Kal Ka Mausam: कल भी आंधी-बारिश की आशंका, जानें आपके राज्य का कैसा रहेगा हाल
Kal Ka Mausam: मौसम अब आम आदमी के लिए एक बड़ी परेशानी बन गया है. मौसम कब और किस और पलटी मार जाए ये कोई बता ही नहीं पा रहा है. कभी धूप होती है तो कभी बारिश तो कभी गर्मी लगती है तो कभी ठंड. मौसम के ये हालात अमूमन पूरे देश में ऐसा बना हुआ है. इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD ने कल के मौसम को लेकर संभावनाएं जताईं हैं. मौसम विभाग के अनुसार, 6 अप्रैल 2026 को देश के विभिन्न राज्यों का मिजाज बदला-बदला सा रहेगा.
बता दें, पश्चिमी विक्षोभ के एक्टिव होने की वजह से उत्तर और मध्य भारत के विभिन्न हिस्सों में आंधी और तूफान के साथ बारिश की संभावना जताई गई है. मौसम विभाग का कहना है कि दिल्ली-एनसीआर में कल भी बादल छाए रह सकते हैं. यहां हल्की बारिश भी हो सकती है. बिहार और झारखंड में तेज हवाएं और ओले पड़ने की संभावना है. इसके अलावा, उत्तर प्रदेश के कहीं बारिश तो कहीं मौसम सूखा रह सकता है.
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— India Meteorological Department (@Indiametdept) April 5, 2026
राज्यवार देखें मौसम का हाल
उत्तर भारत और दिल्ली-NCR: IMD के अनुसार, दिल्ली-NCR में कल बादल छाए रह सकते हैं और हल्की बारिश की संभावना है. भारी बारिश के आसार कम हैं. IMD के अनुसार, 6 अप्रैल 2026 को उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में भारी बारिश और आंधी हो सकती है तो वहीं कुछ स्थानों पर मौसम शुष्क रह सकता है.
पहाड़ी राज्य: हिमाचल प्रदेश के ऊंचे क्षेत्रों और मध्य इलाकों के कुछ स्थानों पर कल हल्की से मध्यम बर्फबारी और बारिश हो सकत है. मौसम विभाग ने सोलन, शिमला, मंडी और कुल्लू जैसे जिलों में बारिश और बिजली गिरने का येलो अलर्ट जारी किया है. इसके अलावा, उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में कल बर्फबारी हो सकती है. जबकि मैदानी इलाको में बादल छाएंगे और हल्की बारिश या फिर बूंदाबंदी हो सकती है. मौसम विभाग ने जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के ऊंचे इलाकों में हल्की बर्फबारी और छिटपुट बारिश की संभावना जताई है.
मध्य और पूर्वी भारत: मौसम विभाग ने भोपाल, सतना और दमोह जैसे मध्य प्रदेश के कुछ जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। बिहार, झारखंड और ओडिशा में 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती है. मौसम विभाग ने इन राज्यों में ओलावृष्टि की चेतावनी भी दी है.
दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत: दक्षिण भारत के राज्य जैसे तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक में हल्की से मध्यम बारिश होगी. अरुणाचल प्रदेश में भी भारी बारिश की आशंका जताई गई है.
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मौसम विभाग ने जारी की सलाह
मौसम विभाग ने किसानों और यात्रियों को सलाह दी है कि वे सतर्क रहें क्योंकि तेज हवाओं और ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान होता है. खराब मौसम का असर ट्रैफिक पर भी पड़ सकता है.
भीषण गर्मी में राहत का दूसरा नाम सूती कपड़े, हल्के रंगों का चुनाव भी जरूरी
नई दिल्ली, 5 अप्रैल (आईएएनएस)। देश के कई हिस्सों का तापमान तेजी से बढ़ता जा रहा है। ऐसे में चिलचिलाती धूप, उमस और लू के थपेड़ों के बीच किस तरह के कपड़े पहनें, यह एक बड़ी समस्या है। भीषण गर्मी से बचने के लिए सूती कपड़ों से बेहतर विकल्प और कुछ नहीं है।
गर्मियों में अधिकतम तापमान 45 डिग्री तक पहुंच जाता है, तब गलत कपड़े पहनना पसीने, चिपचिपाहट और चिड़चिड़ेपन का कारण बन सकता है। एक्सपर्ट्स की सलाह है कि इस मौसम में हमेशा हल्के सूती (कॉटन) कपड़े ही पहनें। सही कपड़े सिर्फ शरीर को आराम नहीं देते, बल्कि मन को भी शांत रखते हैं। जब शरीर ठंडा और सूखा रहता है, तो चिड़चिड़ापन कम होता है। सूती कपड़े पहनने से मन हल्का और तरोताजा महसूस करता है, जिससे पूरा दिन बेहतर बीतता है। गर्मी के मौसम में सूती कपड़े न सिर्फ आराम देते हैं, बल्कि टिकाऊ और पर्यावरण के अनुकूल भी हैं। पुराने समय से दादी-नानी गर्मी के मौसम में सूती कपड़े पहनने की सलाह देती आ रही हैं।
अब सवाल है कि सूती कपड़ा ही क्यों? सूती कपड़ा पूरी तरह प्राकृतिक होता है। इसमें कोई रसायन या सिंथेटिक फाइबर नहीं होता। इसकी सबसे बड़ी खूबी यह है कि यह हवा को आसानी से आने-जाने देता है। कहने का मतलब है कि यह सांस लेने योग्य फैब्रिक है। इससे तेज धूप में भी त्वचा ठंडी और सूखी रहती है। दूसरा बड़ा फायदा यह है कि सूती कपड़ा पसीने को बहुत अच्छी तरह सोख लेता है। पसीना कपड़े में फैल जाता है और हवा के संपर्क में आने से जल्दी सूख जाता है। इससे शरीर ठंडा रहता है और चिपचिपाहट नहीं होती। वहीं, पॉलिएस्टर या नायलन जैसे सिंथेटिक कपड़े पसीना नहीं सोखते। पसीना त्वचा पर ही जमा रहता है, जिससे घमौरियां, खुजली और पसीने की बदबू जैसी समस्याएं हो जाती हैं।
सूती कपड़े हल्के, मुलायम और त्वचा के अनुकूल होते हैं। ये रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए बहुत आरामदायक हैं। इन्हें कैजुअल या फॉर्मल किसी भी तरह से पहन सकते हैं। सूती कपड़ों में धारियां, चेक और सादे डिजाइन उपलब्ध होते हैं, जो परंपरा और आधुनिक फैशन दोनों को जोड़ते हैं।
गर्मी में कपड़ों के साथ ही रंगों का चुनाव भी बहुत जरूरी है। कपड़े का रंग भी गर्मी को प्रभावित करता है। गर्मियों में हल्के रंग जैसे सफेद, हल्का गुलाबी, आसमानी और हल्का पीला, क्रीम सबसे अच्छे माने जाते हैं। ये रंग सूरज की किरणों को वापस कर देते हैं, जिससे शरीर कम गर्म होता है। गहरे रंग जैसे काला, नेवी ब्लू या गहरा लाल गर्मी को ज्यादा सोखते हैं और शरीर को ज्यादा गर्म कर देते हैं। इसलिए गर्मी के मौसम में हल्के रंगों के सूती कपड़े चुनना बेहतरीन विकल्प है।
--आईएएनएस
एमटी/एबीएम
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
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