TMC विधायक Kunal Ghosh ने BJP पर साधा निशाना, असंतुष्ट नेताओं पर उठाए सवाल
कोलकाता, सात अगस्त पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी गुट के एक नेता ने तृणमूल कांग्रेस से अलग होकर बने गुटों पर निशाना साधते हुए शुक्रवार को आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पश्चिम बंगाल में ‘‘प्रबंधित विपक्ष’’ तैयार करने की कोशिश कर रही है। ममता बनर्जी समर्थक तृणमूल विधायक कुणाल घोष ने इसके समर्थन में असंतुष्ट नेताओं की नयी दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और कोलकाता में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के साथ हुई बैठकों का हवाला दिया। राष्ट्रीय राजधानी में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा आयोजित नाश्ता बैठक में राजग के घटक दलों के 40 से अधिक सांसदों ने हिस्सा लिया, जिसके बाद कुणाल घोष ने यह आरोप लगाया।
इस बैठक में नेशनलिस्ट सिटीजंस पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) के सांसद भी शामिल थे। इसी दौरान, ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल गुट के 13 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने नबान्न में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान मतदाता सूची से जुड़े विवादों के निपटारे के लिए क्षेत्रीय न्यायाधिकरण गठित करने की मांग की।
हालांकि, एनसीपीआई और ऋतब्रत बनर्जी गुट ने इन आरोपों को खारिज कर दिया। कुणाल घोष ने इन घटनाक्रमों को लेकर आरोप लगाया कि भाजपा और उसकी ‘‘बी-टीम’’ राज्य में सरकार विरोधी प्रभावी राजनीति को कमजोर करने के लिए मिलकर काम कर रही हैं। घोष ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘बी-टीम’ के गद्दार नंबर-1 प्रधानमंत्री से मिले, जबकि ‘बी-टीम’ के गद्दार नंबर-2 नबान्न में मुख्यमंत्री से मिलने गए।’’ उन्होंने दावा किया कि तृणमूल के असंतुष्ट लोकसभा सदस्यों द्वारा गठित एनसीपीआई राजनीतिक रूप से ‘‘दिशाहीन’’ संगठन है, जो कानूनी और राजनीतिक संरक्षण चाहता है।
घोष ने यह भी आरोप लगाया कि ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाला गुट भाजपा के साथ मिलकर काम कर रहा है। उन्होंने दोनों बैठकों में शामिल नेताओं के राजनीतिक भविष्य पर टिप्पणी करते हुए दावा किया कि उनका ‘‘राजनीतिक करियर लगभग समाप्त हो चुका है’’। तृणमूल नेता ने आरोप लगाया कि वे (एनसीपीआई और ऋतब्रत) मतदाताओं को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं।
घोष ने कहा, ‘‘जब वे दोबारा जनता के बीच वोट मांगने जाएंगे, तब बंगाल की जनता उन्हें करारा जवाब देगी।
Gurugram Rain से जलमग्न हुए प्रमुख रास्ते, स्कूलों में छुट्टी और वर्क फ्रॉम होम लागू
गुरुग्राम, सात अगस्त गुरुग्राम के कई इलाकों में शुक्रवार को भारी बारिश के बाद जलभराव हो गया। इसके चलते ज्यादातर लोगों को घरों में रहने के लिए मजबूर होना पड़ा, कई कंपनियों ने कर्मचारियों को घर से काम करने को कहा, जबकि स्कूलों ने छुट्टी घोषित कर ऑनलाइन माध्यम से कक्षाएं शुरू कर दीं। दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेस-वे सबसे अधिक प्रभावित इलाकों में शामिल रहा।
डीएलएफ सेक्टर-42 में ग्लोबल फोयर मॉल के सामने गोल्फ कोर्स रोड पूरी तरह पानी में डूब गई। कई जगहों पर जलभराव के कारण वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। साइबर हब के पास गेटवे टावर मेट्रो स्टेशन के सामने एक्सप्रेस-वे का एक बड़ा हिस्सा पानी में डूब गया।
इस मानसून में शीतला माता रोड गुरुग्राम के सबसे अधिक जलभराव वाले इलाकों में शामिल है, और एक बार फिर पानी में डूब गई। राजेंद्र पार्क, दौलताबाद औद्योगिक क्षेत्र और आसपास की कॉलोनियों में भी खराब बुनियादी ढांचे की स्थिति उजागर हुई। वहीं, दिल्ली-जयपुर राजमार्ग पर एक वीआईपी दौरे के कारण स्थिति कुछ अलग नजर आई।
नरसिंहपुर क्षेत्र, जो जलभराव और भारी यातायात जाम के लिए जाना जाता है, वहां स्थिति सामान्य रही। राजमार्ग पर वाहन सामान्य गति से चलते नजर आए और कहीं भी यातायात जाम की स्थिति नहीं बनी। प्रशासन ने मानेसर में मुख्यमंत्री के ‘वन महोत्सव’ कार्यक्रम के लिए सड़क को सीमित यातायात के लिए तैयार किया था।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, गुरुग्राम तहसील में सुबह आठ बजे से शाम पांच बजे तक 60 मिलीमीटर (मिमी) बारिश दर्ज की गई। वहीं, सोहना में 82 मिमी, बादशाहपुर में 74 मिमी, वजीराबाद में 68.5 मिमी और कादीपुर तथा हरसरू में 60-60 मिमी बारिश हुई। राजीव चौक, इफको चौक, सोहना रोड और दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेस-वे समेत कई प्रमुख चौराहों और सर्विस लेन पर जलभराव हो गया।
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