Telangana High Court ने मुफ़्त योजनाओं पर जताई चिंता, कहा खजाने पर पड़ रहा वित्तीय बोझ
हैदराबाद, सात अगस्त तेलंगाना उच्च न्यायालय के न्यायाधीश ने शुक्रवार को कल्याणकारी योजनाओं के तहत मिलने वाली मुफ्त सुविधाओं और अपात्र लाभार्थियों को मिल रहे लाभों से सरकारी खजाने पर पड़ने वाले वित्तीय बोझ पर चिंता जताई। अदालत में पेश हुए राज्य के प्रधान सचिव (वित्त) संदीप कुमार सुल्तानिया के खिलाफ अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए, न्यायमूर्ति नागेश भीमपाका ने पाया कि कर्मचारियों के वेतन, कर्ज के भुगतान और कल्याणकारी योजनाओं को लागू करने के बाद सरकारी निधि में काफी कमी आ जाती है। उन्होंने तेलुगु में अपनी टिप्पणी में कहा, “बहुत सारी गैर-जरूरी मुफ्त योजनाएं (लागू की जा रही हैं)।
हां, (कल्याणकारी कार्यक्रम) लागू होने चाहिए। कई लोग बिना पात्रता के भी इनका फायदा उठा रहे हैं। ‘रायतू बंधु’ (किसानों के लिए निवेश सहायता योजना) जैसी योजनाएं हैं।
क्या करोड़पति भी इनका फायदा नहीं उठा रहे हैं? इससे राज्य पर कितना बोझ पड़ता है।” उन्होंने कहा कि जहां पहले की पीढ़ियों के लोग महात्मा गांधी और अन्य स्वतंत्रता सेनानियों से प्रेरित होकर देश के लिए योगदान देने को उत्सुक रहते थे, वहीं आज लोगों में यह प्रवृत्ति है कि वे सवाल करते हैं कि उन्हें सरकार से क्या व्यक्तिगत लाभ मिला है। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में अगर किसी एक भी लाभार्थी का पीडीएस राशन कार्ड हटाया जाता है, तो इससे राजनीतिक विवाद खड़ा हो जाएगा।
उन्होंने कहा कि वे किसी की आलोचना नहीं कर रहे हैं, लेकिन राज्य में खेती के काम करने वालों की कमी के कारण गांवों में किसानों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़, बिहार और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों से आए प्रवासी मजदूर राज्य के खेतों में काम कर रहे हैं। इस बात पर जोर देते हुए कि वह कोई राजनीतिक भाषण नहीं दे रहे हैं और न ही सरकार की आलोचना कर रहे हैं, न्यायमूर्ति भीमपाका ने कहा कि इन मुद्दों पर विचार करने की जरूरत है।
गरीबी रेखा के नीचे (बीपीएल) के परिवारों के लिए बड़ी संख्या में पीडीएस राशन कार्ड और दूसरी मुफ़्त सुविधाओं का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अगर मुफ़्त सुविधाओं और अपात्र लोगों को फ़ायदे देने पर भारी खर्च का यह सिलसिला जारी रहा, तो एक दिन भगवान कुबेर (धन के देवता) भी “कंगाल” हो जाएंगे। अदालत ने कहा कि किसी अधिकारी को अदालत में बुलाना दुखद है, लेकिन व्यावहारिक दिक्कतों की वजह से ऐसा करना पड़ा। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 19 अगस्त के लिए तय की।
अदालत ने 10 जुलाई को सुल्तानिया के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया और शहर के पुलिस आयुक्त को निर्देश दिया कि वे उन्हें “जहां भी मिलें” गिरफ्तार करें और शुक्रवार को अदालत में पेश करें। अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि अगर वरिष्ठ अधिकारी 5,000 रुपये का निजी बॉन्ड भरते हैं और यह भरोसा दिलाते हैं कि वे शुक्रवार को अदालत में पेश होंगे, तो उन्हें जमानत पर रिहा किया जा सकता है।
Abhijit Dipke ने सुरक्षा में तैनात Police अधिकारी को हटाने की मांग की
छत्रपति संभाजीनगर, सात अगस्त कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के संयोजक अभिजीत दीपके ने शुक्रवार को अपने आवास पर सुरक्षा ड्यूटी में तैनात एक उपनिरीक्षक पर उनसे मिलने आने वाले लोगों को रोकने का आरोप लगाते उसे वहां से हटाने की मांग की। दीपके ने आरोप लगाया कि संबंधित पुलिस अधिकारी आगंतुकों के साथ ‘‘सख्त’’ व्यवहार करता है और उनके आवास पर आने-जाने वाले लोगों की आवाजाही पर रोक लगाने तथा निगरानी करने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने धमकियां मिलने और उनके आवास पर जुटने वाली भीड़ को देखते हुए सुरक्षा उपलब्ध कराए जाने का जिक्र करते हुए यह भी आरोप लगाया कि राज्य सीआईडी के सादे कपड़ों में तैनात कर्मी उनके घर के आसपास घूमते हैं और बाद में ‘हिट स्प्रे’ नाम के सोशल मीडिया समूह में इसकी जानकारी साझा करते हैं।
सोशल मीडिया पर दो वीडियो वायरल हुए हैं, जिनमें कॉजपा संस्थापक पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी से फोन पर और अपने आवास पर तैनात एक उपनिरीक्षक से बातचीत करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में दीपके सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात उपनिरीक्षक को फटकार लगाते हुए और उसे अपने आवास की सुरक्षा ड्यूटी से हटाने की मांग करते हुए सुनाई देते हैं। एक वीडियो में सादे कपड़ों में मौजूद उपनिरीक्षक से दीपके कहते सुनाई देते हैं, ‘‘जब मैं लोगों को खुद अपने घर बुला रहा हूं तो उन्हें अंदर आने देने में क्या दिक्कत है?
आप दिल्ली पुलिस की तरह व्यवहार क्यों कर रहे हैं? आज तक कोई समस्या नहीं हुई। मैं आपको पहली बार देख रहा हूं।
पुलिस मुझे यह नहीं बताएगी कि मुझे किससे मिलना है और किससे नहीं।’’ दीपके (30) ने उपनिरीक्षक से कहा, ‘‘आप कृपया बाहर जाइए। मैं आपको अपने घर में नहीं चाहता।’’ उपनिरीक्षक की पहचान सुरेश के रूप में हुई है।
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