होर्मुज संकट पर ब्रिटेन की 'महा-बैठक': भारत समेत 30 देशों को न्योता; नाकेबंदी हटाने को लेकर होगी चर्चा
Strait of Hormuz Tension: पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव और 'होर्मुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) की नाकेबंदी के बीच अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समाधान की कोशिशें तेज हो गई हैं। ब्रिटेन (UK) गुरुवार को लगभग 30 देशों के साथ एक महत्वपूर्ण वर्चुअल शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है, जिसमें भारत को भी विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है।
विदेश मंत्रालय (MEA) ने पुष्टि की है कि विदेश सचिव विक्रम मिस्री आज शाम होने वाली इस उच्च स्तरीय वार्ता में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। इस बैठक का मुख्य एजेंडा इस रणनीतिक समुद्री मार्ग को फिर से खोलने के लिए राजनयिक और राजनीतिक विकल्प तलाशन है, ताकि वैश्विक तेल आपूर्ति में आ रही बाधाओं को दूर किया जा सके।
#WATCH | Delhi: MEA spokesperson Randhir Jaiswal says, "The UK side has invited several countries, which also include India, for talks on the Strait of Hormuz. From our side, the Foreign Secretary is attending the meeting this evening..."
— ANI (@ANI) April 2, 2026
He further says, "We are in touch with… pic.twitter.com/1rKIZmK2Ge
भारत के 6 जहाजों ने पार किया होर्मुज
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मीडिया ब्रीफिंग में बताया कि भारत लगातार ईरान और क्षेत्र के अन्य देशों के साथ संपर्क में है। भारत का प्राथमिक लक्ष्य एलपीजी (LPG), एलएनजी (LNG) और अन्य उत्पादों को ले जाने वाले भारतीय जहाजों के लिए सुरक्षित और निर्बाध पारगमन सुनिश्चित करना है।
जायसवाल ने जानकारी दी कि पिछले कुछ दिनों की कूटनीतिक बातचीत के परिणामस्वरूप 6 भारतीय जहाज सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य को पार करने में सफल रहे हैं। भारत इस दिशा में सभी संबंधित पक्षों के साथ बातचीत जारी रखे हुए है ताकि भविष्य में किसी भी बड़े संकट को टाला जा सके।
ब्रिटेन की पहल और अमेरिका की दूरी
दिलचस्प बात यह है कि ब्रिटेन द्वारा आयोजित इस शिखर सम्मेलन में संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) के शामिल होने की उम्मीद नहीं है। यह कदम वैश्विक राजनीति में एक बड़े बदलाव का संकेत माना जा रहा है। हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अन्य देशों से 'साहस दिखाने' और इस मार्ग को खुद खोलने की बात कही थी। ईरान ने फरवरी के अंत में अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए हमलों के जवाब में इस मार्ग को अवरुद्ध कर दिया था, जिससे वैश्विक ईंधन कीमतों में भारी उछाल आया है। अब ब्रिटेन और भारत जैसे देश मिलकर कूटनीति के जरिए इस सैन्य गतिरोध को खत्म करने की दिशा में बढ़ रहे हैं।
भारत के लिए क्यों 'खतरे की घंटी' है होर्मुज की नाकेबंदी?
होर्मुज जलडमरूमध्य भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए जीवन रेखा के समान है। भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरतों का लगभग 88 प्रतिशत आयात करता है, जिसमें से आधा हिस्सा पश्चिम एशिया से आता है। आंकड़ों के अनुसार, भारत के कच्चे तेल के कुल आयात का करीब 40 से 50 प्रतिशत हिस्सा इसी मार्ग से होकर गुजरता है।
दुनिया की कुल तेल आपूर्ति का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा इसी संकरे मार्ग पर निर्भर है। ऐसे में इस रास्ते का बंद होना न केवल भारत की अर्थव्यवस्था को चोट पहुंचा सकता है, बल्कि देश में महंगाई और ऊर्जा संकट को भी जन्म दे सकता है। यही कारण है कि भारत इस अंतरराष्ट्रीय वार्ता में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
बीवी की शराब की लत ने उजाड़ा पूरा घर, नशे में बन गई हैवान, काम से लौटे शौहर का चाकू से किया 'स्वागत'
सबा ने हैवानियत की सारी हदें पार कर दीं. उसने घर में रखा सब्जी काटने वाला चाकू उठाया. सबा ने अपने ही पति रफीक पर जोरदार हमला बोल दिया. इस जानलेवा वार से रफीक के दाहिने पैर पर गहरी चोट आई. उसके बाएं हाथ पर भी चाकू से गहरे जख्म हो गए. रफीक का काफी खून बहने लगा और वह दर्द से तड़पने लगा.
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