अतीक के बेटे को जेल से लेकर निकली झांसी पुलिस:चेहरा न दिखे, इसलिए वैन में पर्दे डाले; 400 km का सफर, 30 पुलिसवाले सुरक्षा में तैनात
माफिया अतीक अहमद का बेटा अली झांसी जेल से बाहर आ गया है। वह 21 साल के छोटे भाई अबान के जनाजे में शामिल होगा। पुलिस ने वैन को जेल के गेट के पास खड़ा किया था। अली का चेहरा नजर न आए, इसलिए वैन पर पर्दे डाल दिए गए। शनिवार सुबह साढ़े 9 बजे 30 पुलिसकर्मी उसे लेकर 400 किमी दूर प्रयागराज के लिए रवाना हुए। रास्ते में जिस थाने की सीमा से अली की वैन गुजरेगी, वहां की लोकल पुलिस उसे एस्कॉर्ट करेगी। इसके लिए रास्ते में पड़ने वाले सभी थानों को अलर्ट किया गया है। इधर, लखनऊ जेल में बंद अली का बड़ा भाई उमर भी जनाजे में शामिल होगा। जेल के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। दोनों को सीधे जेल से कब्रिस्तान ले जाया जाएगा। इस दौरान दोनों अपने छोटे भाई अहजम और बुआ परवीन कुरैशी से पुलिस की मौजूदगी में एक घंटे मुलाकात करेंगे। इसके बाद उन्हें वापस जेल ले जाया जाएगा। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दोनों को 4 शर्तों पर पैरोल दी है। पहली शर्त- मीडिया से बात नहीं करनी है। दूसरी- सोशल मीडिया गतिविधियों में शामिल नहीं होना है। तीसरी- सार्वजनिक सभा को संबोधित नहीं करना है। चौथी- किसी अन्य कार्यक्रम में हिस्सा नहीं लेना है। अली-उमर को 4 साल में पहली बार पैरोल मिली है। इससे पहले पिता अतीक और भाई असद के जनाजे में दोनों शामिल नहीं हो पाए थे। दोनों को प्रयागराज पहुंचने में 6-7 घंटे लग सकते हैं। ऐसे में रात 8 बजे अबान को कसारी-मसारी के कब्रिस्तान में दफनाया जाएगा। यहां उसकी कब्र खोद दी गई है। इसी जगह पर उसके पिता अतीक, दादा फिरोज अहमद, चाचा अशरफ और भाई असद की भी कब्रें हैं। 3 तस्वीरें देखिए- अबान भाई से मिलने जेल जा रहा था, सड़क हादसे में हुई मौत अबान की गुरुवार सुबह झांसी में सड़क हादसे में मौत हुई थी। वह चार दोस्तों के साथ क्रेटा कार से जेल में बंद भाई अली से मिलने प्रयागराज से जा रहा था। हाईवे पर जानवर को बचाने के चक्कर में कार डिवाइडर से टकरा गई। हादसे में अबान और उसके दोस्त सोनू की मौत हो गई, जबकि तीन दोस्त घायल हो गए। अबान-सोनू के शव शुक्रवार तड़के 4 बजे एक ही एंबुलेंस से झांसी से प्रयागराज के हटवा गांव लाए गए। यहां अबान की बुआ का घर है। अतीक का घर टूटने के बाद अबान वहीं रहता था। माफिया अतीक के बेटे के अंतिम संस्कार से जुड़े अपडेट्स के लिए लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…
सांसद पप्पू यादव पर चप्पल फेंकने वालों पर फूल बरसाए:बुलंदशहर में खुली जीप में रोड शो निकाला, 'जय श्रीराम' के नारे लगाए
बिहार के पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव पर चप्पल फेंकने के दोनों आरोपी जमानत पर रिहा हो गए हैं। दोनों का उनके समर्थकों ने बुलंदशहर में जोरदार स्वागत किया। जिला मुख्यालय से नैथला गांव तक करीब 7 किलोमीटर तक रोड शो निकाला गया। भाजपा जिलाध्यक्ष विकास चौहान सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं ने दोनों का स्वागत किया। इसका एक वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में दिख रहा है। दोनों के समर्थकों ने उन्हें माला पहनाकर फूल बरसा। वहीं दूसरे वीडियो में दोनों एक खुली थार में जयकारा लगाते हुए चल रहे हैं। तस्वीरें देखिए… बुलंदशहर से नैथला तक रास्ते में कई जगह स्वागत बुलंदशहर से नैथला जाते समय रास्ते में गांव गंगेरूवा में हिंदू रक्षा दल की टीम ने भव्य स्वागत किया। गांव नैथला में कांति मास्टर, राजकुमार शर्मा, देवदास शर्मा, आकाश शर्मा, ग्राम प्रधान प्रियंक कौशिक, कविता शर्मा पूर्व प्रधान आदि ने स्वागत किया। गांव सिखेड़ा में बबलू चौधरी, कुशल चौधरी समेत अन्य ने भव्य स्वागत किया। सनातन धर्म के अपमान का सवाल पूछने पर भड़के थे पप्पू यादव इससे पहले सुमित गिरी और उनके साथी हैप्पी शर्मा ने आरोप लगाया कि सनातन धर्म और करोड़ों हिन्दुओं के आराध्य भगवान श्रीराम के अपमान को लेकर सादगी पूर्ण ढंग से सवाल पूछा गया था। इस पर पप्पू यादव भड़क गए इसके बाद उन्होंने और उनके गुंडों ने हमला कर दिया। सुमित गिरी ने पप्पू यादव और उनके साथियों पर दिल्ली के तिलकनगर थाने में हमला, सोने की चेन और घड़ी लूट का आरोप लगाते हुए तहरीर दी थी। सुमित गिरी और हैप्पी शर्मा के घर पहुंचने पर परिजनों ने खुशी जाहिर की है। अब जानिए क्या है पूरा विवाद 31 जुलाई: पप्पू ने राममंदिर चंदा चोरी का नाटक किया मानसून सत्र के 10वें दिन पप्पू यादव भगवा चोला पहनकर साधु के वेश में दानपेटी लेकर संसद भवन पहुंचे थे। संसद परिसर में राममंदिर चढ़ावा चोरी के विरोध में एक शॉर्ट प्ले किया गया था। पुजारी बनकर आए पप्पू यादव ने जमीन पर बैठे थे। इसके बाद राहुल गांधी समेत अन्य सांसदों ने उन्हें चंदा दिया। दान के पैसे पप्पू यादव पेटी में न डालकर अपने पास रख रहे थे। इ के बाद 'चोरी पकड़े जाने' का नाटक करते हुए अवधेश प्रसाद समेत कई विपक्षी सांसदों ने पप्पू यादव की सांकेतिक पिटाई कर दी थी। प्रदर्शन के दौरान पप्पू यादव अयोध्या सांसद के पैर छूते दिखाई दिए थे। 1 अगस्त- पप्पू यादव-राहुल गांधी के खिलाफ FIR चढ़ावा चोरी का 'नाटक' करने पर राहुल-पप्पू यादव पर FIR वाराणसी में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, सपा सांसद अवधेश प्रसाद और बिहार के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव पर FIR दर्ज हुई है। ये FIR पातालपुरी मठ के पीठाधीश्वर जगद्गुरु बालक दास ने कोतवाली थाने में कराई है। इधर, लखनऊ में सनातन रक्षा संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुरोध राय ने चेतावनी देते कहा- पप्पू यादव के पापों का अंत हो गया है। सजा का समय आ गया है। राहुल गांधी और अखिलेश यादव भी सनातन विरोधी हैं। अगर इन लोगों ने माफी नहीं मांगी तो सनातन रक्षा संगठन जुबान खींचकर खूंटे से बांध देगा। पप्पू यादव का सिर लाने वाले को ₹51 लाख देने का ऐलान किया। 2 अगस्त- हिंदू संगठनों ने पप्पू की पत्नी के घर के बाहर हंगामा किया शनिवार को पप्पू यादव की पत्नी और राज्यसभा सांसद रंजीत रंजन के दिल्ली स्थित आवास के बाहर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं और साधु-संतों ने विरोध प्रदर्शन किया था। इस पर रविवार को पप्पू यादव ने चेतावनी देते हुए कहा था- अगर मेरे बच्चों और परिवार तक पहुंचे, तो महाभारत से भी बड़ा महाभारत होगा। 3 अगस्त को दोनों भाजपा नेताओं ने पप्पू यादव पर फेंकी थी चप्पल 3 अगस्त को सुमित अपने दोस्त हैप्पी के साथ पप्पू यादव के केजी मार्ग स्थित आवास पहुंचे थे। उन्हें वहां संतों की सभा होने की जानकारी मिली थी। लेकिन मौके पर पप्पू यादव की प्रेस कॉन्फ्रेंस चल रही थी। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सुमित ने 31 जुलाई की घटना को लेकर पप्पू यादव से सवाल किया। यह मामला भगवान श्रीराम की तस्वीर और कथित दान पात्र (चढ़ावा) चोरी के प्रदर्शन से जुड़ा था। इस पर पप्पू यादव भड़क गए इसके बाद उन्होंने और उनके गुंडों ने हमला कर दिया। विरोध जताते हुए सुमित ने अपनी चप्पल पप्पू यादव की ओर फेंकी, जिसके बाद वहां मौजूद लोगों ने उसे घेर लिया था। 5 अगस्त को दोनों भाजपा नेताओं ने पप्पू यादव के खिलाफ दी तहरीर पप्पू यादव पर चप्पल फेंकने वाले आरोपी सुमित ने पप्पू यादव के खिलाफ मारपीट, लूट और जान से मारने की धमकी के आरोप लगाए गए हैं। तिलक मार्ग थाने में तहरीर देकर शिकायत दर्ज कराई है कि यदि भविष्य में उसे या उसके दोस्त हैप्पी को कथित धमकियों के कारण कोई नुकसान या अप्रिय घटना होती है, तो इसके लिए पप्पू यादव, मुनाजिर आलम और उनके सहयोगियों को जिम्मेदार माना जाए। आरोप लगाया गया है कि उसके गले से 20-22 ग्राम की सोने की चेन और टाइटन की कलाई घड़ी छीन ली गई थी। उसे पास के पार्क में ले जाकर गला दबाया गया, जिससे गर्दन और आंखों में चोट आई। शिकायत में कहा गया है कि सुमित को बचाने पहुंचे उसके दोस्त हैप्पी के साथ भी मारपीट की गई। इसके बाद करीब 100-150 लोग मौके पर इकट्ठा हो गए और दोनों के साथ मुक्कों और लातों से मारपीट की। पुलिस से BNS-2023 की उपयुक्त धाराओं में एफआईआर दर्ज करने, कथित लूटी गई चेन और घड़ी बरामद करने, सीसीटीवी फुटेज व अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जुटाने, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज करने और कथित हथियारों की जांच व जब्ती की मांग की है। अब जानिए कौन हैं पुलिस के मुताबिक, पप्पू यादव पर हमला करने वाला सुमित बुलंदशहर में सहपानी गांव का रहने वाला है। पिता का नाम फूल गिरी है। 34 साल का सुमित गाजियाबाद में रहता है। वह वहां लोहे के सामान बनाने का काम करता है। हैप्पी शर्मा बुलंदशहर में नेथला हसनपुर गांव का रहने वाला है। उसके पिता का नाम मुनेश कुमार शर्मा है। बड़े भाई सुमंत राशन डीलर हैं। हैप्पी लंबे समय से भाजपा से जुड़ा है। 5 जून को हैप्पी शर्मा ने अपने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट शेयर की थी। इस पर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने उन्हें बधाई दी थी। -------------------------------------- ये खबर भी पढ़ेंः- अतीक के बेटे को झांसी जेल से लेने पहुंची पुलिस:थोड़ी देर में बाहर आएगा अली; प्रयागराज में छोटे भाई के जनाजे में शामिल होगा माफिया अतीक अहमद का बेटा अली थोड़ी देर पहले झांसी जेल से बाहर आएगा। पुलिस वैन उसे लेने पहुंच गई है। वह सीधे प्रयागराज जाएगा और 21 साल के छोटे भाई अबान के जनाजे में शामिल होगा। लखनऊ जेल में बंद अली का बड़ा भाई उमर भी जनाजे में शामिल होगा। थोड़ी देर में उसे भी पुलिस लेकर निकलेगी। दोनों को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पैरोल दी है। दोनों को जेल से प्रयागराज पहुंचने में 6-7 घंटे लग सकते हैं। पूरी खबर पढ़ें…
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