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AFG vs IRE: आयरलैंड ने तीसरे वनडे में अफगानिस्तान को दिया 207 रनों का लक्ष्य, राशिद खान, गजनफर और यामीन का धमाल

AFG vs IRE: आयरलैंड और अफगानिस्तान के बीच 5 वनडे मैचों की सीरीज का तीसरा मुकाबला बेलफास्ट स्थित स्टॉर्मोंट क्रिकेट ग्राउंड में खेला जा रहा है. अफगानिस्तान का टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला सही साबित हुआ और आयरलैंड की पूरी टीम 46.3 ओवरों में 206 रनों पर सिमट गई. यानी अफगानिस्तान को जीत के लिए 207 रन बनाने होंगे. अफगानिस्तान के दोनों स्टार स्पिनर्स राशिद खान और अल्लाह गजनफर ने 3-3 विकेट लेकर आयरलैंड की बल्लेबाजी को ध्वस्त कर दिया. जबकि यामीन अहमदजई ने 2 विकेट चटकाए. 

आयरलैंड की शुरुआत रही थी खराब

आफगानिस्तान के खिलाफ टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी आयरलैंड की पारी का आगाज एंड्रयू बालबर्नी और कप्तान पॉल स्टर्लिंग ने की. हालांकि टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही. एंड्रयू बालबर्नी ने 17 गेंदों पर सिर्फ 7 रन बनाकर आउट हो गए. फजलहक फारूकी ने सिद्दीकुल्लाह अटल के हाथों कैच आउट कराया. 

इसके बाद कप्तान पॉल स्टर्लिंग के रूप में आयरलैंड को दूसरा झटका लगा. उन्हें अहमदजई ने दरविश रसूली के हाथों कैच कराया. स्टर्लिंग ने 31 गेंदों पर 23 रन बनाए. इसके बाद राशिद खान ने कैड कारमाइकल को पवेलियन का रास्ता दिखाया. कारमाइकल ने 52 गेंदों पर 32 रनों की पारी खेली. फिर विकेटकीपर लोरकान टकर को एएम गजनफर ने आउट कर आयरलैंड को चौथा झटका दिया. लोरकान टकर ने 2 गेंदों पर 1 रन बनाया.

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उत्तराखंड में मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना से आई क्रांति, CM धामी की इस स्कीम से युवाओं को मिला रोजगार

Uttarakhand News:  उत्तराखंड की धामी सरकार की ओर से चलाई जा रही 'मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना' (MSSY) राज्य के युवाओं के लिए स्वरोजगार की एक महत्वपूर्ण पहल बन गई है. इस योजना से राज्य में सैकड़ों युवाओं को स्वरोजगार मिला है. साथ ही ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में भी इस योनजा से क्रांति आई है. सीएम पुष्कर सिंह धामी की इस योजना का मकसद राज्य के मूल निवासियों को स्वरोजगार और उद्यमिता से जोड़ना है. जो अपने मकसद में कामयाब हो रही है. जिससे न सिर्फ युवाओं को स्वरोजगार मिल रहा है बल्कि ये योजना हरित ऊर्जा को भी बढ़ावा दे रही है. इस योजना के तहत जून 2026 तक 210 मेगावाट क्षमता के प्लांट स्थापित किए जा चुके हैं. साथ ही 3500 से अधिक लोगों को रोजगार भी मिला है.

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विभाग को मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना के तहत 250 मेगावाट सौर ऊर्जा क्षमता विकसित करने का लक्ष्य प्रदान किया है. योजना के अंतर्गत स्थानीय निवासियों द्वारा 20, 25, 50, 100 और 200 किलोवाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए जा रहे हैं. इसके लिए आवेदकों को एमएसएमई नीति-2023 के तहत सभी लाभ दिए जा रहे हैं. उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार जून 2026 तक राज्य में कुल 1132 सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं, जिनकी सम्मिलित क्षमता 2,10,420 किलोवाट यानी करीब 210 मेगावाट है. शेष परियोजनाओं पर स्थापना का कार्य चल रहा है. 

टिहरी जिले ने बनाई बढ़त

जिलेवार आंकड़ों में टिहरी सबसे आगे है. यहां 369 सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं, जिनकी सम्मिलित क्षमता 69,050 किलोवाट है. उत्तरकाशी में 227 संयंत्रों से 43,660 किलोवाट और चंपावत में 144 संयंत्रों से 28,200 किलोवाट क्षमता स्थापित हुई है. इसी तरह हरिद्वार में 86 संयंत्रों की क्षमता 16,900 किलोवाट, पौड़ी में 88 संयंत्रों की 15,440 किलोवाट, चमोली में 72 संयंत्रों की 11,725 किलोवाट और अल्मोड़ा में 32 संयंत्रों की 5,600 किलोवाट क्षमता दर्ज की गई है. देहरादून, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, नैनीताल, पिथौरागढ़ और ऊधमसिंह नगर में भी योजना के तहत सौर परियोजनाएं स्थापित की गई हैं.

3500 लोगों को रोजगार

मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना केवल सौर ऊर्जा उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे ग्रामीण और पर्वतीय क्षेत्रों में स्वरोजगार और उद्यमिता के अवसर बढ़ाने के माध्यम के रूप में भी देखा जा रहा है. योजना के तहत स्थापित परियोजनाओं से करीब 3500 लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार मिल रहा है. इससे स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों भी तेज हो रही हैं. जिससे पलायन में भी कमी आने की उम्मीद है.

मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना उत्तराखंड के युवाओं और राज्य के निवासियों को स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है. हमारा प्रयास है कि सौर ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर उद्यमिता और रोजगार के अवसर बढ़ें. इससे हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के साथ-साथ पर्वतीय क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को मजबूती और पलायन को रोकने में भी मदद मिल रही है. 
पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड

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  Sports

11 साल की बोधना ने रचा इतिहास, 17 साल के श्रेयस ने भी जीता ब्रिटिश खिताब

लंदन में 2026 ब्रिटिश शतरंज चैंपियनशिप में भारतीय मूल के दो युवा सितारों ने इतिहास रच दिया. 11 वर्षीय बोधना सिवानंदन ब्रिटेन की सबसे कम उम्र की महिला शतरंज चैंपियन बनीं, उन्होंने आयरलैंड की 14 वर्षीय त्रिशा कन्यमाराला को रैपिड प्लेऑफ में हराकर खिताब जीता. बोधना ने कोविड लॉकडाउन के दौरान शतरंज शुरू किया था और अब वह ब्लिट्ज, रैपिड और क्लासिकल तीनों प्रारूपों में ब्रिटिश खिताब जीत चुकी हैं. Mon, 10 Aug 2026 19:31:58 +0530

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