यूपी में पैसों की किल्लत नहीं बनेगी इलाज में बाधा, CM योगी ने जनता दर्शन में अधिकारियों के दिए निर्देश
UP News: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लोगों की समस्याएं सुनने के लिए अक्सर राजधानी लखनऊ और अपने संसदीय क्षेत्र गोरखपुर में जनता दर्शन कार्यक्रम का आयोजन करते हैं. जहां सीएम योगी खुद लोगों की समस्याएं सुनते हैं उनके तुरंत निराकरण के अधिकारियों को निर्देश भी देते हैं. गुरुवार (2 अप्रैल) को सीएम योगी ने गोरखपुर स्थित गोरखनाथ मंदिर परिसर में जनता दर्शन किए.
इस दौरान उन्होंने लोगों की समस्याएं सुनी और उन्हें तुरंत खत्म करने का भी निर्देश दिया. इस दौरान सीएम योगी ने कहा कि पैसों के अभाव में किसी का इजाल नहीं रुकना चाहिए. सीएम योगी ने कहा कि जरूरतमंद लोगों को आवास दिलाने और गंभीर बीमारियों से पीड़ितों के इलाज में भरपूर आर्थिक मदद देने का भी आश्वासन दिया. सीएम योगी ने कहा कि सरकार हर जरूरतमंद और पात्र व्यक्ति को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के साथ-साथ हर समस्या के प्रभावी निस्तारण के लिए संकल्पित है.
सीएम योगी ने 100 से ज्यादा लोगों की सुनी समस्याएं
बता दें कि गोरखनाथ मंदिर परिसर में गुरुवार को लगाए गए जनता दर्शन कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी ने करीब 100 लोगों से मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनी. जनता दरबार के दौरान महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के सामने लोगों को कुर्सियों पर बैठाया गया. जहां सीएम योगी लोगों के पास खुल पहुंचे और उनकी समस्याएं सुनीं. सीएम योगी ने फरियादियों के प्रार्थना पत्र लिए और उनके निस्तारण के लिए संबंधित प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को इस संबंध में निर्देश दिए. इसके साथ ही सीएम योगी ने पुलिस से जुड़े मामलों में तुरंत और सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए.
#WATCH | Uttar Pradesh CM Yogi Adityanath holds janta darshan at Gorakhnath Temple premises in Gorakhpur, and listens to public grievances. pic.twitter.com/LHFMjvAt7s
— ANI (@ANI) April 2, 2026
पैसों की किल्लत से नहीं रुकेगा इलाज- सीएम योगी
गोरखपुरम में जनता दर्शन के दौरान एक महिला ने अपने आवास की समस्या बताई. उसपर सीएम योगी ने उन्हें आश्वस्त किया कि सरकार उन्हें आवास योजना के तहत आवास दिलाएगी. इसके साथ ही उन्होंने गंभीर बीमारियों के इलाज में आर्थिक मदद मांगने लोगों को भी भरोसा दिलाया कि पैसे के अभाव में किसी का इलाज नहीं रुकेगा. सीएम योगी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जो भी जरूरतमंद हैं, प्रशासन उनके उच्च स्तरीय इलाज का इस्टीमेट जल्द बनाकर उपलब्ध कराए. वहीं जनता दर्शन में महिलाओं के साथ पहुंचे बच्चों को सीएम योगी ने चॉकलेट दी और उन्हें मन लगाकर पढ़ने के लिए प्रेरित किया.
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गोरखपुर के दौरे पर पहुंचे सीएम योगी
बता दें कि सीएम योगी इससे पहले गोरखपुर दौरे पर पहुंचे. जहां उन्होंने विकास परियोजनाओं से जुड़े निर्माण कार्यों में तेजी लाने के साथ-साथ गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखने की भी हिदायत दी. सीएम योगी ने बुधवार को गोरखनाथ मंदिर में पुलिस-प्रशासन के अफसरों के साथ विकास कार्यों की समीक्षा की. सीएम योगी ने कहा कि इसमें लापरवाही करने वालों को माफ नहीं किया जाएगा. सीएम योगी ने मानसून आने से पहले सभी निर्माण कार्य पूरा कर लेने के भी निर्देश दिए.
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बच्चों के लिए संजीवनी है जायफल, आयुर्वेद से जाने सेवन से पहले की सावधानियां
नई दिल्ली, 2 अप्रैल (आईएएनएस)। बदलते मौसम का प्रभाव बच्चों से लेकर बड़ों पर पड़ता है, लेकिन छोटे बच्चे बदलते मौसम की मार सबसे ज्यादा झेलते हैं। पेट खराब होना या सिर्फ जुकाम होना, ये समस्याएं बच्चों को सबसे अधिक परेशान करती हैं, लेकिन आयुर्वेद में कुछ ऐसे आराम उपाय बताए गए हैं, जिससे बिना किसी नकारात्मक प्रभाव के बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाया जा सकता है।
आयुर्वेद में जायफल को इसका एक मात्र उपाय बताया है। आयुर्वेद में जायफल को वात-शामक, पाचक और मेध्य माना गया है। यह रोग प्रतिरोधक क्षमता से लेकर मस्तिष्क को पोषण देने में मदद करता है। इससे पेट से जुड़ी परेशानी जैसे गैस में भी आराम मिलता है, लेकिन उसके सेवन का तरीका बहुत कम लोग ही जानते हैं।
आयुर्वेद में माना गया है कि किसी औषधि को उचित संस्कार देने से उसके गुण अधिक संतुलित और शरीर के लिए कोमल हो जाते हैं, क्योंकि जायफल स्वभाव से तीक्ष्ण माना जाता है। इसलिए बच्चों के लिए उसे इस प्रकार तैयार किया जाता था।
पुराने समय से ही खासकर बच्चों के लिए जायफल को सीधे नहीं दिया जाता था। पहले उसे दूध में उबाला जाता, फिर दही में रखा जाता और अंत में घी में पकाया जाता था। इसके बाद ही उसे दूध में घिसकर बच्चों को बहुत थोड़ी मात्रा में दिया जाता था। सबसे पहले जायफल को थोड़ी देर दूध में उबाला जाता है और फिर कुछ घंटों के लिए दही में थोड़ा दिया जाता है और आखिर में घी में पकाया जाता है। इससे जायफल की गर्म और तीखी तासीर कम होती है, और इसके औषधीय गुण भी बढ़ जाते हैं।
इसके चुटकीभर सेवन से रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है, बैचेनी कम होती है। पेट से जुड़ी समस्याएं कम होती है और सर्दी और खांसी-जुकाम में आराम मिलता है। अगर बच्चा ठीक से सो नहीं पाता है, तब भी कम मात्रा में इसे बच्चों को दिया जाता है। यह तंत्रिक तंत्र को शांत करके बच्चों को गहरी नींद लाने में मदद करता है। ध्यान रखने वाली बात 6 महीने से कम उम्र के बच्चे को बिना चिकित्सक की सलाह के न दें और अगर बच्चे का पेट खराब है, तब भी इसे देने से बचें।
--आईएएनएस
पीएस/वीसी
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