गर्भावस्था में अपच और भूख न लगने की समस्या, अपनाएं ये आसान उपाय
नई दिल्ली, 2 अप्रैल (आईएएनएस)। गर्भावस्था में महिलाओं को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है और इनमें से एक आम समस्या है अपच या भूख न लगना। अक्सर महिलाएं यह महसूस करती हैं कि खाने का मन नहीं करता, पेट भारी या असहज महसूस होता है। यह पूरी तरह से सामान्य है लेकिन अगर इसे नजरअंदाज किया जाए तो मां और बच्चे दोनों की सेहत पर असर पड़ सकता है। इसलिए इसे तुरंत समझना और सही उपाय करना बहुत जरूरी है।
गर्म पानी का सेवन करना गर्भावस्था में बहुत फायदेमंद माना जाता है। दिनभर में छोटे-छोटे अंतराल में गर्म पानी पीना पेट को हल्का और आरामदायक रखता है। खाने में हल्का और जल्दी पचने वाला भोजन लें। ज्यादा तेल-मसाले वाला, भारी या फटा-पुराना खाना पेट पर बोझ डालता है और अपच की समस्या बढ़ा सकता है।
कुछ घरेलू मसाले और हर्बल चीजें भी बहुत मददगार होती हैं। जीरा, अजवाइन, सौंफ, हींग और अदरक जैसी चीजें पेट की समस्या को कम करने में कारगर होती हैं। इनका इस्तेमाल खाने में हल्का-सा करें। भोजन हमेशा ताजा और गर्म ही खाएं। ठंडा या पुराने खाने से पेट खराब होने का खतरा बढ़ता है।
कुछ आसान घरेलू नुस्खे भी हैं। भूख न लगने या अपच होने पर रोस्टेड जीरा का पाउडर 1-2 ग्राम खाने से पहले लें। अगर ज्यादा जरूरत हो तो यह 1 सप्ताह तक किया जा सकता है। अदरक और धनिया का पाउडर शहद या गुड़ के साथ दिन में दो बार लेने से भी पेट हल्का रहता है।
इसके अलावा, हरीतकी, अदरक, अजमोदा और सेंधा नमक का मिश्रण भी बहुत फायदेमंद होता है। इसे 3-6 ग्राम की मात्रा में दिन में दो बार लेने से अपच और भूख न लगने की समस्या कम होती है। यह उपाय तब तक करें जब तक समस्या पूरी तरह से खत्म न हो जाए।
अगर अपच के साथ पीलिया, बहुत अधिक वजन कम होना या तेज पेट दर्द जैसी गंभीर समस्याएं दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। कभी-कभी यह किसी गंभीर समस्या का संकेत भी हो सकता है।
--आईएएनएस
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मिलिए 'रामायण' के प्रोड्यूसर नमित मल्होत्रा से, जिन्होंने पिता के गैराज से की थी शुरुआत, अब हैं करोड़ों के मालिक
Ramayana Producer Namit Malhotra: जहां एक तरफ सिनेमा प्रेमी रामायण में बॉलीवुड एक्टर रणबीर कपूर के भगवान राम के लुक पर चर्चा कर रहे हैं हैं, तो वहीं असली 'बड़ी कहानी' उस शख्स की है जो इसे बना रहा है और वो है नमित मल्होत्रा. जी हां, इस साल की सबसे बड़ी मच अवेटेड फिल्म रामायण के निर्माता नमित मल्होत्रा आधिकारिक तौर पर दुनिया के अरबपतियों के इलीट क्लास में शामिल हो गए हैं. हुरुन ग्लोबल रिच लिस्ट 2026 के अनुसार, नमित ने 9,204 करोड़ रुपये की व्यक्तिगत संपत्ति के साथ एक शानदार शुरुआत की है.
उनकी कहानी सिर्फ विरासत में मिली दौलत की नहीं है. ये मुंबई की एक क्लासिक कहानी है, जिसमें छोटे से शुरुआत करके बड़े सपने देखे जाते हैं. आपको बता दें कि नमित मल्होत्रा हॉलीवुड में ऑस्कर जीतने से पहले, अपने पिता के धूल भरे गैरेज में काम करने वाले एक लड़के थे.
तीन पीढ़ियों तक फैली एक विरासत
वहीं नमित मल्होत्रा ने फिल्म जगत में यूं ही कदम नहीं रखा. वो एक ऐसे परिवार से आते हैं जिसने 70 वर्षों से अधिक समय से भारतीय सिनेमा को जिया और महसूस किया है. उनके दादा, एम.एन. मल्होत्रा, एक सच्चे लीडिंग थे. वो 1953 की क्लासिक फिल्म 'झांसी की रानी' के सिनेमेटोग्राफर थे, जो कलर में शूट की गई शुरुआती भारतीय फिल्मों में से एक थी.
उनके पिता नरेश मल्होत्रा एक सफल निर्माता और निर्देशक थे. अमिताभ बच्चन अभिनीत फिल्म शहंशाह (1988) जैसी बॉलीवुड की कई बड़ी हिट फिल्मों के पीछे उन्हीं का हाथ था. नमित ने बचपन से ही फिल्मों का जादू करीब से देखा, लेकिन उन्हें एक अलग ही चीज ने आकर्षित किया और वो है तकनीक और विसुअल इफेक्ट्स जो असंभव को पर्दे पर वास्तविक बना देते हैं.
1995 में गैराज में शुरू हुआ स्टार्टअप
1995 में, जब नमित सिर्फ 19 साल के थे, उन्होंने वीडियो वर्कशॉप नाम से अपना खुद का एंटरप्राइज शुरू करने का फैसला किया. उनके पास कोई लग्जरी कॉर्पोरेट ऑफिस या बड़ा इन्वेस्टमेंट नहीं था. इसके बजाय, उन्होंने अपने पिता के गैराज में थोड़ी सी जगह साफ की और कुछ कंप्यूटर स्थापित किए.
किसी फिल्म की कहानी की तरह लगने वाले इस कारनामे में, उन्होंने अपने कंप्यूटर ग्राफिक्स स्कूल के तीन टीचरों को अपनी नौकरी छोड़ने और अपने छोटे से स्टार्टअप में शामिल होने के लिए मना लिया. उन्होंने 90 के दशक के टीवी शो जैसे बूगी वूगी के लिए छोटे-मोटे एडिटिंग के काम से शुरुआत की. कारोबार चलाने और बेहतर मशीनें खरीदने के लिए, नमित को अपने परिवार का इकलौता घर भी गिरवी रखना पड़ा. यह एक बड़ा जोखिम था, लेकिन उन्हें पूरा यकीन था कि डिजिटल तकनीक ही सिनेमा का भविष्य है.
हॉलीवुड और ऑस्कर
1997 तक, नमित ने अपनी छोटी वर्कशॉप को अपने पिता के बिजनेस के साथ मिलाकर प्राइम फोकस की स्थापना की. कंपनी तेजी से बढ़ी और 2006 में सार्वजनिक होने वाली पहली भारतीय मीडिया सेवा कंपनी बन गई. लेकिन नमित का असली लक्ष्य यह साबित करना था कि एक भारतीय कंपनी दुनिया की बेस्ट कंपनीज को भी मात दे सकती है.
उन्होंने अपनी कंपनी का विलय ब्रिटेन के विश्व प्रसिद्ध विजुअल इफेक्ट्स स्टूडियो डबल नेगेटिव (डीएनईजी) में कर लिया. आज, डीएनईजी के अध्यक्ष और सीईओ के रूप में, नमित ग्लोबल फिल्म इंडस्ट्री में एक दिग्गज हैं. उनकी कंपनी ने बेस्ट विजुअल इफेक्ट्स के लिए आठ अकादमी पुरस्कार (ऑस्कर) जीते हैं.
4,000 करोड़ रुपये की रामायण
अब, नमित अपने उस वैश्विक अनुभव को भारत में ला रहे हैं ताकि अब तक की सबसे महंगी भारतीय फिल्म का निर्माण कर सकें. वो रामायण का एक नया, भव्य संस्करण बना रहे हैं, जो दो भागों में रिलीज होगा. नमित ने खुद एक एक पुराने इंटरव्यू में पुष्टि की थी कि ये परियोजना 4,000 करोड़ रुपये (लगभग 500 मिलियन डॉलर) के बजट पर बन रही है. इस तरह की धनराशि आमतौर पर केवल हॉलीवुड की विशाल सुपरहीरो फिल्मों पर ही खर्च की जाती है. नमित की योजना हॉलीवुड फिल्मों के लिए इस्तेमाल की जाने वाली 'ऑस्कर-स्तरीय' तकनीक का उपयोग करके भारत की सबसे बड़ी कहानी को ऐसे पैमाने पर बताने की है जिसे दुनिया ने पहले कभी नहीं देखा है.
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