असम में 50 हजार से ज्यादा मुसलमानों के तोड़े गए घर, अजमल की पार्टी को मजबूत करना जरूरी- असदुद्दीन ओवैसी
Assam Politics: ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी इन दिनों असम के दौरे पर हैं. उन्होंने असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा पर गंभीर आरोप लगाए हैं. ओवैसी का कहना है कि असम में 'नफरत की राजनीति' की जा रही है. यहां ओवैसी दो दिन के लिए असम गए हैं ताकि Badruddin Ajmal की पार्टी All India United Democratic Front (AIUDF) को समर्थन दे सकें. उन्होंने कहा कि राज्य में मुसलमानों के साथ जो हो रहा है, उसके खिलाफ आवाज उठाना जरूरी है.
50 हजार से ज्यादा मुसलमानों के तोड़े गए घर
ओवैसी ने दावा किया कि असम में 50,000 से ज्यादा मुसलमानों के घर तोड़ दिए गए हैं, जिससे वे बेघर हो गए हैं. उनका कहना है कि ऐसे समय में अजमल की पार्टी को मजबूत करना जरूरी है ताकि इन लोगों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा हो सके. उन्होंने कांग्रेस पर भी निशाना साधा. ओवैसी के मुताबिक, कांग्रेस भाजपा को रोकने में पूरी तरह नाकाम रही है. उनका कहना है कि आज असम में भाजपा की सरकार है तो इसके लिए कहीं न कहीं कांग्रेस भी जिम्मेदार है.
#WATCH | Assam Elections 2026 | Guwahati: AIMIM chief Asaduddin Owaisi says, "I am in Assam for two days to support Badruddin Ajmal's party AIUDF. I believe that with Himanta Biswa Sarma as Chief Minister, the politics of hatred is being run in Assam. Congress has failed to stop… pic.twitter.com/ZzAHCnMHX3
— ANI (@ANI) April 2, 2026
9 अप्रैल को होनी है वोटिंग
इस बीच असम में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. राज्य की सभी 126 सीटों पर 9 अप्रैल को एक ही चरण में मतदान होगा और 4 मई को नतीजे आएंगे. यहां मुकाबला मुख्य रूप से भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए और कांग्रेस के बीच है. भाजपा अपने सहयोगी दलों AGP और BPF के साथ मैदान में है और लगातार तीसरी बार सत्ता में आने की कोशिश कर रही है.
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#WATCH | Assam Elections 2026 | Guwahati: AIMIM chief Asaduddin Owaisi says, “…Freedom of religion is a fundamental right as per the Constitution. The preamble talks about Liberty of thought, equality and justice. The aim is to impose the Hindu Code Bill in the name of UCC,… pic.twitter.com/YHYnkHNM4t
— ANI (@ANI) April 2, 2026
यूसीसी का भी ओवैसी ने उठाया मुद्दा
वहीं ओवैसी ने धर्म की आजादी और यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) एक और बड़ा मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि भारत के संविधान के मुताबिक धर्म की आज़ादी हर नागरिक का मौलिक अधिकार है. उन्होंने आरोप लगाया कि UCC के नाम पर 'हिंदू कोड बिल' लागू करने की कोशिश हो रही है, जो संविधान के खिलाफ है.
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पीएम मोदी ने भी जमकर विपक्ष पर साधा निशाना
दूसरी तरफ, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी असम में एक रैली के दौरान कांग्रेस पर जमकर हमला बोला. उन्होंने कहा कि कांग्रेस आजादी के बाद से ही भ्रष्टाचार की जड़ रही है. मोदी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने असम की पहचान, सुरक्षा और सम्मान के साथ खिलवाड़ किया है. पीएम ने यह भी कहा कि कांग्रेस ने सत्ता के लिए असम की संस्कृति और पहचान से समझौता किया और राज्य के हितों को नजरअंदाज किया. उन्होंने 'अवैध घुसपैठियों' को मुख्यधारा में लाने का भी आरोप कांग्रेस पर लगाया.
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बलूचिस्तान में मोर्टार हमले में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत
क्वेटा, 2 अप्रैल (आईएएनएस)। बलूचिस्तान में पाकिस्तानी बलों की ओर से की गई मोर्टार फायरिंग में एक बच्चे सहित बलूच परिवार के कम से कम तीन सदस्यों की मौत हो गई। बलूच नेशनल मूवमेंट के मानवाधिकार विभाग ‘पांक’ के अनुसार यह दुखद घटना 31 मार्च की शाम अवारान जिले के बुंगुल बाजार क्षेत्र में हुई।
रिपोर्ट में कहा गया है कि बलूच सशस्त्र समूहों की ओर से पास के एक सैन्य शिविर पर हमले के बाद, पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने नागरिक आबादी के पास भारी हथियारों का इस्तेमाल किया, जिनमें मोर्टार शेलिंग भी शामिल था।
एक मोर्टार शेल बुंगुल बाजार में एक रिहायशी घर पर गिरा, जिससे एक ही परिवार के तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।
मृतकों की पहचान 60 वर्षीय मोहम्मद उमर, 57 वर्षीय फैजा और उनकी बेटी महजैब बलूच (पांचवीं कक्षा की छात्रा) के रूप में हुई है।
इस घटना की निंदा करते हुए, बलूच वॉयस फॉर जस्टिस (बीवीजे) ने कहा, “यह घटना अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून, खासकर भेदभाव और अनुपात के सिद्धांतों के संभावित उल्लंघन को दिखाती है, जो सभी पार्टियों को आम लोगों और आम लोगों की चीजों की रक्षा करने के लिए मजबूर करते हैं। आबादी वाले इलाकों में इनडायरेक्ट फायरिंग का इस्तेमाल बिना सोचे-समझे नुकसान का खतरा काफी बढ़ा देता है और इसकी सख्त जांच की जरूरत है।”
संगठन ने इस घटना की तुरंत, स्वतंत्र और पारदर्शी जांच की मांग की और कहा कि दोषियों को लागू कानूनी ढांचे के तहत जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।
इस बीच, पांक ने पाकिस्तानी सेना की ओर से चार आम लोगों की गैर-न्यायिक हत्याओं और तीन अन्य लोगों को जबरदस्ती गायब करने पर जोर दिया।
संगठन के अनुसार, 18 वर्षीय छात्र गुलाम कादिर और दो अन्य व्यक्तियों के गोलियों से छलनी शव बलूचिस्तान के ग्वादर जिले में तटीय पल्लेरी लिंक रोड पर पाए गए।
पांक ने कहा, “इन परिस्थितियों से स्पष्ट होता है कि यह न्यायेतर हत्या का मामला है। एक साथ कई शवों का मिलना संगठित हिंसा और व्यवस्थित निशाना बनाने की आशंकाओं को और बढ़ाता है।”
संगठन ने 28 मार्च को पंजगुर जिले के दुजाप क्षेत्र के निवासी फराज बलूच की कथित हत्या की भी कड़ी निंदा की, जिसे पाकिस्तान समर्थित डेथ स्क्वॉड्स की ओर से अंजाम दिया गया।
--आईएएनएस
एवाई/एबीएम
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