Badrinath दान चोरी मामला: Chamoli SIT ने की तीसरी गिरफ्तारी, सुरक्षाकर्मी पकड़ा गया
गोपेश्वर, सात अगस्त उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित बदरीनाथ मंदिर में दान एवं चढ़ावे में कथित वित्तीय अनियमितताओं के प्रकरण में पुलिस ने शुक्रवार को ज्योतिर्मठ (जोशीमठ) स्थित एक निजी जल विद्युत परियोजना के सुरक्षाकर्मी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, आरोपी के आवास से मंदिर में चढ़ायी गई बहुमूल्य धातुओं की वस्तुएं और अन्य सामग्री भी बरामद की गई हैं।
पिछले माह सामने आए इस मामले में यह तीसरी गिरफ्तारी है। चमोली के पुलिस अधीक्षक कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, मंदिर के गणना स्थल की 25 और 29 जून की सीसीटीवी फुटेज में एक व्यक्ति बार-बार थाली भेंट में आयी दान सामग्री में से सामान निकालकर अपनी जेब में रखते हुए स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। आरोपी की पहचान हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा के रहने वाले मनोज कुमार के रूप में हुई जिसे चमोली पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने गिरफ्तार किया।
आरोपी ज्योतिर्मठ में जयप्रकाश पावर वेंचर्स लिमिटेड कंपनी के लामबगड़ स्थित जल विद्युत परियोजना के बैराज में सुरक्षाकर्मी के रूप में नियुक्त था और परियोजना के अधिकारियों, उनके रिश्तेदारों और अतिथियों के वीआईपी दर्शन की जिम्मेदारी निभाने के लिए उसे अक्सर बदरीनाथ मंदिर में भेजा जाता था। आठ जुलाई को श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अधिकारी युद्धवीर पुष्पवान द्वारा बदरीनाथ में दान और चढ़ावे में कथित वित्तीय अनियमितता की शिकायत दी गई थी जिसके आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया था। श्रद्धालुओं की आस्था तथा मंदिर की वित्ताीय पारदर्शिता को देखते हुए चमोली के पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार ने मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया था।
एसआइटी इस मामले में बीकेटीसी के निलंबित कर्मचारी प्रमोद नौटियाल एवं उसके सेवानिवृत्त कर्मचारी राजेन्द्र चौहान को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस ने बताया कि पूछताछ में मनोज कुमार ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। उसने यह भी बताया कि चोरी की गई कुछ सामग्री उसके लामबगड़ स्थित कमरे में रखी हुई है तथा कुछ सामान उसने यात्रियों को बेच दिया।
पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान आरोपी के मोबाइल फोन की ‘रिसायकल बिन’ में कथित रूप से चोरी की गई सामग्री के फोटो भी मिले हैं। पुलिस पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि चोरी के सामान को वह अपने कमरे में ले जाकर चादर पर सजाकर उसकी तस्वीरें खींचता था जिन्हें उसने बाद में डिलीट कर दिया था।
Narsinghpur में मासूम से दुष्कर्म व हत्या का आरोपी गिरफ्तार, फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलेगा मामला
नरसिंहपुर, सात अगस्त मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर जिले में आठ वर्षीय छात्रा से कथित तौर पर दुष्कर्म करने के बाद उसकी गला दबाकर हत्या करने के आरोप में 22 वर्षीय एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। इस घटना के विरोध में स्थानीय लोगों ने प्रदर्शन करते हुए आरोपी के मकान पर बुलडोजर चलाने और उसे फांसी देने की मांग की। पुलिस के एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि घटना बुधवार की है। आरोपी को बृहस्पतिवार को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने बताया कि आरोपी बच्ची की तलाश में जुटे ग्रामीणों के साथ खुद भी उसे खोजने का नाटक करता रहा।
पुलिस ने बताया कि आरोपी बुधवार को दोपहर के भोजनावकाश के दौरान स्कूल पहुंचा और छात्रा से कहा कि उसके पिता ने उसे घर बुलाया है। इसके बाद वह उसे अपने साथ ले गया। अधिकारी ने बताया कि स्कूल की छुट्टी के बाद बच्ची घर नहीं पहुंची तो परिजनों ने पुलिस को सूचना दी।
करीब आठ घंटे तक चले तलाशी अभियान के बाद गांव से लगभग डेढ़ किलोमीटर दूर जंगल में एक खाई से बच्ची का शव बरामद किया गया। पुलिस अधीक्षक ऋषिकेश मीणा ने बताया कि बच्ची की तलाश में 40 से 50 पुलिसकर्मी और लगभग 60 ग्रामीण लगे हुए थे। इस दौरान आरोपी भी लोगों के साथ बालिका को खोजने का दिखावा कर रहा था।
उन्होंने बताया कि पुलिस ने खोजी श्वान की मदद ली। खोजी श्वान पुलिस को सीधे आरोपी के घर तक ले गया, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। अधिकारी ने बताया कि बृहस्पतिवार को पोस्टमार्टम के दौरान बड़ी संख्या में लोग शवगृह के बाहर एकत्र हो गए।
बाद में उन्होंने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर आरोपी को फांसी देने, उसके मकान पर बुलडोजर चलाने तथा पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग की। उन्होंने बताया कि स्थिति को देखते हुए पुलिस ने बच्ची के शव को दूसरे रास्ते से उसके गांव पहुंचाया। उन्होंने बताया कि मामले की सुनवाई त्वरित अदालत में कराई जाएगी।
घटना के विरोध में गोटेगांव तहसील स्थित पीड़िता के गांव का बाजार शुक्रवार को बंद रहा। ग्रामीणों ने कैंडल मार्च भी निकाला। अधिकारी ने बताया कि लोगों में भारी आक्रोश को देखते हुए गांव में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
इस बीच, मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने पीड़िता के गांव पहुंचकर शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात की और उन्हें एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की। सिंघार ने एक बयान में कहा कि यह अमानवीय और हृदयविदारक घटना पूरे मध्यप्रदेश को झकझोर देने वाली है। उन्होंने कहा कि वह इस दुख की घड़ी में पीड़ित परिवार के साथ खड़े हैं।
कांग्रेस नेता ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से मामले की सुनवाई त्वरित अदालत में कराने और आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की मांग की। उन्होंने कहा कि ऐसे जघन्य अपराधों में त्वरित और कठोर कार्रवाई से ही समाज का कानून पर विश्वास मजबूत होगा तथा न्याय की लड़ाई जारी रहेगी।
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