अफगानिस्तान: खोस्त में पाकिस्तानी हमलों पर भड़के स्थानीय लोग, नागरिक इलाकों को निशाना बनाने का आरोप
काबुल, 3 अप्रैल (आईएएनएस)। अफगानिस्तान के खोस्त प्रांत के तानी जिले में पाकिस्तानी सैनिकों द्वारा कथित रूप से नागरिक इलाकों को निशाना बनाए जाने को लेकर स्थानीय लोगों में भारी नाराज़गी है। गुरुवार देर रात हुए हमलों के बाद इलाके में दहशत का माहौल है।
सूत्रों के अनुसार, लगातार हो रही हिंसा के चलते कई स्थानीय निवासी अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करने लगे हैं। क्षेत्र में हताहतों की भी खबरें हैं, हालांकि अब तक किसी मौत या घायल होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, खोस्त के गुरबुज़ जिले में भी झड़पों की सूचना है। हाल के महीनों में पाकिस्तान द्वारा किए गए हवाई हमलों के कारण दोनों देशों के बीच तनाव काफी बढ़ गया है, जिससे सीमा क्षेत्रों में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं।
यह हिंसा ऐसे समय में हो रही है जब चीन में पाकिस्तान और तालिबान के अधिकारियों के बीच बातचीत जारी है, जिसका उद्देश्य तनाव कम करना और संभावित युद्धविराम पर सहमति बनाना है। हालांकि, जमीनी स्तर पर जारी संघर्ष ने कूटनीतिक प्रयासों की सफलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इस बीच, पेशावर में आयोजित ‘पाकिस्तान-अफगानिस्तान पीस जिरगा’ में शामिल लोगों ने दोनों देशों की सरकारों से सीमा पर हो रही झड़पों को रोकने और विवादों को बातचीत के जरिए सुलझाने की अपील की है।
यह जिरगा थिंक-टैंक ‘एस्पायर खैबर पख्तूनख्वा’ और ‘नेशनल रिफॉर्म मूवमेंट (कौमी इस्लाही तहरीक)’ के तत्वावधान में आयोजित किया गया था, जिसमें राजनीतिक, धार्मिक नेताओं, व्यापारिक समुदाय और मीडिया के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
जिरगा के प्रतिभागियों ने संयुक्त बयान जारी कर दोनों देशों से तुरंत युद्धविराम लागू करने और तनाव कम करने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की। उन्होंने कहा कि दोनों देश साझा धार्मिक, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक मूल्यों से जुड़े हैं, इसलिए युद्ध किसी समस्या का समाधान नहीं है।
बयान में यह भी कहा गया कि दोनों देश यह सुनिश्चित करें कि उनकी भूमि का इस्तेमाल एक-दूसरे के खिलाफ किसी भी गतिविधि के लिए न हो और इस सहमति को पूरी सख्ती से लागू किया जाए। साथ ही, पारस्परिक सम्मान और समझ को स्थायी शांति की सबसे बड़ी गारंटी बताया गया।
--आईएएनएस
डीएससी
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किराये की इनकम से भी मिल सकता है लोन! जानिए कैसे बिना प्रॉपर्टी बेचे पा सकते हैं लाखों रुपए
Rental Income Benifits: अगर आपके पास कोई ऐसी प्रॉपर्टी है जिससे आपको हर महीने किराया मिलता है, तो अब आप उसी इनकम के आधार पर लोन भी ले सकते हैं. इसका मतलब यह है कि आपको अपनी प्रॉपर्टी बेचने की जरूरत नहीं पड़ेगी, फिर भी आप उससे पैसे जुटा सकते हैं. Bankbazaar.com के CEO, अधिल शेट्टी के मुताबिक, इस तरह का लोन बैंक, नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनियां (NBFCs) और हाउसिंग फाइनेंस कंपनियां (HFCs) देती हैं. इसमें लोन देने वाली संस्था आपकी प्रॉपर्टी की वैल्यू और उससे मिलने वाली संभावित किराये की इनकम के आधार पर लोन तय करती है.
कैसे मिलता है यह लोन?
सबसे पहले लोन देने वाला आपकी प्रॉपर्टी का मूल्यांकन करता है. फिर यह देखा जाता है कि आपको हर महीने कितना किराया मिलता है. आमतौर पर इसी किराये के एक हिस्से के आधार पर लोन की राशि तय होती है.
लोन पाने की जरूरी शर्तें
1. प्रॉपर्टी आपके नाम पर होनी चाहिए
जिस प्रॉपर्टी से किराया आ रहा है, उसका मालिक आप ही होना जरूरी है.
2. नियमित किराया मिलना चाहिए
लोन देने वाले ऐसी प्रॉपर्टी को प्राथमिकता देते हैं जो लंबे समय से किराये पर हो और जिससे नियमित इनकम हो रही हो.
3. अच्छा क्रेडिट स्कोर
आपका क्रेडिट स्कोर और पुराना लोन रिकॉर्ड बहुत मायने रखता है. इससे लोन की राशि और ब्याज दर तय होती है.
4. प्रॉपर्टी का मूल्यांकन
बैंक या संस्था आपकी प्रॉपर्टी की मार्केट वैल्यू चेक करती है.
लोन के लिए जरूरी दस्तावेज
लोन के लिए आवेदन करते समय आपको कुछ जरूरी कागजात देने होंगे, जैसे:
- प्रॉपर्टी के दस्तावेज
- किराये का एग्रीमेंट
- बैंक स्टेटमेंट
- इनकम टैक्स रिटर्न (ITR)
- पहचान और पते का प्रमाण
- प्रॉपर्टी की फोटो
आवेदन और जांच प्रक्रिया
सबसे पहले अपनी पसंद के बैंक या NBFC में आवेदन करें. इसके साथ ही सभी दस्तावेज जमा करें. इसके बाद लोन देने वाला आपकी प्रॉपर्टी और किराये की इनकम की जांच करेगा. आमतौर पर बैंक कमर्शियल प्रॉपर्टी पर ज्यादा आसानी से लोन देते हैं, लेकिन कुछ मामलों में रिहायशी प्रॉपर्टी पर भी लोन मिल सकता है.
लोन मिलने की प्रक्रिया
अगर सभी दस्तावेज सही होते हैं और आप पात्रता शर्तें पूरी करते हैं, तो लोन मंजूर हो जाता है. लोन की रकम आपको एक बार में या किस्तों में दी जा सकती है. साथ ही, प्रोसेसिंग फीस भी लग सकती है.
ध्यान रखने वाली बातें
आपको किराये की इनकम और खर्च का सही रिकॉर्ड रखना होगा. अलग-अलग बैंकों के ऑफर की तुलना करते रहें. ब्याज दर, लोन अवधि और चार्जेस ध्यान से समझना भी जरूरी है. इसके साथ ही समय पर EMI चुकाने की योजना भी बनानी होगी.
लोन लेने के फायदे
बता दें कि प्रॉपर्टी बेचने की जरूरत नहीं है, आप किराये की इनकम से ही खर्च पूरे कर सकते हैं. बच्चों की पढ़ाई, घर की मरम्मत या निवेश के लिए पैसा मिल जाता है और प्रॉपर्टी का मालिकाना हक आपके पास ही रहता है.
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पूरी जानकारी जरूर लें
किराये की इनकम पर लोन लेना एक अच्छा विकल्प हो सकता है, खासकर तब जब आपको तुरंत पैसे की जरूरत हो लेकिन आप अपनी प्रॉपर्टी बेचना नहीं चाहते. हालांकि, लोन लेने से पहले पूरी जानकारी और तुलना करना बहुत जरूरी है, ताकि आप सही फैसला ले सकें.
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