असम में गरजे अमित शाह, लाकर रहेंगे UCC, नहीं कर पाएगा कोई 4-4 शादी
असम के राजनीतिक परिदृश्य में हाल ही में एक महत्वपूर्ण बयान सामने आया है, जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) को लेकर कई अहम बातें कहीं. असम के गोलपाड़ा जिले में आयोजित एक चुनावी रैली में उन्होंने UCC को न केवल कानूनी सुधार बताया, बल्कि इसे सामाजिक संतुलन और सुरक्षा से भी जोड़ा.
UCC और घुसपैठ पर सख्त रुख
अपने संबोधन में अमित शाह ने कहा कि UCC लागू होने से कथित घुसपैठियों की बढ़ती आबादी पर रोक लगाई जा सकेगी. उनका कहना था कि यह कानून बहुविवाह जैसी प्रथाओं को सीमित करेगा, जिससे जनसंख्या असंतुलन को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी. उन्होंने इसे राष्ट्रीय हित में एक जरूरी कदम बताया और कहा कि भारतीय जनता पार्टी इस मुद्दे पर पूरी तरह प्रतिबद्ध है.
जनजातीय विकास, सरकार का फोकस
शाह ने रैली में यह भी स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार और राज्य सरकार मिलकर जनजातीय समुदायों के विकास के लिए एक व्यापक रोडमैप तैयार कर रही हैं. उन्होंने नरेंद्र मोदी और हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि इन योजनाओं को सफलतापूर्वक लागू करने के लिए राज्य में दोबारा बीजेपी सरकार बनना जरूरी है.
#WATCH | Kamrup, Assam: Union Home Minister Amit Shah says, "... In 1962, when China attacked, the then-PM Jawaharlal Nehru left Assam... Today, I am saying that no one can seize even a single inch of Assam's land... We have worked to bring peace to Assam by signing 13… pic.twitter.com/v1Q6rCOwYC
— ANI (@ANI) April 3, 2026
UCC से बाहर रहेंगे जनजातीय क्षेत्र
एक अहम बिंदु पर जोर देते हुए शाह ने कहा कि UCC के दायरे से जनजातीय क्षेत्रों को बाहर रखा जाएगा. उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार जनजातीय परंपराओं और अधिकारों का सम्मान करती है. उनका यह बयान उन चिंताओं को शांत करने की कोशिश माना जा रहा है, जो UCC को लेकर आदिवासी समुदायों में उठ रही थीं.
आदिवासी सशक्तिकरण का उदाहरण
शाह ने अपने भाषण में आदिवासी समुदायों के सशक्तिकरण का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि देश को पहली बार एक आदिवासी महिला राष्ट्रपति मिली हैं द्रौपदी मुर्मू. उन्होंने इसे केंद्र सरकार की समावेशी नीति का प्रतीक बताया और पूर्व की कांग्रेस सरकारों पर इस दिशा में प्रयास न करने का आरोप लगाया.
मेघालय में घुसपैठ का मुद्दा
शाह ने पड़ोसी राज्य मेघालय का उदाहरण देते हुए आरोप लगाया कि घुसपैठियों ने वहां राजनीतिक प्रभाव बढ़ाने की कोशिश की है. उन्होंने दावा किया कि जनजातीय महिलाओं से विवाह के जरिए सत्ता पर पकड़ बनाने के प्रयास हुए, जिससे क्षेत्र में तनाव पैदा हुआ.
बीजेपी का वादा, घुसपैठ खत्म करेंगे
यही नहीं घुसपैठ को लेकर भी अमित शाह सख्त नजर आए. रैली के दौरान अमित शाह ने यह भी दोहराया कि यदि बीजेपी दोबारा सत्ता में आती है, तो घुसपैठ के खिलाफ और सख्त कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि वे पार्टी को एक और मौका दें, ताकि राज्य को सुरक्षित और स्थिर बनाया जा सके.
विकास और सुरक्षा का संतुलन
अमित शाह का यह भाषण साफ करता है कि बीजेपी UCC, जनसंख्या नियंत्रण, और घुसपैठ जैसे मुद्दों को चुनावी रणनीति के केंद्र में रख रही है. साथ ही, जनजातीय विकास और सामाजिक संतुलन को भी समान महत्व दिया जा रहा है. आने वाले चुनावों में यह देखना दिलचस्प होगा कि जनता इन मुद्दों को किस तरह से लेती है और किसे अपना समर्थन देती है.
यह भी पढ़ें - केंद्र सरकार ने दीनदयाल पोर्ट पर आरओबी प्रोजेक्ट के लिए मंजूर किए 132.51 करोड़ रुपए
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation



















