पेंटागन की कुर्सी खाली: ट्रंप ने बदला अपना सेनापति! ईरान के खिलाफ सुस्त रणनीति के चलते ट्रंप ने सेना प्रमुख पर चलाया हंटर
दुनिया जब ईरान और अमेरिका के बीच छिड़े भीषण युद्ध के नतीजों पर नजरें गड़ाए बैठी है, उसी दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक चौंकाने वाला कदम उठाया है। ट्रंप प्रशासन ने अमेरिकी सेना प्रमुख जनरल रैंडी जॉर्ज को तत्काल प्रभाव से 'जबरन रिटायर' करने का आदेश जारी कर दिया है।
व्हाइट हाउस की ओर से आए इस आदेश के बाद पेंटागन में हड़कंप की स्थिति है। जनरल रैंडी जॉर्ज, जिन्होंने कई महत्वपूर्ण मिशनों का नेतृत्व किया था, उनकी इस तरह अचानक विदाई ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
US Army Chief of Staff Randy George has been asked to step down by Defense Secretary Pete Hegseth and take immediate retirement, two defense officials and a source familiar with the matter told Reuters https://t.co/TfHoDcbEcG
— Reuters (@Reuters) April 2, 2026
आधिकारिक तौर पर इसे एक प्रशासनिक प्रक्रिया बताया जा रहा है, लेकिन रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इसके पीछे युद्ध की रणनीतियों को लेकर गहरे मतभेद छिपे हो सकते हैं।
क्या रणनीतिक विफलता या ट्रंप की नाराजगी है असली वजह?
राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा जोरों पर है कि राष्ट्रपति ट्रंप जनरल रैंडी जॉर्ज की कार्यशैली से खुश नहीं थे। ईरान के खिलाफ चल रहे सैन्य अभियानों की गति और कुछ रणनीतिक फैसलों को लेकर ट्रंप और जनरल जॉर्ज के बीच लंबे समय से खींचतान चल रही थी।
ट्रंप चाहते थे कि ईरान के परमाणु ठिकानों और नेतृत्व पर अधिक आक्रामक प्रहार किए जाएं, जबकि जनरल जॉर्ज संतुलित और सतर्क दृष्टिकोण अपनाने के पक्ष में थे।
ट्रंप का मानना है कि युद्ध के इस नाजुक मोड़ पर उन्हें एक ऐसे सेनापति की जरूरत है जो उनके 'प्रचंड प्रहार' के विजन को बिना किसी हिचकिचाहट के धरातल पर उतार सके।
पेंटागन में बड़े फेरबदल और 'मिलिट्री क्लीनअप' के संकेत
जनरल रैंडी जॉर्ज की विदाई केवल एक व्यक्ति का जाना नहीं है, बल्कि यह पेंटागन में होने वाले बड़े बदलाव का संकेत माना जा रहा है।
ट्रंप प्रशासन के सत्ता में आने के बाद से ही कयास लगाए जा रहे थे कि वे ओबामा और बाइडन काल के दौरान नियुक्त किए गए शीर्ष सैन्य अधिकारियों को बदल सकते हैं। ट्रंप का आरोप रहा है कि पुरानी सैन्य लीडरशिप बहुत अधिक 'राजनीतिक' हो गई थी।
अब सेना प्रमुख को हटाकर ट्रंप ने स्पष्ट संदेश दे दिया है कि वे अपनी पसंद की नई टीम तैयार करेंगे जो पूरी तरह से उनके 'अमेरिका फर्स्ट' और आक्रामक सैन्य सिद्धांत के प्रति समर्पित होगी।
नए सेना प्रमुख की तलाश और युद्ध पर पड़ने वाला असर
जनरल जॉर्ज के हटने के बाद अब सवाल यह है कि अमेरिकी सेना की कमान किसके हाथों में होगी? फिलहाल उप-सेना प्रमुख को कार्यवाहक जिम्मेदारी दी जा सकती है, लेकिन ट्रंप जल्द ही किसी नए 'फायरब्रांड' जनरल के नाम का ऐलान कर सकते हैं।
इस बदलाव का सीधा असर ईरान के खिलाफ चल रहे युद्ध पर पड़ेगा। सैन्य विश्लेषकों का डर है कि कमान में इस अचानक बदलाव से कमांड चेन में अस्थायी अस्थिरता आ सकती है, जिसका फायदा ईरान उठा सकता है।
हालांकि, ट्रंप के समर्थकों का दावा है कि एक नई और ऊर्जावान लीडरशिप से युद्ध को निर्णायक मोड़ पर पहुँचाया जा सकेगा और अमेरिका को जल्द ही इस संघर्ष में पूर्ण विजय प्राप्त होगी।
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