हॉर्मुज संकट के बीच दक्षिण कोरिया ने 50 मिलियन बैरल वैकल्पिक तेल आपूर्ति सुनिश्चित की
सोल, 2 अप्रैल (आईएएनएस)। दक्षिण कोरिया ने कहा है कि उसने इस महीने के लिए लगभग 50 मिलियन वैकल्पिक तेल आपूर्ति सुनिश्चित कर ली है, ताकि मध्य पूर्व से आने वाली आपूर्ति की कमी को पूरा किया जा सके, जो कि हॉर्मुज स्ट्रेट के प्रभावी रूप से बंद होने के कारण बाधित हो गई है।
गुरुवार को सरकारी अधिकारियों ने यह जानकारी देते हुए ऊर्जा आपूर्ति को स्थिर बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास जारी रखने का वादा किया।
योनहाप समाचार एजेंसी के अनुसार, सरकार और तेल रिफाइनरियां विभिन्न देशों से वैकल्पिक तेल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कड़ी मेहनत कर रही हैं। व्यापार, उद्योग और संसाधन सुरक्षा के उपमंत्री यांग घि-वुक ने नियमित ऊर्जा आपूर्ति ब्रीफिंग में कहा कि सोल सऊदी अरब, ओमान, कजाकिस्तान, अमेरिका और अन्य देशों से संपर्क कर रहा है।
यांग ने बताया कि सामान्य परिस्थितियों में दक्षिण कोरिया को हर महीने लगभग 80 मिलियन बैरल तेल प्राप्त होता है, लेकिन इस महीने के लिए अभी तक लगभग 50 मिलियन बैरल की आपूर्ति अस्थायी रूप से सुनिश्चित की गई है। मई में वैकल्पिक आपूर्ति और बढ़ने की उम्मीद है।
कमी को पूरा करने के लिए सरकार मांग को नियंत्रित कर रही है और निजी कंपनियों के साथ कच्चे तेल के स्वैप सिस्टम के जरिए आपूर्ति में मदद कर रही है। सरकार बाजार पर कड़ी नजर बनाए रखेगी।
ऑस्ट्रेलिया की ओर से प्राकृतिक गैस के निर्यात पर प्रतिबंध लगाने की योजना के बारे में यांग ने कहा कि इसका दक्षिण कोरिया पर सीमित प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने बताया कि ऑस्ट्रेलिया ने सोल के विदेश मंत्रालय को आश्वस्त किया है कि कोरिया के साथ उसके दीर्घकालिक गैस आपूर्ति अनुबंध में कोई बाधा नहीं आएगी।
उन्होंने आगे कहा कि ऑस्ट्रेलिया शॉर्ट-टर्म स्पॉट अनुबंधों पर नेचुरल गैस के निर्यात पर रोक लगाने की योजना बना रहा है। सोल को देश से लगभग 30,000 से 40,000 टन शॉर्ट-टर्म गैस सप्लाई में रुकावट आ सकती है, जो एक दिन की सप्लाई का सिर्फ आधा है।
इस बीच उद्योग मंत्री किम जंग-क्वान ने मध्य पूर्व संघर्ष के कारण उत्पन्न आपूर्ति बाधाओं के बीच नेफ्था और अन्य पेट्रोकेमिकल सामग्री की आपूर्ति को स्थिर रखने के लिए हर संभव प्रयास करने का वादा किया।
यह बयान उन्होंने संबंधित मंत्रालयों और व्यावसायिक संगठनों के अधिकारियों के साथ हुई बैठक में दिया, जिसमें पेट्रोकेमिकल उत्पादों की आपूर्ति श्रृंखला पर चर्चा की गई।
किम कहा, नेफ्था उद्योग की एक बुनियादी आवश्यकता है और रोजमर्रा के उत्पादों में उपयोग होने वाला एक प्रमुख कच्चा माल है, इसलिए सरकार स्थिर पेट्रोकेमिकल आपूर्ति श्रृंखला स्थापित करने और लोगों के दैनिक जीवन तथा औद्योगिक गतिविधियों में किसी भी तरह की बाधा को रोकने के लिए हर संभव प्रयास करेगी।
मंत्री ने यह भी कहा कि बाजार में अनुचित प्रथाओं और भरोसे को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
--आईएएनएस
एवाई/एबीएम
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
ऑस्ट्रिया का दावा, 'हमने ईरान विरुद्ध अभियान के लिए यूएस को नहीं दिया अपना एयरस्पेस'
वियना, 2 अप्रैल (आईएएनएस)। यूरोप के कई देशों ने अमेरिका के सैन्य अभियानों से दूरी बनानी शुरू कर दी है। इसमें सबसे नया नाम ऑस्ट्रिया का जुड़ गया है। जिसने ईरान से जुड़े सैन्य ऑपरेशनों के लिए अपने एयरस्पेस के इस्तेमाल की अमेरिकी मांग ठुकरा दी है।
ऑस्ट्रिया के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह फैसला देश के सख्त तटस्थता कानून के तहत लिया गया है। मंत्रालय के प्रवक्ता के हवाले से ब्रॉडकास्टर ओआरएफ ने पुष्टि की कि वाशिंगटन की ओर से कई अनुरोध आए थे, लेकिन हर मामले को विदेश मंत्रालय के साथ मिलकर अलग-अलग आधार पर परखा जाएगा। हालांकि, ऑस्ट्रिया ने पूरी तरह से अमेरिकी उड़ानों पर प्रतिबंध नहीं लगाया है, बल्कि हर अनुरोध की समीक्षा तथ्यों के आधार पर की जा रही है।
यूरोप में यह रुख अकेला नहीं है। स्पेन, जो इस युद्ध का खुलकर विरोध कर रहा है, पहले ही अपने एयरस्पेस को संघर्ष में शामिल अमेरिकी सैन्य विमानों के लिए बंद कर चुका है।
वहीं इटली ने भी पिछले हफ्ते सिसिली स्थित अपने सैन्य अड्डे के इस्तेमाल की अनुमति अमेरिकी बमवर्षक विमानों को देने से इनकार कर दिया था।
यूरोपीय देशों के इनकार से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी काफी खफा हैं। वो ट्रुथ के अलावा विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर खुलकर विरोध जता चुके हैं। कई मीडिया साक्षात्कार में खुले तौर पर नाटो और यूरोपीय देशों के खिलाफ राय जाहिर कर चुके हैं। लगभग हर दूसरे दिन वो ट्रुथ पर मदद न करने का तंज कसते हुए कह देते हैं कि अमेरिका याद रखेगा। जिस होर्मुज स्ट्रेट पर कब्जे का वो दावा करते थे अब उसे लेकर भी उन्होंने रुचि नहीं दिखाई है। राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में कहा कि अब उसकी जिम्मेदारी वो उठाएं, जिन्हें वहां से अपना सामान ले जाना है।
हाल ही में डेली टेलीग्राफ को दिए एक साक्षात्कार में ट्रंप ने ईरान-इजरायल संघर्ष के दौरान नाटो सहयोगियों, खासकर ब्रिटेन और फ्रांस की ओर से सैन्य मदद न देने पर नाराजगी जताई। ट्रंप ने नाटो को कागजी शेर (पेपर टाइगर) करार दिया और अमेरिका के गठबंधन से बाहर निकलने की धमकी दी।
--आईएएनएस
केआर/
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