नए वित्त वर्ष के साथ शेयर बाजार ने की शानदार वापसी; सेंसेक्स 1,186 अंक बढ़ा
मुंबई, 1 अप्रैल (आईएएनएस)। नए वित्त वर्ष 27 के साथ भारतीय शेयर बाजार ने बुधवार को शानदार वापसी की। दिन के अंत में सेंसेक्स 1,186.77 अंक या 1.65 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 73,134.32 और निफ्टी 348 अंक या 1.56 प्रतिशत की तेजी के साथ 22,679.40 पर बंद हुआ।
बाजार में चौतरफा खरीदारी देखी गई। निफ्टी इंडिया डिफेंस 5.32 प्रतिशत, निफ्टी पीएसयू बैंक 3.70 प्रतिशत, निफ्टी मीडिया 3.69 प्रतिशत, निफ्टी मेटल 2.46 प्रतिशत, निफ्टी रियल्टी 2.13 प्रतिशत, निफ्टी आईटी 2.09 प्रतिशत, निफ्टी कंजप्शन 2.04 प्रतिशत और निफ्टी ऑटो 1.97 प्रतिशत की मजबूती के साथ बंद हुआ।
सूचकांकों में केवल निफ्टी फार्मा 0.99 प्रतिशत और निफ्टी हेल्थकेयर 1.02 प्रतिशत की कमजोरी के साथ बंद हुए।
लार्जकैप के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप में जोरदार तेजी देखने को मिली। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 506 अंक या 3.33 प्रतिशत की मजबूती के साथ 15,709.80 और निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 1,169.15 अंक या 2.22 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 53,819.15 पर बंद हुआ।
शेयर बाजार की तेजी के चलते बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज पर सूचीबद्ध सभी कंपनियों का मार्केटकैप 10 लाख करोड़ रुपए बढ़कर 422 लाख करोड़ रुपए हो गया है, जो कि पहले 412 लाख करोड़ रुपए था।
सेंसेक्स पैक में 30 में 25 शेयर हरे निशान में बंद हुए।
ट्रेंट, इंटरग्लोब एविएशन, अदाणी पोर्ट्स, बीईएल, एसबीआई, इंटरनल, एलएंडटी, एक्सिस बैंक, टाइटन, एशियन पेंट्स, एमएंडएम,बजाज फाइनेंस, टीसीएस, इन्फोसिस, मारुति सुजुकी, टाटा स्टील, एचडीएफसी बैंक, बजाज फिनसर्व और आईटीसी गेनर्स थे। एनटीपीसी, सन फार्मा, पावर ग्रिड, अल्ट्राटेक सीमेंट और भारती एयरटेल लूजर्स थे।
एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर ने कहा कि भारतीय शेयर बाजारों ने नए वित्तीय वर्ष की सकारात्मक शुरुआत की। इसकी वजह मध्य पूर्व संघर्ष में संभावित कमी और ऊर्जा आपूर्ति में व्यवधान कम होने की उम्मीदें थीं।
उन्होंने आगे कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप के बयान , जिसमें उन्होंने कहा था कि अमेरिका अगले दो से तीन हफ्तों के भीतर ईरान से समझौते के साथ या बिना पीछे हट सकता है। इसने बाजारों में जोश भरने का काम किया।
--आईएएनएस
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योगी सरकार ने घर खरीदारों को दी बड़ी खुशखबरी, रजिस्ट्री के लिए खोले नए रास्ते
उत्तर प्रदेश में रियल एस्टेट सेक्टर को नई ऊर्जा देने के उद्देश्य से योगी आदित्यनाथ सरकार ने ‘एकमुश्त समाधान योजना (OTS) 2026’ की घोषणा की है. यह योजना खासतौर पर उन घर खरीदारों और प्रोजेक्ट्स के लिए राहत लेकर आई है जो बकाया भुगतान के कारण वर्षों से अटके हुए थे. इस पहल से न केवल रजिस्ट्री की प्रक्रिया तेज होगी बल्कि निवेशकों का भरोसा भी मजबूत होगा.
क्या है OTS 2026 योजना का मकसद?
इस योजना का मुख्य उद्देश्य डिफॉल्टर आवंटियों को बकाया राशि चुकाने का आसान अवसर देना है. उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद और विभिन्न विकास प्राधिकरणों की संपत्तियों पर लागू यह योजना आवासीय, व्यावसायिक और मिश्रित परियोजनाओं को कवर करती है.
सरकार चाहती है कि लंबे समय से रुके प्रोजेक्ट्स फिर से शुरू हों और जिन खरीदारों की रजिस्ट्री बकाया के कारण अटकी है, उन्हें राहत मिल सके.
आवेदन प्रक्रिया और समय सीमा
इस योजना के तहत आवेदन 18 अप्रैल 2026 से शुरू होंगे. इच्छुक डेवलपर्स और आवंटी आवास बन्धु की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. आवेदन के लिए 3 महीने की समय सीमा तय की गई है, जिससे सभी पात्र लोग इस अवसर का लाभ उठा सकें.
सिर्फ साधारण ब्याज: बड़ी राहत
OTS 2026 की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें डिफॉल्टर आवंटियों से केवल साधारण ब्याज लिया जाएगा.
- कोई दंडात्मक ब्याज नहीं लिया जाएगा
- ब्याज दर वही होगी जो आवंटन के समय लागू थी
- जमा राशि पहले ब्याज और फिर मूलधन में समायोजित होगी
यह प्रावधान उन लोगों के लिए बेहद राहतभरा है जो भारी पेनल्टी के कारण भुगतान नहीं कर पा रहे थे.
किन लोगों को मिलेगा लाभ?
यह योजना व्यापक दायरे में लागू की गई है. इसके तहत:
- आवासीय मकान और फ्लैट
- व्यावसायिक दुकानें और भूखंड
- स्कूल और चैरिटेबल संस्थाएं
- सरकारी उपक्रम
- सहकारी आवास समितियां
सभी इस योजना का लाभ उठा सकते हैं. यानी यह सिर्फ व्यक्तिगत खरीदारों तक सीमित नहीं है, बल्कि संस्थागत स्तर पर भी राहत प्रदान करती है.
रियल एस्टेट सेक्टर में आएगी तेजी
विशेषज्ञों का मानना है कि यह योजना रियल एस्टेट सेक्टर में नई जान फूंक सकती है. लंबे समय से फंसे प्रोजेक्ट्स दोबारा शुरू होंगे और बाजार में नकदी प्रवाह बढ़ेगा.
इससे डेवलपर्स को राहत मिलेगी और घर खरीदारों का भरोसा भी मजबूत होगा. साथ ही, राज्य की अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी और बड़े निवेश को आकर्षित करने में मदद मिलेगी.
आर्थिक लक्ष्य की दिशा में अहम कदम
उत्तर प्रदेश सरकार का 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य है. OTS 2026 इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. यह योजना न केवल बकाया वसूली में मदद करेगी, बल्कि रियल एस्टेट सेक्टर को स्थिरता और विकास की नई दिशा भी देगी.
आखिरकार OTS 2026 उन लाखों लोगों के लिए राहत का जरिया बन सकती है, जो अपने घर के सपने को पूरा करने के लिए लंबे समय से इंतजार कर रहे थे.
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