कोयला तस्करी मामला: I-PAC के ठिकानों पर ED की रेड, बेंगलुरु, हैदराबाद और दिल्ली समेत कई शहरों में छापेमारी
ED Raids I-PAC: पश्चिम बंगाल में करोड़ों रुपये के कोयला तस्करी घोटाले की जांच कर रही प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुवार, 2 अप्रैल 2026 को एक बार फिर अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। केंद्रीय एजेंसी ने राजनीतिक सलाहकार फर्म I-PAC (आई-पैक) से जुड़े कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई हैदराबाद, बेंगलुरु और दिल्ली जैसे प्रमुख शहरों में की गई है। अधिकारियों के मुताबिक, यह छापेमारी कथित तौर पर अवैध कोयला खनन और उसकी तस्करी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क का पर्दाफाश करने के लिए की जा रही है।
बेंगलुरु में ऋषि राज सिंह के आवास पर तलाशी
ED की इस ताजा कार्रवाई में I-PAC से जुड़े प्रमुख व्यक्तियों को निशाना बनाया गया है। सूत्रों के अनुसार, बेंगलुरु में ऋषि राज सिंह के आवास पर भी तलाशी ली गई है। गौरतलब है कि I-PAC वही संस्था है जो पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) को राजनीतिक परामर्श देती है और पार्टी के आईटी व मीडिया ऑपरेशंस का प्रबंधन भी संभालती है। इस रेड के बाद एक बार फिर बंगाल की राजनीति में उबाल आने की संभावना जताई जा रही है, क्योंकि जांच की सुई सीधे तौर पर टीएमसी के रणनीतिकारों की ओर मुड़ गई है।
जनवरी में भी हुई थी छापेमारी
इससे पहले इसी साल जनवरी में भी ED ने कोलकाता स्थित I-PAC के दफ्तर और इसके निदेशक प्रतीक जैन के ठिकानों पर छापेमारी की थी। उस समय मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद साल्ट लेक स्थित आई-पैक के दफ्तर पहुंच गई थीं, जिस पर काफी विवाद हुआ था। ED ने अदालत में यह आरोप लगाया था कि मुख्यमंत्री की मौजूदगी के दौरान वहां से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण हटा दिए गए थे। हालांकि, ममता बनर्जी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग बताया था।
चुनावी फंडिंग का कनेक्शन
एजेंसी का दावा है कि कोयला तस्करी से जुड़े 'क्राइम प्रोसीड्स' (अपराध की कमाई) के लगभग 10 करोड़ रुपये हवाला चैनलों के जरिए I-PAC तक पहुंचाए गए थे। जांच में यह भी सामने आया है कि इस फर्म को अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस से 2022 के गोवा विधानसभा चुनाव में निभाई गई भूमिका के लिए भुगतान प्राप्त हुआ था।
ED ने अब इस मामले में सीबीआई जांच की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है, जिसमें राज्य सरकार पर जांच में हस्तक्षेप करने का आरोप लगाया गया है। फिलहाल, तीनों शहरों में छापेमारी जारी है और कई महत्वपूर्ण डिजिटल सबूत हाथ लगने की उम्मीद है।
Bengal Politics: अमित शाह ने फूंका चुनावी बिगुल, 'मां-माटी-मानुष' के नारे पर किया प्रहार, 15 दिन के प्रवास से बदलेगा समीकरण?
West Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल की राजनीति में आज उस समय हलचल तेज हो गई जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के निर्वाचन क्षेत्र भवानीपुर पहुंचे। भारी सुरक्षा और कार्यकर्ताओं के जोश के बीच शाह ने एक विशाल जनसभा को संबोधित किया।
उन्होंने सीधे तौर पर ममता बनर्जी को चुनौती देते हुए कहा कि भवानीपुर की जनता अब बदलाव चाहती है। शाह के रोड शो में उमड़ी भीड़ ने यह संकेत दे दिया कि आगामी चुनावों में मुकाबला बेहद दिलचस्प होने वाला है।
भवानीपुर में उमड़ा यह जनसैलाब बंगाल में परिवर्तन का प्रतीक है। TMC सरकार की विदाई निश्चित है।
— Amit Shah (@AmitShah) April 2, 2026
ভবানীপুরে উপচে পড়া এই জনসমুদ্রই বাংলায় পরিবর্তনের প্রতীক। তৃণমূল কংগ্রেস সরকারের বিদায় এখন নিশ্চিত।#BhabanipurChayBJP https://t.co/pcjy7jHNif
उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी ने बंगाल को विकास की दौड़ में पीछे धकेल दिया है और अब राज्य की जनता भारतीय जनता पार्टी की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रही है।
'15 दिन बंगाल में रहूंगा'- शाह के इस ऐलान से टीएमसी खेमे में खलबली
अमित शाह ने अपने संबोधन में एक बड़ा रणनीतिक ऐलान किया जिसने राजनीतिक गलियारों में चर्चा छेड़ दी है। उन्होंने कहा, "मैं अगले 15 दिनों तक बंगाल में ही रहूंगा और हर जिले, हर बूथ तक बीजेपी के संदेश को पहुंचाऊंगा।"
शाह का यह बयान दर्शाता है कि बीजेपी इस बार बंगाल को जीतने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती। इन 15 दिनों के प्रवास के दौरान शाह कई रैलियां, सांगठनिक बैठकें और जनसंपर्क अभियान करेंगे।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शाह की उपस्थिति से जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ेगा और विपक्षी दलों पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनेगा।
तुष्टीकरण और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर 'दीदी' को घेरा
भवानीपुर की धरती से अमित शाह ने ममता सरकार पर तीखे हमले किए। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में 'मां-माटी-मानुष' की सरकार अब केवल भ्रष्टाचार और तुष्टीकरण का पर्याय बनकर रह गई है।
शाह ने केंद्र सरकार की योजनाओं को बंगाल में लागू न होने देने का मुद्दा उठाते हुए कहा कि दीदी ने केवल राजनीति के लिए गरीबों का हक मारा है। उन्होंने संदेशखाली जैसी घटनाओं का जिक्र करते हुए राज्य की कानून-व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल उठाए।
शाह ने दावा किया कि बंगाल में महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं और घुसपैठियों को संरक्षण देकर राज्य की डेमोग्राफी बदली जा रही है, जिसे बीजेपी कभी बर्दाश्त नहीं करेगी।
'सोनार बांग्ला' का संकल्प और कार्यकर्ताओं को जीत का मंत्र
अपने भाषण के समापन पर अमित शाह ने 'सोनार बांग्ला' के निर्माण का संकल्प दोहराया। उन्होंने बीजेपी कार्यकर्ताओं को जीत का मंत्र देते हुए कहा कि वे बिना डरे हर घर तक पहुंचें और सरकार के कुशासन को उजागर करें।
शाह ने विश्वास जताया कि आने वाले समय में बंगाल में बीजेपी की पूर्ण बहुमत की सरकार बनेगी। उन्होंने जनता से अपील की कि वे इस बार हिंसा और डर की राजनीति को खत्म कर विकास के पक्ष में मतदान करें।
शाह की इस आक्रामक शैली और बंगाल में लंबे प्रवास की घोषणा ने साफ कर दिया है कि बीजेपी ने ममता बनर्जी के किले में सेंध लगाने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी है।
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