योगी सरकार ने घर खरीदारों को दी बड़ी खुशखबरी, रजिस्ट्री के लिए खोले नए रास्ते
उत्तर प्रदेश में रियल एस्टेट सेक्टर को नई ऊर्जा देने के उद्देश्य से योगी आदित्यनाथ सरकार ने ‘एकमुश्त समाधान योजना (OTS) 2026’ की घोषणा की है. यह योजना खासतौर पर उन घर खरीदारों और प्रोजेक्ट्स के लिए राहत लेकर आई है जो बकाया भुगतान के कारण वर्षों से अटके हुए थे. इस पहल से न केवल रजिस्ट्री की प्रक्रिया तेज होगी बल्कि निवेशकों का भरोसा भी मजबूत होगा.
क्या है OTS 2026 योजना का मकसद?
इस योजना का मुख्य उद्देश्य डिफॉल्टर आवंटियों को बकाया राशि चुकाने का आसान अवसर देना है. उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद और विभिन्न विकास प्राधिकरणों की संपत्तियों पर लागू यह योजना आवासीय, व्यावसायिक और मिश्रित परियोजनाओं को कवर करती है.
सरकार चाहती है कि लंबे समय से रुके प्रोजेक्ट्स फिर से शुरू हों और जिन खरीदारों की रजिस्ट्री बकाया के कारण अटकी है, उन्हें राहत मिल सके.
आवेदन प्रक्रिया और समय सीमा
इस योजना के तहत आवेदन 18 अप्रैल 2026 से शुरू होंगे. इच्छुक डेवलपर्स और आवंटी आवास बन्धु की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. आवेदन के लिए 3 महीने की समय सीमा तय की गई है, जिससे सभी पात्र लोग इस अवसर का लाभ उठा सकें.
सिर्फ साधारण ब्याज: बड़ी राहत
OTS 2026 की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें डिफॉल्टर आवंटियों से केवल साधारण ब्याज लिया जाएगा.
- कोई दंडात्मक ब्याज नहीं लिया जाएगा
- ब्याज दर वही होगी जो आवंटन के समय लागू थी
- जमा राशि पहले ब्याज और फिर मूलधन में समायोजित होगी
यह प्रावधान उन लोगों के लिए बेहद राहतभरा है जो भारी पेनल्टी के कारण भुगतान नहीं कर पा रहे थे.
किन लोगों को मिलेगा लाभ?
यह योजना व्यापक दायरे में लागू की गई है. इसके तहत:
- आवासीय मकान और फ्लैट
- व्यावसायिक दुकानें और भूखंड
- स्कूल और चैरिटेबल संस्थाएं
- सरकारी उपक्रम
- सहकारी आवास समितियां
सभी इस योजना का लाभ उठा सकते हैं. यानी यह सिर्फ व्यक्तिगत खरीदारों तक सीमित नहीं है, बल्कि संस्थागत स्तर पर भी राहत प्रदान करती है.
रियल एस्टेट सेक्टर में आएगी तेजी
विशेषज्ञों का मानना है कि यह योजना रियल एस्टेट सेक्टर में नई जान फूंक सकती है. लंबे समय से फंसे प्रोजेक्ट्स दोबारा शुरू होंगे और बाजार में नकदी प्रवाह बढ़ेगा.
इससे डेवलपर्स को राहत मिलेगी और घर खरीदारों का भरोसा भी मजबूत होगा. साथ ही, राज्य की अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी और बड़े निवेश को आकर्षित करने में मदद मिलेगी.
आर्थिक लक्ष्य की दिशा में अहम कदम
उत्तर प्रदेश सरकार का 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य है. OTS 2026 इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. यह योजना न केवल बकाया वसूली में मदद करेगी, बल्कि रियल एस्टेट सेक्टर को स्थिरता और विकास की नई दिशा भी देगी.
आखिरकार OTS 2026 उन लाखों लोगों के लिए राहत का जरिया बन सकती है, जो अपने घर के सपने को पूरा करने के लिए लंबे समय से इंतजार कर रहे थे.
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यूपीआई आउटेज: विभिन्न शहरों में यूजर्स ने की ट्रांजैक्शन फेल्ड होने की शिकायत
नई दिल्ली, 1 अप्रैल (आईएएनएस)। देश भर में बुधवार को डिजिटल भुगतान सेवाओं में रुकावट देखने को मिली, जिससे कई यूजर्स यूपीआई के माध्यम से ट्रांजैक्शन पूरा नहीं कर पाए।
आउटेज ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म डाउनडिटेक्टर के अनुसार, दिन भर शिकायतों में तेजी से बढ़ोतरी हुई, जो एक व्यापक समस्या का संकेत देता है।
इसका सबसे ज्यादा असर भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) पर देखा गया, जहां 500 से ज्यादा आउटेज रिपोर्ट दर्ज की गईं, जबकि यूको बैंक में करीब 40 शिकायतें सामने आईं।
कुल मिलाकर, यूपीआई से जुड़ी डाउनटाइम रिपोर्ट्स भी 40 के पार पहुंच गईं और यूजर्स की शिकायतों के साथ यह संख्या लगातार बढ़ती रही।
यह समस्या किसी एक शहर तक सीमित नहीं थी। नई दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, जयपुर और पुणे जैसे शहरों से यूजर्स ने ट्रांजेक्शन फेल होने और पेमेंट एरर की शिकायत की।
एसबीआई के मामले में समस्या ज्यादा व्यापक रही, जहां कोलकाता, गुवाहाटी और चेन्नई से भी शिकायतें सामने आईं।
वहीं यूको बैंक के यूजर्स को मुख्य रूप से नई दिल्ली, जयपुर और कोलकाता में दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
कई यूजर्स ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने अनुभव साझा किए। कुछ लोगों ने फेल ट्रांजेक्शन को लेकर नाराजगी जताई, जबकि कुछ यह समझ नहीं पाए कि समस्या उनके बैंक में है या उनके फोन में।
कई मामलों में ट्रांजेक्शन बीच में ही अटक गए, जबकि कुछ यूजर्स ने बताया कि उनके यूपीआई ऐप्स ठीक से लोड ही नहीं हो रहे थे।
इस स्थिति पर प्रतिक्रिया देते हुए एसबीआई ने सोशल मीडिया पर बताया कि निर्धारित मेंटेनेंस का समय बढ़ाकर 1 अप्रैल को दोपहर 12:30 बजे तक कर दिया गया है।
बैंक ने चेतावनी दी कि इस दौरान यूपीआई, आईएमपीएस, योनो, इंटरनेट बैंकिंग, एनईएफटी और आरटीजीएस जैसी सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।
बैंक ने ग्राहकों को सलाह दी कि इस दौरान वे यूपीआई लाइट, ईरुपी (सीबीडीसी) ऐप और एटीएम सेवाओं का इस्तेमाल करें और हुई असुविधा के लिए खेद जताया।
बैंक ने अंत में कहा, हमें हुई असुविधा के लिए खेद है और आपके सहयोग के लिए धन्यवाद।
इस बीच, बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में शानदार तेजी के बीच देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक एसबीआई के शेयरों में भी अच्छी बढ़त दर्ज की गई। बाजार बंद होने के समय एनएसई पर बैंक के शेयर 3.94 प्रतिशत की तेजी के साथ 1,018 रुपए पर कारोबार करते हुए नजर आए। हालांकि पिछले एक महीने में इसके शेयर 14 प्रतिशत से ज्यादा गिर गए हैं।
--आईएएनएस
डीबीपी
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