Ground Report: इस्राइल के पेटवा में ईरान का ताबड़तोड़ हमला, राहुल डबास से जानें ग्राउंड जीरो के हालात
Ground Report: शुक्रवार सुबह न्यूज नेशन की टीम इस्राइल के पेटवा पहुंची. ये एक उपनगर है. पेटवा और तलवी सहित आस पास के उपनगरों में ईरान अंधाधुन मिसाइल हमला कर रहा है. जिस प्रकार इस्राइली हमले में ईरान का ब्रिज तबाह और बर्बाद हुआ है. उसका ही बदला ईरान अब यहां ले रहा है. मेरे पीछे जो फैक्ट्री है, वह पूर्ण रूप से बर्बाद हो गई है. फैक्ट्री के आसपास के इलाके का पूरा इंडस्ट्रियल जोन बंद हो गया है. एक बार ध्यान दीजिए कि हमला गुरुवार और शुक्रवार की दरमियानी रात में हुआ है. जरा सोचिए यही हमला अगर दिन में हुआ तो कितनी कैजुअल्टी हुई होती.
पूरा इलाका आपको तबाह और बर्बाद
खास बात है कि ये डायरेक्ट हिट थी. क्लस्टर बम्स से अटैक नहीं हुआ था. डायरेक्ट ईरानी मिसाइल ने साइट पर अटैक किया और पूरे इलाके को नेस्तानाबू कर दिया. पूरा इलाका आपको तबाह और बर्बाद दिख रहा होगा. ये क्षेत्र सूनसान है. यहां आपको सिर्फ और सिर्फ फैक्ट्रियां ही दिखाई देंगी. फैक्ट्री के अलावा, यहां कुछ भी नहीं है. अगर ये रिहायशी इलाका होता तो कैजुअल्टी का हिसाब लगाना भी मुश्किल हो जाता.
हमला यहां से 100 मीटर भी दूर होता तो हालात विकट होते
हम आपको अगर थोड़ा जूम करके दिखाएं तो आपको इक्विपमेंट्स भी दिखाई देंगे. ये वे इक्विपमेंट्स है, जो पूरी तरह से खत्म हो गए हैं. अगर ये हमला यहां से 100 मीटर भी दूर होता तो हालात विकट हो जाते. संकट खड़ा हो जाता. आसपास सिर्फ बड़ी बड़ी बिल्डिंग ही दूर-दूर तक दिखाई दे रही हैं.
लंबे वक्त से सफाई अभियान जारी
हमले के बाद अब इलाके में चारों ओर मलबा ही मलबा पड़ा हुआ है. मलबे को हटाकर अब इलाके को प्लेन किया जा रहा है. देखें, कैसे पूरे इलाके में टायर के निशान दिखाई दे रहे हैं. जेसीबी द्वारा लंबे वक्त से सफाई अभियान जारी है. इसके आसपास सुरक्षाकर्मी मौजूद हैं. इलाके में कोई विस्फोटक तो नहीं है, इसकी जांच के लिए इस्राइल की अथॉरिटी को ड्रोन की मदद लेनी पड़ रही है.
अफगानिस्तान: खोस्त में पाकिस्तानी हमलों पर भड़के स्थानीय लोग, नागरिक इलाकों को निशाना बनाने का आरोप
काबुल, 3 अप्रैल (आईएएनएस)। अफगानिस्तान के खोस्त प्रांत के तानी जिले में पाकिस्तानी सैनिकों द्वारा कथित रूप से नागरिक इलाकों को निशाना बनाए जाने को लेकर स्थानीय लोगों में भारी नाराज़गी है। गुरुवार देर रात हुए हमलों के बाद इलाके में दहशत का माहौल है।
सूत्रों के अनुसार, लगातार हो रही हिंसा के चलते कई स्थानीय निवासी अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करने लगे हैं। क्षेत्र में हताहतों की भी खबरें हैं, हालांकि अब तक किसी मौत या घायल होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, खोस्त के गुरबुज़ जिले में भी झड़पों की सूचना है। हाल के महीनों में पाकिस्तान द्वारा किए गए हवाई हमलों के कारण दोनों देशों के बीच तनाव काफी बढ़ गया है, जिससे सीमा क्षेत्रों में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं।
यह हिंसा ऐसे समय में हो रही है जब चीन में पाकिस्तान और तालिबान के अधिकारियों के बीच बातचीत जारी है, जिसका उद्देश्य तनाव कम करना और संभावित युद्धविराम पर सहमति बनाना है। हालांकि, जमीनी स्तर पर जारी संघर्ष ने कूटनीतिक प्रयासों की सफलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इस बीच, पेशावर में आयोजित ‘पाकिस्तान-अफगानिस्तान पीस जिरगा’ में शामिल लोगों ने दोनों देशों की सरकारों से सीमा पर हो रही झड़पों को रोकने और विवादों को बातचीत के जरिए सुलझाने की अपील की है।
यह जिरगा थिंक-टैंक ‘एस्पायर खैबर पख्तूनख्वा’ और ‘नेशनल रिफॉर्म मूवमेंट (कौमी इस्लाही तहरीक)’ के तत्वावधान में आयोजित किया गया था, जिसमें राजनीतिक, धार्मिक नेताओं, व्यापारिक समुदाय और मीडिया के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
जिरगा के प्रतिभागियों ने संयुक्त बयान जारी कर दोनों देशों से तुरंत युद्धविराम लागू करने और तनाव कम करने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की। उन्होंने कहा कि दोनों देश साझा धार्मिक, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक मूल्यों से जुड़े हैं, इसलिए युद्ध किसी समस्या का समाधान नहीं है।
बयान में यह भी कहा गया कि दोनों देश यह सुनिश्चित करें कि उनकी भूमि का इस्तेमाल एक-दूसरे के खिलाफ किसी भी गतिविधि के लिए न हो और इस सहमति को पूरी सख्ती से लागू किया जाए। साथ ही, पारस्परिक सम्मान और समझ को स्थायी शांति की सबसे बड़ी गारंटी बताया गया।
--आईएएनएस
डीएससी
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