IPL 2026 SRH vs LSG Live: धोनी के चेलों के बीच टक्कर, 2 अंकों की लड़ाई, टॉस हारे तो जीत लगभग पक्की!
IPL 2026 SRH vs LSG Live Score: राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम में अब से कुछ देर बाद इंडियन प्रीमियर लीग का 10वां मुकाबला खेला जाएगा. क तरफ ऋषभ पंत होंगे तो दूसरी तरफ उनके अंडर 19 टीम के कप्तान ईशान किशन. हैदराबाद की टीम ने दो मैच खेलकर एक में जीत हासिल किया है जबकि लखनऊ को अपने पहले मैच में हार का सामना करना पड़ा था.
Jharkhand News: झारखंड में ग्रामीण विकास को मिली नई रफ्तार, नाबार्ड का रिकॉर्ड प्रदर्शन
Jharkhand News: झारखंड की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में नेशनल बैंक फॉर एग्रीकल्चर एंड रूरल डेवलपमेंट (नाबार्ड) ने वित्त वर्ष 2025-26 में शानदार प्रदर्शन किया है. संस्थान का कुल कारोबार 5,703.74 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया है.यह उपलब्धि नाबार्ड झारखंड की मुख्य महाप्रबंधक दीपमाला घोष के नेतृत्व में हासिल हुई है.
किसानों, स्वयं सहायता समूहों और बुनियादी ढांचे को मिला बड़ा सहारा
इस निवेश का सीधा फायदा राज्य के किसानों, स्वयं सहायता समूहों (SHG) और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को मिलेगा. नाबार्ड ने राज्य के ग्रामीण और सहकारी बैंकों को 3,316 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी है. इससे किसानों को कम ब्याज दर पर किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के तहत आसानी से ऋण मिल सकेगा. साथ ही, स्वयं सहायता समूहों और छोटे उद्यमियों को भी सरल शर्तों पर लोन उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे वे अपने व्यवसाय को आगे बढ़ा सकें. ग्रामीण बुनियादी ढांचे के विकास पर भी विशेष ध्यान दिया गया है. सड़क, पुल और सिंचाई जैसी जरूरी परियोजनाओं के लिए राज्य सरकार को 2,400 करोड़ रुपये का ऋण दिया गया है. इससे गांवों में सुविधाएं बेहतर होंगी और लोगों का जीवन स्तर सुधरेगा.
डिजिटल क्षेत्र में बड़ा योगदान
डिजिटल क्षेत्र में भी नाबार्ड ने बड़ा कदम उठाया है. “डिजिटल इंडिया” अभियान को आगे बढ़ाते हुए राज्य के 1,500 से अधिक लैम्प-पैक्स (LAMPS-PACS) का कंप्यूटरीकरण किया जा चुका है, जो अब ई-पैक्स (E-PACS) के रूप में काम कर रहे हैं. ई-केसीसी (E-KCC) की सुविधा शुरू होने से फसल ऋण लेने की प्रक्रिया अब पहले से तेज और आसान हो गई है. आने वाले समय में बाकी बचे लगभग 4,500 लैम्प-पैक्स को भी डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा.
प्राकृतिक खेती पर जोर
इसके अलावा, नाबार्ड ने प्राकृतिक खेती और जनजातीय क्षेत्रों के विकास पर भी जोर दिया है. ‘जीवा’ (JIWA) कार्यक्रम के तहत जल संरक्षण और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे खेती की लागत कम हो रही है और मिट्टी की गुणवत्ता सुधर रही है.
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किसान उत्पादक संगठनों (FPO) को मजबूत बनाकर छोटे किसानों को बाजार से जोड़ने की दिशा में भी काम किया जा रहा है. नाबार्ड की ये पहलें झारखंड में एक मजबूत, समावेशी और डिजिटल ग्रामीण अर्थव्यवस्था के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं.
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