नोएडा के इन 14 गांवों में 7200 बीघे जमीन अधिग्रहित होगी, जानें योगी सरकार का क्या है प्लान?
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले चरण के बाद अब दूसरे चरण के विस्तार की तैयारी तेज हो गई है। इसके तहत स्टेज-2 फेज-2 और स्टेज-2 फेज-3 के लिए अतिरिक्त जमीन ली जाएगी। दरअसल सरकार का मानना है कि एयरपोर्ट के विस्तार से क्षेत्र के विकास को गति मिलेगी और रोजगार के नए अवसर भी पैदा …
ईरान को बड़ी चोट पहुंचाने में लगा अमेरिका, ब्रिज तबाह, ट्रंप बोले- समझौता करों नहीं तो ऐसे हमले जारी रहेंगे
मिडिल ईस्ट में संघर्ष का दौर जारी है. गुरुवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने संबोधन में ईरान पर आगे भी हमले होने की चेतावनी दी थी. उनका कहना था कि अब बस दो से तीन हफ्तों में युद्ध का फैसला हो जाएगा. बयान के बाद से ही शुक्रवार को इजरायल ने तड़के बड़ा हमला किया है. ईरान के करज इलाके में बने ब्रिज को तबाह कर दिया. इस हमले का वीडियो शेयर करते हुए ट्रंप ने कहा कि ईरान अगर अमेरिका के साथ समझौता नहीं करता है तो हालात और बिगड़ने वाले हैं. बताया जा रहा है कि यह ईरान का सबसे ऊंचा पुल है.
US President Donald Trump posts on Truth Social, "...It is time for Iran to make a deal before it is too late and there is nothing left of what still could become a great country..." pic.twitter.com/CrmxmVluPU
— ANI (@ANI) April 2, 2026
ईरान पर दबाव बनाने की कोशिश
दरअसल राष्ट्रपति ट्रंप ईरान पर समझौता करने का दबाव बना रहे हैं. उन्होंने वीडियो को शेयर करते चेताया है कि अगर समझौता नहीं होता है तो इस तरह के हमले आगे भी जारी रहने वाले हैं.
राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने किया पलटवार
डोनाल्ड ट्रंप की इस धमकी पर ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने पलटवार करते हुए कहा कि अस्पतालों, दवा बनाने वाली कंपनियों और मेडिकल रिसर्च सेंटर जैसी आम जनता से जुड़ी जरूरी चीजों पर हमला करने का क्या अर्थ है. उन्होंने इसे मानवता के खिलाफ बताया है. इसे अपराध की संज्ञा दी. उन्होंने विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ), रेड क्रॉस और डॉक्टरों की अंतरराष्ट्रीय संस्था डॉक्टर विदाउट बॉर्डर से इसका विरोध करने की अपील की है.
ईरान ने अरब देशों पर मिसाइलें दागीं
ईरान ने भी गुरुवार को इजराइल और खाड़ी के अरब देशों पर मिसाइलें दागीं. उसने बहरीन में अमेरिकी कंपनी अमेजन के प्लांट पर हमला किया था. उसके डेटा सेंटर को बबार्द कर दिया था. वहीं स्ट्रेट आफ होर्मुज पर उसने अपना नियंत्रण को कायम कर रखा है. इसके कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर असर हो रहा है. पूरी दुनिया को ईंधन की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है.
30 से अधिक देशों के साथ चर्चा
इस रास्ते के बंद होने से युद्ध में ईरान को बड़ी रणनीतिक बढ़त मिल रही है. ब्रिटेन समते सभी यूरोपीय देश इसे खुलवाने की कोशिश में जुटे हैं. वह लगातार अमेरिका पर दबाव बना रहे हैं कि युद्ध को जल्द से जल्द खत्म कर दिया जाए. आपको बता दें कि इस क्षेत्र से दुनियाभर मे करीब 20 प्रतिशत तेल की आपूर्ति होती थी. इससे पहले ट्रंप कह चुके हैं कि नाटो देशों को भी इस रास्ते को खुलवाने में मदद करी चाहिए. हालांकि उन्हें इन देशों से सपोर्ट हासिल नहीं हुआ है. अब ट्रंप का कहना है कि जिस देश को भी समस्या हो रही है वह खुद अपने हक की लड़ाई लड़े. उसे युद्ध में उतरना होगा.
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