Gond Katira Summer Drink: गर्मियों में शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए घर पर बनाएं Gond Katira से बनी ड्रिंक, यहां जानें आसान रेसिपी
Gond Katira Summer Drink: गर्मियों में अक्सर धूप और लू सेहत को खराब कर देते हैं. इस मौसम में तेजी से बढ़ता पारा कई गंभीर समस्याओं की वजह बन सकता है. ऐसे में लोग अक्सर खुद को हेल्दी और शरीर को ठंडा रखने के लिए डाइट में ऐसे फूड्स शामिल करते हैं जो गर्मी में फायदा पहुंचाएं और आपको सेहतमंद भी बनाए रखें. गोंद कतीरा इन्ही में से एक है जिसे गर्मियों की अपनी डाइट में शामिल करने से सेहत से जुड़े कई सारे फायदे मिलते हैं. इतना ही नहीं यह शरीर को ठंडा रखने में भी काफी मदद करता है. ऐसे में हम आपको इस आर्टिकल में बताएंगे गोंद कतीरे से तैयार टेस्टी और हेल्दी शिकंजी का एक आसान रेसिपी के बारे में.
गोंद कतीरा की सामग्री
2 चम्मच गोंद कतीरा
1-2 नींबू का रस
2 से 3 बड़े चम्मच स्वादानुसार देसी अनरिफाइंड शुगर
2 कप ठंडा पानी
1 चम्मच काला नमक
1 चम्मच भुना जीरा पाउडर
बर्फ के टुकड़े
गार्निश करने के लिए ताजा पुदीने के पत्ते
गार्निश करने के लिए नींबू के टुकड़े
गोंद कतीरा बनाने की रेसिपी (Gond Katira Recipe In Hindi)
सबसे पहले एक छोटे कटोरे में गोंद कतीरा को लगभग 1 गर्म पानी कम से कम 4 से 5 घंटे रातभर के लिए लिए भिगो दें. अब इसमें एक जग या एक बड़े गिलास में ताजा नींबू का रस निचोड़ लें. फिर इसमें देसी खांड डालें और नींबू के रस में पूरी तरह घुलने तक अच्छी तरह मिलाएं. अब जग में ठंडा पानी डालें और सब कुछ एक साथ मिला लें. इसे थोड़ा सा टेस्ट करें और अपनी स्वादानुसार मिठास, खट्टापन और नमक चेक कर लें. फिर भिगोएं हुए गोंद कतीरा को धीरे-धीरे शिकंजी के मिश्रण में डालें. अगर इस्तेमाल कर रहे हैं तो भिगोए हुए चिया सीड्स भी डालें. इसके बाद इसे मिक्स करने के लिए धीरे-धीरे चलाएं. अब इस गोंद कतीरा शरबत को कम से कम 30 मिनट से 1 घंटे तक फ्रिज में रखें ताकि यह अच्छी तरह से ठंडा हो जाए. अब गिलास में बर्फ के टुकड़े डालें और फिर ठंडी गोंद कतीरा शरबत को बर्फ के ऊपर डालें. आप चाहें तो ताजे पुदीने के पत्तों और नींबू के एक टुकड़े से इसे गार्निश कर सकते हैं.
गोंद कतीरा के फायदे (Gond Katira Benefits)
हाइड्रेशन को बनाएं मजबूत
गोंद कतीरा में मौजूद पानी की उच्च मात्रा शरीर को हाइड्रेटे़ड रखने में मदद करती है जो शरीर के तापमान को नियंत्रित करने और डिहाइड्रेशन को रोकने के लिए जरूरी है. डिहाइड्रेशन गर्मी में होने वाली एक आम समस्या है जिसके कारण कई अन्य परेशानी का सामना करना पड़ता है.
पाचन रखें तंदुरुस्त
गोंद कतीरा फाइबर का एक अच्छा स्त्रोत माना जाता है जो पाचन की समस्या को दूर करने में मदद करता है और आंतों की सेहत को बढ़ावा देता है. यह गर्मी के मौसम में आपकी सेहत के लिए फायदेमंद होता है. गर्मियों में खाना पचाना मुश्किल हो जाता है जिससे गोंद कतीरा आपकी मदद कर सकता है.
हड्डियों और कमजोरी में ताकत
गोंद कतीरा में कैल्शियम और मैग्नीशियम होता है, जो हड्डियों को मजबूत बनाता है और शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है.
गोंद कतीरा पीने का सही तरीका
गोंद कतीरा के 1-2 टुकड़ों को रात भर पानी में भिगो दें. सुबह यह बर्फ जैसा फूल जाएगा, जिसे आप दूध, शरबत (जैसे रूह अफ़ज़ा), नींबू पानी या दही के साथ मिलाकर ले सकते हैं. इसका सेवन सीमित मात्रा में करें. अधिक मात्रा में सेवन करने से पेट फूलना या कब्ज हो सकता है. इसे भिगोने के लिए पर्याप्त पानी होना चाहिए, क्योंकि यह बहुत अधिक पानी सोखता है.
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वित्त वर्ष 2026 में पैसेंजर व्हीकल और ट्रैक्टर सेक्टर ने दर्ज की मजबूत वृद्धि, 2027 में ग्रोथ स्थिर रहने का अनुमान: रिपोर्ट
नई दिल्ली, 3 अप्रैल (आईएएनएस)। भारत का ऑटोमोबाइल सेक्टर ने वित्त वर्ष 2025-26 में शानदार प्रदर्शन किया है। शुक्रवार को जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, त्योहारी सीजन में मजबूत मांग, जीएसटी दरों में कटौती और कई नए मॉडलों के लॉन्च के कारण पैसेंजर व्हीकल (पीवी) उद्योग में इस दौरान 7-9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज किए जाने का अनुमान है।
हालांकि, रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि वित्त वर्ष 2026-27 में यह ग्रोथ थोड़ी धीमी होकर 4-6 प्रतिशत के बीच रह सकती है, जिसकी मुख्य वजह मौजूदा उच्च आधार और बदलती आर्थिक परिस्थितियां हैं।
क्रेडिट रेटिंग एजेंसी आईसीआरए के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 में मजबूत प्रदर्शन के बाद भी पैसेंजर व्हीकल और ट्रैक्टर सेक्टर वित्त वर्ष 2027 में स्थिर स्थिति में रहेंगे। मजबूत मांग और कंपनियों की बेहतर वित्तीय स्थिति इन सेक्टर्स को सपोर्ट करती रहेगी।
रिपोर्ट में बताया गया है कि ऑटो सेक्टर में संरचनात्मक बदलाव भी देखने को मिल रहे हैं। खासकर यूटिलिटी व्हीकल (एसयूवी) की हिस्सेदारी कुल बिक्री में करीब 67 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जो प्रीमियम वाहनों की बढ़ती मांग को दर्शाता है। इसके अलावा सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती हिस्सेदारी भी बाजार को नया आकार दे रही है।
वहीं, ट्रैक्टर सेक्टर में भी जबरदस्त उछाल देखने को मिला है। चालू वित्त वर्ष के पहले 11 महीनों में ट्रैक्टर की थोक बिक्री में 22.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसके पीछे अच्छे मानसून, बेहतर कृषि उत्पादन और ट्रैक्टर पर जीएसटी में कमी जैसे कारक अहम रहे हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 में ट्रैक्टर उद्योग की बिक्री रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच सकती है। हालांकि वित्त वर्ष 2027 में इसकी ग्रोथ 1-4 प्रतिशत तक सीमित रह सकती है, क्योंकि मांग सामान्य स्तर पर लौट सकती है।
इसके बावजूद, दोनों क्षेत्रों की कंपनियों की वित्तीय स्थिति कम कर्ज, बेहतर नकदी स्थिति और संचालन में सुधार के चलते मजबूत बनी रहने की उम्मीद है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि पैसेंजर व्हीकल कंपनियां नए प्रोडक्ट और इलेक्ट्रिक वाहन प्लेटफॉर्म पर निवेश बढ़ाती रहेंगी, जबकि ट्रैक्टर कंपनियों को स्थिर लागत और बेहतर संचालन का लाभ मिलेगा।
कुल मिलाकर, वित्त वर्ष 2026 में मजबूत प्रदर्शन के बाद वित्त वर्ष 2027 में भले ही ग्रोथ सामान्य हो जाए, लेकिन मजबूत मांग और बेहतर वित्तीय आधार के चलते ऑटो और ट्रैक्टर सेक्टर भविष्य में भी स्थिर प्रदर्शन बनाए रखने की स्थिति में हैं।
--आईएएनएस
डीबीपी
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