कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें. हमारा संकल्प प्रत्येक पात्र नागरिक को सम्मानपूर्वक, समय पर और बिना किसी परेशानी के उसका अधिकार पहुँचाना है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास की भावना के साथ उत्तराखंड को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है. राज्य का विकास समाज के प्रत्येक वर्ग के विकास से ही संभव है.
समाज कल्याण मंत्री श्री खजान दास ने कहा कि समाज कल्याण विभाग द्वारा माह जुलाई-2026 की पेंशन किश्त का भुगतान किया गया है. इस माह विभिन्न पेंशन योजनाओं के 9लाख 87 हजार 17 लाभार्थियों को पेंशन धनराशि का भुगतान किया गया. उक्त लाभार्थियों में ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार के राष्ट्रीय सामजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) के 2.15 लाख पेंशनर भी सम्मिलित हैं जिन्हें वर्तमान में SNA स्पर्श नामक नवीन प्रणाली से भुगतान किया जा रहा है.
गौरतलब है कि जुलाई 2026 में विभिन्न पेंशन योजनाओं के तहत कुल 9,87,017 लाभार्थियों को पेंशन का लाभ दिया गया. इसके लिए कुल 146.32 करोड़ रुपये की धनराशि वितरित की गई. इसके अंतर्गत वृद्धावस्था पेंशन के कुल 6,15,628 लाभार्थियों को 1,500 रुपये प्रतिमाह की दर से 92.34 करोड़ रुपये की पेंशन वितरित की गई. वहीं विधवा पेंशन के 2,36,983 लाभार्थियों को 1,500 रुपये प्रतिमाह की दर से 35.54 करोड़ रुपये की धनराशि दी गई.
दिव्यांग पेंशन के 89,128 लाभार्थियों को 1,500 रुपये की दर से 13.36 करोड़ रुपये, किसान पेंशन के 27,288 लाभार्थियों को 1,200 रुपये की दर से 3.2 करोड़ रुपये तथा परित्यक्ता पेंशन के 8,284 लाभार्थियों को 1,200 रुपये की दर से 99.408 लाख रुपये वितरित किए गए. इसके अलावा भरण-पोषण अनुदान के 7,383 लाभार्थियों को 700 रुपये की दर से 51.68 लाख रुपये, तीलू रौतेली पेंशन के 2,196 लाभार्थियों को 1,200 रुपये की दर से 26.35 लाख रुपये तथा बौना पेंशन के 127 लाभार्थियों को 1,200 रुपये की दर से 1.524 लाख रुपये की धनराशि वितरित की गई.
इस अवसर पर सचिव समाज कल्याण श्री श्रीधर बाबू अद्दांकी, निदेशक जनजाति कल्याण श्री संजय टोलिया, अपर सचिव श्री सुन्दरलाल सेमवाल, निदेशक श्री संजय कुमार, अपर निदेशक श्री योगेंद्र रावत, संयुक्त निदेशक श्री जी.आर नौटियाल, श्री गोवर्धन सिंह एवं अन्य लोग मौजूद रहे.
खेल के मैदान में आतंक की साजिश, वर्ल्ड कप के दौरान रोनाल्डो और मेसी पर बम से हमले का था प्लान
Lionel Messi: साल 2026 का फीफा विश्व कप जहां मैदान पर अपने रोमांचक मुकाबलों के लिए याद किया जाएगा, वहीं मैदान के बाहर यह सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हुआ. इस टूर्नामेंट में स्पेन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में डिफेंडिंग चैंपियन अर्जेंटीना को मात दी और लंबे समय से चले आ रहे अपने खिताबी सूखे को खत्म किया. पूरे टूर्नामेंट में लियोनेल मेसी और क्रिस्टियानो रोनाल्डो जैसे दिग्गजों का जलवा कायम रहा, लेकिन हाल ही में सामने आई एक रिपोर्ट ने खेल जगत को सन्न कर दिया है. पुलिस दस्तावेजों से यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि इस महाकुंभ के दौरान मेसी और रोनाल्डो जैसे सितारों पर जानलेवा हमलों की गहरी साजिश रची गई थी.
मेसी पर हमला करने की दी थी चेतावनी
इस टूर्नामेंट के दौरान अर्जेंटीना के कप्तान लियोनेल मेसी असामाजिक तत्वों के सबसे बड़े निशाने पर थे. स्पेनिश मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, डलास में अर्जेंटीना और जॉर्डन के बीच होने वाले मैच से पहले एक अज्ञात शख्स ने एयरपोर्ट पर फोन करके हड़कंप मचा दिया. उसने धमकी दी कि वह अपने दो अन्य साथियों, देसी बमों और खतरनाक हथियारों के साथ स्टेडियम की ओर बढ़ रहा है. इस धमकी में विशेष तौर पर मेसी और पुलिस अधिकारियों को जान से मारने की बात कही गई थी. इसके अलावा, अटलांटा में मिस्र के खिलाफ मैच से पहले भी सोशल मीडिया पर एक यूजर ने स्टेडियम के अंदर घुसकर मेसी पर विस्फोटकों से हमला करने की चेतावनी दी थी. स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई थी कि मैच के दौरान स्टेडियम में बम होने की सूचना पर बम निरोधक दस्ते और खोजी कुत्तों की मदद से चप्पे-चप्पे की तलाशी ली गई.
सुरक्षा एजेंसियों ने दिखाई मुस्तैदी
खिलाड़ियों पर मंडराते इस खतरे को देखते हुए अमेरिका और अन्य प्रतिभागी देशों की सुरक्षा एजेंसियों ने मिलकर एक बेहद मजबूत अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा जाल तैयार किया था. इस पूरे ऑपरेशन में एफबीआई ने केंद्रीय भूमिका निभाई. यह खुफिया नेटवर्क किसी भी तरह के आतंकी अलर्ट, हिंसक धमकियों और संदिग्ध गतिविधियों को ट्रैक कर रहा था. सुरक्षा व्यवस्था केवल मैदान तक ही सीमित नहीं थी, बल्कि खिलाड़ियों के ठहरने के स्थानों और उनके परिवारों की सुरक्षा को भी इसी कड़ी निगरानी का हिस्सा बनाया गया था ताकि किसी भी खतरे को पनपने से पहले ही कुचला जा सके.
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