पाकिस्तान ने शनिवार को उन मीडिया रिपोर्टों का खंडन किया जिनमें दावा किया गया था कि अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता को सुगम बनाने की उसकी पहल प्रारंभिक प्रस्तावों के आदान-प्रदान के बाद बाधाओं में फंस गई है। इन खबरों को बेबुनियाद और मनगढ़ंत कहानी बताते हुए विदेश कार्यालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने इन्हें सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि हमने मीडिया में और सोशल मीडिया पर भी, कई खबरें देखी हैं जिनमें तथाकथित सरकारी सूत्रों का हवाला देते हुए क्षेत्र में चल रहे संघर्ष और पाकिस्तान द्वारा शांति और संवाद को बढ़ावा देने के प्रयासों के बारे में बताया गया है। उन्होंने आगे कहा कि हम इन झूठे आरोपों को, जो कथित सरकारी सूत्रों के हवाले से लगाए गए हैं, पूरी तरह से बेबुनियाद और मनगढ़ंत कहानी मानते हुए खारिज करते हैं। इस संबंध में किसी भी तरह के सरकारी सूत्रों का हवाला देना गलत है।
इस्लामाबाद के विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी द्वारा दी गई बंद कमरे की ब्रीफिंग के बाद बढ़ती अटकलों के बीच यह स्पष्टीकरण आया। अंद्राबी ने कहा कि विवाद शुक्रवार को विदेश मंत्रालय में आयोजित पृष्ठभूमि ब्रीफिंग की गलत व्याख्या से उत्पन्न हुआ। उन्होंने क्षेत्र में बढ़ते तनाव के समय इस बातचीत की रिपोर्टिंग के तरीके पर चिंता व्यक्त की। इसलिए हम सभी मीडिया प्लेटफॉर्मों से आग्रह करते हैं कि वे उचित सावधानी बरतें, अटकलों से बचें और सटीक एवं समयोचित जानकारी के लिए केवल आधिकारिक रूप से जारी बयानों और मीडिया विज्ञप्तियों पर ही भरोसा करें।
रिपोर्टों में क्या कहा गया
पाकिस्तान स्थित डॉन और अमेरिका स्थित वॉल स्ट्रीट जर्नल सहित अन्य रिपोर्टों में कहा गया है कि वाशिंगटन और तेहरान के बीच संदेशों का आदान-प्रदान सहित कुछ प्रगति हुई है, लेकिन ईरानी पक्ष की ओर से स्पष्ट प्रतिक्रिया न मिलने के कारण गति धीमी हो गई है। वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट में कहा गया है कि ईरान ने इस्लामाबाद में किसी भी अमेरिकी नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल के साथ बातचीत करने से इनकार कर दिया है। डॉन की एक अन्य रिपोर्ट में, बातचीत से परिचित एक अधिकारी के हवाले से कहा गया है, यह आश्चर्यजनक है कि नौसेना, वायु सेना और अन्य सैन्य एवं नागरिक बुनियादी ढांचे के महत्वपूर्ण विनाश के बावजूद, ईरान ने बातचीत के आह्वान पर सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
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ईरान किस ताकत से इस जंग में अमेरिका को चोट पहुंचाने का दावा कर रहा है। कैसे वह दुनिया की सबसे बड़ी सैन्य शक्ति को खुली चुनौती दे रहा है। दुनिया के सबसे ताकतवर और आधुनिक अमेरिकी फाइटर जेट F-35 को ईरान ने हवा में ही फूंक डालने की बात कही है। ये वही जेट है जिसे अदृश्य ताकत का प्रतीक माना जाता है। जिसे गिराना लगभग नामुमकिन समझा जाता रहा है। ऐसे में दावा सिर्फ एक खबर नहीं बल्कि एक बड़ा सवाल बनकर सामने आया है। क्या वाकई अमेरिका की ताकत को इतनी बड़ी चोट लगी है? या फिर यह जंग के बीच एक और दांव है। लेकिन हकीकत यही है कि ईरान ने अमेरिका को बड़ी चोट पहुंचाई है। क्योंकि ईरान की तरफ से आईआईजीसी ने बकायदा मलवे की तस्वीरें जारी जो कर दी हैं। जिससे साफ हो जाता है कि ईरान ने दूसरा F35 मार गिराया है। आपको बता दें ईरान ने अमेरिका के सबसे उन्नत F35 जेट को मार गिराने का दावा किया था जो कहीं ना कहीं अब सच साबित होता दिखा है।
यह दूसरी बार है जब जंग में ईरान ने अमेरिका के F35 को हवा में ही आग का गोला बनाने की बात करी है। F35 को अमेरिका का सबसे उन्नत फाइटर जेट माना जाता है। यह पांचवी पीढ़ी का लड़ाकू जेट है। यह एक ऐसा फाइटर जेट है जिसे रडार भी नहीं पकड़ सकता। इस फाइटर जेट की कीमत करीब-करीब 1200 करोड़ है। इसे अमेरिका का घमंड भी कहा जाता है क्योंकि पूरी दुनिया में इसके मुकाबले का फाइटर जेट बहुत कम ही देशों के पास मौजूद है। ऐसे में इस जेट को मामूली तरीके से मार गिराना ईरान के लिए बड़ी बात है। सवाल उठ रहा है कि ईरान यह कारनामा कैसे कर पा रहा है? F35 गिराने को लेकर फॉरेस्ट न्यूज़ एजेंसी के मुताबिक मध्य तेरान में जब F35 हवाई हमले के लिए उड़ रहा था तभी उसे मार गिराया गया। ईरान की इस्लामिक रोशनरी गार्ड ने इसको लेकर ज्यादा टिप्पणी नहीं की। इससे पहले 19 मार्च को एक ऑपरेशन के दौरान ईरान ने F35 पर हमला किया था। जिसके बाद इसमें आग लग गई। हालांकि जेट के पायलट ने इसकी सुरक्षित लैंडिंग कर ली लेकिन विमान बच नहीं पाया। अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के मुताबिक अब यह विमान सर्विस के लायक नहीं बचा है। ईरान कैसे कर रहा यह कारनामा? साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की एक रिपोर्ट में F35 को गिराने के लिए चीन के एक इंजीनियर की सहारा पर ईरान के काम करने की संभावनाएं जाहिर की गई है।
दरअसल चीन के इंजीनियर ने हाल ही में एक वीडियो बनाया था जिसमें यह बताया गया था कि कैसे F35 को आसानी से मार गिराया जा सकता है। इस वीडियो को फारसी सबटाइटल के साथ तैयार किया गया। इसमें यह बताया गया कि कैसे इनफ्रेड मिसाइलों, मोबाइल लांचरों और तत्कालिक सेंसरों जैसे आसानी से उपलब्ध कम लागत वाले हथियार से F35 को मारा जा सकता है। कहा जा रहा है कि इस वीडियो को अब तक 4 करोड़ से ज्यादा लोग देख चुके हैं। ईरान में यह खूब वायरल भी हो रहा है। सीएनएन ने अमेरिका खुफिया एजेंसी के अधिकारियों के हवाले से 19 मार्च को एक रिपोर्ट की। इसमें कहा गया था कि F35 पर ईरान ने फायरिंग की जिससे फाइटर जेट का संतुलन बिगड़ गया। इसकी वजह से विमान को इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी थी।
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