भारत की डेटा सेंटर क्षमता 2026 में 30 प्रतिशत बढ़ने की उम्मीद : रिपोर्ट
नई दिल्ली, 1 अप्रैल (आईएएनएस)। भारत की डेटा सेंटर क्षमता 2026 में सालाना आधार पर 30 प्रतिशत बढ़ने की उम्मीद है। इसकी वजह मजबूत मांग और इस सेक्टर में निवेशकों की रुचि बने रहना है। यह जानकारी बुधवार को जारी रिपोर्ट में दी गई।
ईरान युद्ध के बीच लॉकडाउन का फेक नोटिस वायरल:सोशल मीडिया पर शेयर पीडीएफ ‘April Fool’ निकला; मंत्री की अफवाह न फैलाने की अपील
सोशल मीडिया और वॉट्सएप पर मंगलवार को 'वॉर लॉकडाउन नोटिस' तेजी से वायरल हुआ, जिससे लोगों में घबराहट फैल गई। अशोक चक्र और मंत्रालय जैसे प्रतीकों के साथ बनाया गया यह नोटिस पहली नजर में आधिकारिक लगा, लेकिन बाद में यह अप्रैल फूल का मजाक निकला। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लॉकडाउन की अफवाहों को पूरी तरह निराधार बताया। उन्होंने कहा कि सरकार के स्तर पर किसी भी तरह के लॉकडाउन प्रस्ताव पर विचार नहीं किया जा रहा है। उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहें न फैलाने की अपील की। मंगलवार को वायरल हुए इस नोटिस का फॉर्मेट और भाषा बिल्कुल सरकारी आदेश जैसी रखी गई थी, जिससे कई लोगों ने इसे बिना सत्यापन आगे फॉरवर्ड कर दिया। हालांकि, दस्तावेज को खोलने पर सच्चाई सामने आई। उसमें 'April Fool' लिखा था और साथ में एक इमोजी दिया गया था। इससे साफ हो गया कि यह महज मजाक के तौर पर तैयार किया गया फर्जी नोटिस था। मंत्री बोले- लॉकडाउन की खबर झूठी हैं हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि लॉकडाउन की खबर पूरी तरह झूठी हैं। सरकार के पास ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। इस तरह की अफवाहें फैलाना गैर-जिम्मेदाराना और नुकसानदायक है। हाल के दिनों में ईरान से जुड़े तनाव, हॉरमुज जलडमरूमध्य में सप्लाई रुकने की आशंका और भारत में पेट्रोल, डीजल व एलपीजी की बढ़ती कीमतों को लेकर लोग पहले से ही चिंतित थे। इसी वजह से कई लोगों ने वायरल पोस्ट को सच मान लिया। इसके साथ ही 2020 के कोविड लॉकडाउन की यादें और उसी समय के आसपास का माहौल भी इस अफवाह के तेजी से फैलने की एक बड़ी वजह बना। कोई आधिकारिक लॉकडाउन नहीं है सरकार या किसी भी सरकारी एजेंसी ने युद्ध या सुरक्षा कारणों से किसी लॉकडाउन की कोई सलाह या सूचना जारी नहीं की है। यह घटना फिर से बताती है कि डर और भ्रम के माहौल में फर्जी संदेश बहुत तेजी से फैल जाते हैं। विशेषज्ञों ने लोगों से कहा है कि किसी भी मैसेज को आगे भेजने से पहले उसकी सच्चाई आधिकारिक सोर्स से जरूर जांच लें।
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