ईरान युद्ध के बीच लॉकडाउन का फेक नोटिस वायरल:सोशल मीडिया पर शेयर पीडीएफ ‘April Fool’ निकला; मंत्री की अफवाह न फैलाने की अपील
सोशल मीडिया और वॉट्सएप पर मंगलवार को 'वॉर लॉकडाउन नोटिस' तेजी से वायरल हुआ, जिससे लोगों में घबराहट फैल गई। अशोक चक्र और मंत्रालय जैसे प्रतीकों के साथ बनाया गया यह नोटिस पहली नजर में आधिकारिक लगा, लेकिन बाद में यह अप्रैल फूल का मजाक निकला। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लॉकडाउन की अफवाहों को पूरी तरह निराधार बताया। उन्होंने कहा कि सरकार के स्तर पर किसी भी तरह के लॉकडाउन प्रस्ताव पर विचार नहीं किया जा रहा है। उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहें न फैलाने की अपील की। मंगलवार को वायरल हुए इस नोटिस का फॉर्मेट और भाषा बिल्कुल सरकारी आदेश जैसी रखी गई थी, जिससे कई लोगों ने इसे बिना सत्यापन आगे फॉरवर्ड कर दिया। हालांकि, दस्तावेज को खोलने पर सच्चाई सामने आई। उसमें 'April Fool' लिखा था और साथ में एक इमोजी दिया गया था। इससे साफ हो गया कि यह महज मजाक के तौर पर तैयार किया गया फर्जी नोटिस था। मंत्री बोले- लॉकडाउन की खबर झूठी हैं हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि लॉकडाउन की खबर पूरी तरह झूठी हैं। सरकार के पास ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। इस तरह की अफवाहें फैलाना गैर-जिम्मेदाराना और नुकसानदायक है। हाल के दिनों में ईरान से जुड़े तनाव, हॉरमुज जलडमरूमध्य में सप्लाई रुकने की आशंका और भारत में पेट्रोल, डीजल व एलपीजी की बढ़ती कीमतों को लेकर लोग पहले से ही चिंतित थे। इसी वजह से कई लोगों ने वायरल पोस्ट को सच मान लिया। इसके साथ ही 2020 के कोविड लॉकडाउन की यादें और उसी समय के आसपास का माहौल भी इस अफवाह के तेजी से फैलने की एक बड़ी वजह बना। कोई आधिकारिक लॉकडाउन नहीं है सरकार या किसी भी सरकारी एजेंसी ने युद्ध या सुरक्षा कारणों से किसी लॉकडाउन की कोई सलाह या सूचना जारी नहीं की है। यह घटना फिर से बताती है कि डर और भ्रम के माहौल में फर्जी संदेश बहुत तेजी से फैल जाते हैं। विशेषज्ञों ने लोगों से कहा है कि किसी भी मैसेज को आगे भेजने से पहले उसकी सच्चाई आधिकारिक सोर्स से जरूर जांच लें।
निशिकांत दुबे ने माफी मांगी, कहा- बीजू पटनायक बड़े नेता:पहले बताया था CIA और नेहरु के बीच की कड़ी; अब बोले- मेरे बयान को गलत समझा
बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री बीजू पटनायक पर दिए बयान को लेकर माफी मांग ली है। बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि बीजू बाबू हमारे लिए हमेशा ऊंचे कद के स्टेट्समैन रहे है और रहेंगे। मेरे बयान से यदि भावनाएं आहत हुई हैं तो मैं बेशर्त क्षमा चाहता हूं।' उन्होंने कहा की उनके बयान उनकी निजी राय थी और उसे गलत तरीके से समझा गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि नेहरू जी पर कही गई बात को बीजू पटनायक से जोड़ दिया गया, जो सही नहीं है। दरअसल, 27 मार्च को नई दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत में दुबे ने आरोप लगाया था कि पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने 1962 के युद्ध में अमेरिका और CIA की मदद ली थी और बीजू पटनायक अमेरिका, CIA और नेहरू के बीच कड़ी थे। PM मोदी ने बीजू पटनायक की तारीफ की इस विवाद के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को उत्कल दिवस के मौके पर ओडिशा के मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में बीजू पटनायक की तारीफ की। उन्होंने उन्हें देश निर्माण के लिए समर्पित नेता और साहस का प्रतीक बताया। दुबे के बयान के बाद ओडिशा के पूर्व CM और बीजू जनता दल (BJD) चीफ नवीन पटनायक ने सोमवार को पिता बीजू पटनायक पर टिप्पणी को लेकर भाजपा सांसद निशिकांत दुबे की आलोचना की थी। भुवनेश्वर में मीडिया से बातचीत में पटनायक ने कहा था की भाजपा सांसद का बयान आपत्तिजनक है और उन्हें मेंटल डॉक्टर की जरूरत है। BJD ने सोमवार को निशिकांत दुबे की टिप्पणी के विरोध में राज्यसभा से वॉकआउट किया था। कार्यवाही शुरू होते ही सस्मित पात्रा ने कहा, ‘निशिकांत दुबे ने बीजू पटनायक को CIA एजेंट बताया है, जो पूरी तरह गलत और मनगढ़ंत बयान है।’ निशिकांत ने कहा था नेहरु ने अमेरिकी पैसे से युद्ध लड़ा भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने 27 मार्च को दावा किया था कि नेहरू ने 1962 का चीन युद्ध अमेरिकी पैसे और CIA एजेंटों की मदद से लड़ा। दुबे ने कहा कि उन्होंने सोशल मीडिया पर नेहरू के दो पत्र जारी किए, जिनमें अधिकारियों, खासतौर पर अमेरिकी राजदूत को निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने आगे कहा- 1963-64 में अमेरिका के कहने पर नंदा देवी पर एक न्यूक्लियर डिवाइस लगाया गया, जो आज तक नहीं मिला है। भाजपा सांसद ने आरोप लगाया कि ओडिशा का चारबतिया एयरबेस, जिसमें बीजू पटनायक की भूमिका थी, U-2 जासूसी विमानों के लिए बनाया गया था और 1963 से 1979 तक अमेरिका ने इसका इस्तेमाल किया। बीजू पटनायक स्वतंत्रता सेनानी और दो बार CM रहे बीजू पटनायक दो बार (1961-63, 1990-95) ओडिशा के मुख्यमंत्री रहे। वे स्वतंत्रता सेनानी और पायलट थे। 1947 में इंडोनेशियाई सेनानियों को बचाने के लिए जकार्ता उड़ान जैसे मिशनों के लिए जाने जाते हैं। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। निधन के बाद 1997 में उनके बेटे नवीन पटनायक ने बीजू जनता दल की स्थापना की। नवीन पटनायक ने 5 मार्च 2000 से 12 जून 2024 तक लगातार पांच बार ओडिशा के 14वें मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया। --------------------------------------------- ये खबर भी पढें… नवीन पटनायक बोले- निशिकांत दुबे को मेंटल डॉक्टर की जरूरत:भाजपा सांसद ने कहा था- बीजू पटनायक नेहरू और अमेरिकी खुफिया एजेंसी के बीच कड़ी थे ओडिशा के पूर्व CM और बीजू जनता दल (BJD) चीफ नवीन पटनायक ने सोमवार को पिता बीजू पटनायक पर टिप्पणी को लेकर भाजपा सांसद निशिकांत दुबे की आलोचना की। पूरी खबर पढ़ें…
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