ईरान की मिसाइलों से इजराइल में हड़कंप मच चुका है। जगह-जगह पर कुछ ऐसी तस्वीरें सामने आ रही है जिसमें सिर्फ और सिर्फ आसमान की तरफ तेज लपटें, धुआ ये सब कुछ उठ रहे हैं ताकि वो इजराइल को लीने पर आमादा नजर आ रहे हैं। जो ईरान की तरफ से बैस्टिक मिसाइलें दागी जा रही है। वो इतने बड़े पैमाने पर इस वक्त विध्वंस मचा रही है कि वहां पर ब्लैक आउट जैसी स्थिति है। आपको ये समझना होगा कि जो सूरत आपको गाजा में दिखाई दे रही थी वो इस वक्त इसराइल में नजर आ रही है क्योंकि बिल्डिंग इमारतें सब कुछ ध्वस्त होती दिखाई दे रही है और ये समझ में नहीं आ रहा है कि तस्वीर वाकई इजराइल की है या फिर ये गाजा की पुरानी वीडियोस है लेकिन बाद में पता चलता है जी हां भले ही वहां पर तमाम सेंशंस लगे हो बैन लगाए गए हो बहुत ज्यादा स्ट्रिक्टली कानून पारित किए गए हो ताकि वहां से विजुअल को बाहर ना भेजा जा सके लेकिन इंटरनेट के जमाने में वो निकल कर जब सामने आ रही है तो कुछ ऐसी खबरें आ रही है कि इजराइल पर इस वक्त दबाव बढ़ चुका है। जिस हिसाब से ईरान, हिजबुल्लाह और अब हूती इन तीनों की तरफ से ट्रिपल अटैक किया जा रहा है। जो ग्राउंड ऑपरेशन भी किया जा रहा है हिजबुल्ला के थ्रू उससे वहां पर कहा जा रहा है कि इंटरनेट ब्लैकउ जैसी स्थिति हो गई है। मोबाइल के जो टावर है वो काम करना बंद कर चुके हैं कई जगहों पर और इन खबरों के बाद ऐसा लगता है कि वाकई इजराइल जो कहता था कि हम बहुत अच्छे से अपने आप को बचा रहे हैं।
कहते हैं ना कि इतिहास अपने आप को दोहराता है। इजरायल के मामले में कुछ जल्दी ही दोहरा दिया इतिहास ने। एक से दो साल पहले तक गाजा का मंजर नजर आता था। अब इजराइल के अंदर में इंटरनेट नहीं आ रहा है और संचार व्यवस्था ठप पड़ गई है। ये आश्चर्य की बात है। वो इजराइल जो दावा करता था कि वो तो अजय है। उसकी तकनीक तो दुनिया भर में इस्तेमाल की जाती है। वो इजराइल जिसमें दुश्मन पर तक नहीं मार सकता। ये स्थिति थी। परिंदा पर तक नहीं मार सकता तो दुश्मन की क्या ही बिसात इस तरह की बातें कही जाती थी। आज वो इजराइल पानी मांग रहा है। यह सिर्फ इस जंग के 323 दिन के भीतर हो पाया है। इजराइल जो तकनीक के मामले में ही तो दावा करता है कि उसके लोग उसकी एजेंसियां दुनिया के किसी भी देश में घुस जाती है। वहां लोगों को मार करके अपने टारगेट को खत्म करके वापस भी आ जाती है।
89वीं से 90वीं वेव अभी बताई जा रही है कि वो ईरान की तरफ से दागी जा रही है। मतलब जब सब कुछ खत्म था अगर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की बातों को मान ले तो फिर वो भागने की कगार पर क्यों जा चुके हैं? वो बार-बार अपने बयानों को बदल रहे हैं। ड्रोन और मिसाइल की बारिश लगातार मिसाइल लॉन्च की रिपोर्ट आ रही है। ड्रोन हमलों का भी दावा किया जा रहा है। कई वेब्स में हमले किए गए। एयर डिफेंस पर दबाव जो प्रेशर है वो बढ़ता जा रहा है। रणनीतिक ठिकानों को निशाना बना रहा है ईरान। हमलों की तीव्रता में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। इसके अलावा खाने और बिजली नेटवर्क पर भी असर हो रहा है। सप्लाई चेन पर पूरी तरीके से असर पड़ा है। सुपर मार्केट में कमी की तस्वीरें सामने आ रही है। टेलीकॉम नेटवर्क प्रभावित होने का दावा है। इंटरनेट और फोन सेवाओं में रुकावट दर्ज की जा रही है।
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भारत में जब सुबह के 6:30 बज रहे थे उस वक्त अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर एक ऐसी बात कही जिसका मतलब कई लोग समझ ही नहीं पाए। लेकिन भारत शायद पहले से ही जानता था कि डोनाल्ड ट्रंप अपनी छवि को बचाने के लिए ईरान में कुछ असंभव सा काम करने जा रहे हैं। शायद इसीलिए जब अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ईरान को धमकी दे रहे थे। लगभग उसी वक्त रूस के एक ताकतवर शख्स ने भारत में कदम रख दिया। रूस का यह ताकतवर शख्स भारत में जो करने आया है उसके बारे में पूरे भारत को पता होना चाहिए क्योंकि आने वाले दिनों में एक-एक भारतीय को इस तस्वीर की कीमत समझ आ जाएगी। डोनाल्ड ट्रंप ईरान की जंग आपके घरों तक पहुंचाने की तैयारी कर रहे हैं। डॉनल्ड ट्रंप ऐसा ना कर पाए इसीलिए रूस का यह ताकतवर शख्स सुबह-सुबह के अंधेरे में भारत पहुंच गया।
रूस का यह ताकतवर व्यक्ति कौन है और यह भारत में क्या करने आया है वो आपको आगे बताएंगे। लेकिन उससे पहले जल्दी से जान लीजिए कि ट्रंप ने क्या पागलपन कर दिया है। ट्रंप ने कहा है कि मैं अगले दो-तीन हफ्तों में ईरान पर बेहद जोरदार हमला करने वाला हूं। मैं ईरान को स्टोन एज यानी पाषाण युग में वापस धकेलने वाला हूं। दरअसल डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान ने अगर मेरी बात नहीं मानी तो मैं ईरान के सभी बिजली स्टेशंस, वाटर ट्रीटमेंट प्लांट्स, सारे एनर्जी प्रोडक्शन प्लांट्स, सारा इंफ्रास्ट्रक्चर उड़ा दूंगा। ईरान के करीब 9 करोड़ लोग सड़कों पर आ जाएंगे। ईरान के लोग वैसी ही जिंदगी जीने को मजबूर हो जाएंगे जैसी सैकड़ों साल पहले पाषाण युग के लोग जीते थे। अगर ट्रंप ने ऐसा कर दिया तो पूरी दुनिया में तूफान आ जाएगा। शायद इसी कड़ी में रूस के फर्स्ट डेपुटी प्राइम मिनिस्टर डेनिस मंटूरोव दो दिवसीय भारत यात्रा पर आए हैं। डेनिस मंटूरोव पुतिन के कोर ग्रुप में शामिल हैं और रूस के टॉप पॉलिसी मेकर हैं। रूस जानता है कि आने वाले समय में उसे भारत की बहुत ज्यादा जरूरत पड़ने वाली है और भारत को भी रूस पर अपनी निर्भरता बढ़ानी होगी। अमेरिकी सेंशंस हटने के बाद रूस अचानक पूरी दुनिया में सबसे बड़ा एनर्जी सप्लायर बन गया है।
चीन, भारत, यूरोप, अफ्रीका, सेंट्रल एशिया सभी गैस और तेल के लिए रूस से संपर्क कर रहे हैं। लेकिन यहां पर रूस एक अजीब सी स्थिति में फंस गया है। इस स्थिति से निकलने के लिए रूस को भारत की मदद चाहिए। भारत के हर घर में गैस और हर व्यक्ति तक पेट्रोल और डीजल पहुंचे उसे लेकर डेनिस मंटू रोफ भारत में मीटिंग करने आए हैं। लेकिन डेनिस यह भी चाहते हैं कि भारत अपनी ताकत का इस्तेमाल करके उसका तेल और गैस पूरी दुनिया को सप्लाई करें। यानी रूस चाहता है कि भारत उससे सामान खरीदे भी और उसका सामान दुनिया को बेचे भी। रूस का तेल दुनिया तक भारत ही पहुंचा सकता है क्योंकि भारत ही रूस के क्रूड ऑयल को आसानी से प्रोसेस कर सकता है। रूस की दुविधा यह है कि वो क्रूड ऑयल तो आराम से बेच सकता है लेकिन क्रूड ऑयल से बनने वाले पेट्रोल और डीजल को हर देश तक वह नहीं पहुंचा सकता। लेकिन इस काम को भारत कर सकता है।
हाल ही में रूस ने 4 महीनों के लिए पेट्रोल और डीजल की सप्लाई बैन कर दी है। रूस का कहना है कि हमें अपने लोगों के लिए भी पेट्रोल और डीजल चाहिए। ऐसे में हम क्रूड ऑयल से तैयार होने वाले पेट्रोल और डीजल को नहीं बेच पाएंगे। लेकिन हम क्रूड ऑयल बेच सकते हैं। यह क्रूड ऑयल दुनिया तब तक इस्तेमाल नहीं कर पाएगी जब तक वह भारत में प्रोसेस नहीं हो जाता। हर देश के पास रूस के तेल को प्रोसेस करने की टेक्नोलॉजी नहीं है। यानी डॉनल्ड ट्रंप के पागलपन के बीच भारत दुनिया का असली संकट मोचक बन गया है।
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