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बच्चों के लिए संजीवनी है जायफल, आयुर्वेद से जाने सेवन से पहले की सावधानियां

नई दिल्ली, 2 अप्रैल (आईएएनएस)। बदलते मौसम का प्रभाव बच्चों से लेकर बड़ों पर पड़ता है, लेकिन छोटे बच्चे बदलते मौसम की मार सबसे ज्यादा झेलते हैं। पेट खराब होना या सिर्फ जुकाम होना, ये समस्याएं बच्चों को सबसे अधिक परेशान करती हैं, लेकिन आयुर्वेद में कुछ ऐसे आराम उपाय बताए गए हैं, जिससे बिना किसी नकारात्मक प्रभाव के बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाया जा सकता है।

आयुर्वेद में जायफल को इसका एक मात्र उपाय बताया है। आयुर्वेद में जायफल को वात-शामक, पाचक और मेध्य माना गया है। यह रोग प्रतिरोधक क्षमता से लेकर मस्तिष्क को पोषण देने में मदद करता है। इससे पेट से जुड़ी परेशानी जैसे गैस में भी आराम मिलता है, लेकिन उसके सेवन का तरीका बहुत कम लोग ही जानते हैं।

आयुर्वेद में माना गया है कि किसी औषधि को उचित संस्कार देने से उसके गुण अधिक संतुलित और शरीर के लिए कोमल हो जाते हैं, क्योंकि जायफल स्वभाव से तीक्ष्ण माना जाता है। इसलिए बच्चों के लिए उसे इस प्रकार तैयार किया जाता था।

पुराने समय से ही खासकर बच्चों के लिए जायफल को सीधे नहीं दिया जाता था। पहले उसे दूध में उबाला जाता, फिर दही में रखा जाता और अंत में घी में पकाया जाता था। इसके बाद ही उसे दूध में घिसकर बच्चों को बहुत थोड़ी मात्रा में दिया जाता था। सबसे पहले जायफल को थोड़ी देर दूध में उबाला जाता है और फिर कुछ घंटों के लिए दही में थोड़ा दिया जाता है और आखिर में घी में पकाया जाता है। इससे जायफल की गर्म और तीखी तासीर कम होती है, और इसके औषधीय गुण भी बढ़ जाते हैं।

इसके चुटकीभर सेवन से रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है, बैचेनी कम होती है। पेट से जुड़ी समस्याएं कम होती है और सर्दी और खांसी-जुकाम में आराम मिलता है। अगर बच्चा ठीक से सो नहीं पाता है, तब भी कम मात्रा में इसे बच्चों को दिया जाता है। यह तंत्रिक तंत्र को शांत करके बच्चों को गहरी नींद लाने में मदद करता है। ध्यान रखने वाली बात 6 महीने से कम उम्र के बच्चे को बिना चिकित्सक की सलाह के न दें और अगर बच्चे का पेट खराब है, तब भी इसे देने से बचें।

--आईएएनएस

पीएस/वीसी

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने लॉन्च की नई वेबसाइट, अब एआई असिस्टेंट 'कर साथी' के साथ टैक्स भरना होगा आसान

नई दिल्ली, 2 अप्रैल (आईएएनएस)। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने गुरुवार को नई वेबसाइट लॉन्च की। इस वेबसाइट को एआई असिस्टेंट कर साथी के साथ लॉन्च किया गया है। इससे टैक्स भरना पहले के मुकाबले आसान हो जाएगा।

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर की गई एक पोस्ट में कहा गया कि नई इनकम टैक्स वेबसाइट शुरू हो चुकी है। यह नेविगेट करने में आसान और उपयोग करने में तेज है। इसमें इनकम टैक्स से जुड़ी सारी जानकारी एक ही स्थान पर मौजूद है।

पोस्ट में आगे बताया गया कि इसमें एआई असिस्टेंट कर साथी दिया हुआ है जो कि डायरेक्ट टैक्स भरने की आपकी यात्रा को आसान बनाएगा।

इस पोस्ट के साथ इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें बताया गया कि नई इनकम टैक्स वेबसाइट को लॉन्च कर दिया गया है। इसमें अधिक जानकारी दर्शाने वाले डिजाइन और स्मार्ट नेविगेशन से यूजर्स आसानी से जानकारी हासिल कर सकते हैं।

डिपार्टमेंट ने बताया कि वेबसाइट को समावेशी और यूजर्स फ्रेंडली बनाया है और इसे डेस्कटॉप, मोबाइल और टैबलेट से एक्सेस किया जा सकता है।

इनकम टैक्स ने बताया कि वेबसाइट पर कर कानून और नियम, कर की जानकारी एवं सेवाएं और टैक्स ई-सर्विसेज के रूप में यूनिफाइड टैब दिए हुए हैं। जहां से यूजर को सारी जानकारी एक ही स्थान पर मिल जाएगी।

इसमें एफएक्यू, इंटरनेशनल टैक्सेशन, टैक्स कैलेंडर और सर्कुलर एवं नोटिफिकेशन और इनकम टैक्स प्रोविजन जैसे गाइडेंस टूल्स भी दिए गए हैं।

इसके अलावा, इमसें एआई असिस्टेंट कर साथी भी दिया हुआ है, इससे करदाता टैक्स से जुड़ा अपना कोई भी सवाल हिंदी या अंग्रेजी में पूछकर तत्काल समाधान जान सकते हैं।

पिछले महीने केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड के अध्यक्ष रवि अग्रवाल ने एक इवेंट में कर साथी का जिक्र किया था। उन्होंने कहा, यह एआई-सक्षम चैटबॉट विभाग की वेबसाइट के माध्यम से करदाताओं को चौबीसों घंटे सहायता प्रदान करेगा।

--आईएएनएस

एबीएस/

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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  Sports

James Anderson का The Hundred पर बड़ा बयान, कहा- 'हर पल नापसंद किया', ECB को लगा झटका

इंग्लैंड के दिग्गज तेज गेंदबाज जेम्स एंडरसन का ताजा बयान चर्चा का बड़ा विषय बन गया है और इसने सौ गेंदों वाले नए प्रारूप पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एंडरसन ने साफ तौर पर कहा है कि पिछले साल जब उन्होंने इस लीग में हिस्सा लिया था, तब उन्हें इसमें खेलना बिल्कुल पसंद नहीं आया था।

बता दें कि टेस्ट क्रिकेट में सात सौ से ज्यादा विकेट लेने वाले एंडरसन को अब तक के सबसे महान तेज गेंदबाजों में गिना जाता है। ऐसे में उनका यह बयान उस टूर्नामेंट के लिए झटका माना जा रहा है, जिसे लोकप्रिय बनाने के लिए इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड लगातार कोशिश कर रहा है।

मौजूद जानकारी के अनुसार एंडरसन ने पिछले साल मैनचेस्टर ओरिजिनल्स टीम की ओर से तीन मुकाबले खेले थे, जिसमें उन्होंने दो विकेट लिए थे। हालांकि इससे पहले वह टी२० प्रारूप में अच्छा प्रदर्शन कर चुके थे, लेकिन सौ गेंदों वाले इस नए प्रारूप में उनका अनुभव खास नहीं रहा था।

एंडरसन ने एक साक्षात्कार में कहा कि उन्होंने इस लीग में बिताया हर पल नापसंद किया और अब वह इस समय का इस्तेमाल आराम करने या अपनी फिटनेस पर ध्यान देने में करना चाहते हैं। गौरतलब है कि उन्होंने यह भी कहा कि इस साल जब यह टूर्नामेंट चलेगा, तब वह कहीं छुट्टी पर रहना पसंद करेंगे।

दरअसल, एंडरसन अब अपने करियर के इस चरण में लाल गेंद वाले लंबे प्रारूप पर ज्यादा ध्यान देना चाहते हैं। बता दें कि वह काउंटी टीम लंकाशायर के नियमित कप्तान बनाए जा चुके हैं और उनका पूरा फोकस चार दिन के मुकाबलों में टीम को मजबूत बनाने पर है।

गौरतलब है कि पिछले सीजन में उन्होंने अंतरिम कप्तान के तौर पर टीम की कमान संभाली थी, जहां टीम ने पांच मैचों में दो जीत दर्ज की थीं। इसके बाद उन्हें स्थायी कप्तान बनाया गया। उन्होंने इस जिम्मेदारी को सम्मान की बात बताते हुए कहा कि टीम में युवा और अनुभवी खिलाड़ियों का अच्छा संतुलन है।

मौजूद जानकारी के अनुसार एंडरसन का मुख्य लक्ष्य इस सीजन में अपनी टीम को शीर्ष डिविजन में वापस पहुंचाना है। उन्होंने साफ कहा कि टीम को प्रमोशन दिलाना उनकी प्राथमिकता है और इसके साथ ही वह चाहते हैं कि खिलाड़ी खेल का आनंद भी लें।

एंडरसन ने यह भी कहा कि काउंटी क्रिकेट कई बार एक रुटीन जैसा लगने लगता है, लेकिन खिलाड़ियों को याद रखना चाहिए कि उन्होंने यह खेल इसलिए शुरू किया था क्योंकि उन्हें इससे प्यार था।

कुल मिलाकर देखा जाए तो एंडरसन का यह बयान न सिर्फ एक खिलाड़ी की व्यक्तिगत राय को दर्शाता है, बल्कि यह भी संकेत देता है कि पारंपरिक और नए प्रारूपों के बीच संतुलन बनाना अभी भी क्रिकेट के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।
Thu, 02 Apr 2026 22:12:05 +0530

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