बांग्लादेश: खसरे से 44 की मौत, महज 24 घंटे में चार बच्चों ने गंवाई जान
ढाका, 1 अप्रैल (आईएएनएस) बांग्लादेश में खसरे का प्रकोप तेजी से फैल रहा है और बीते 24 घंटों में संदिग्ध मामलों और जटिलताओं से चार बच्चों की मौत हो गई है। इसके साथ ही इस साल मरने वालों की कुल संख्या बढ़कर 44 हो गई है, जिससे देश में सार्वजनिक स्वास्थ्य को लेकर गंभीर चिंता पैदा हो गई है।
राजशाही मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल के प्रवक्ता शंकर के. बिस्वास के अनुसार, पिछले 24 घंटों में दो बच्चों की मौत (संदिग्ध मामला) खसरे से हुई, जिससे अस्पताल में इस संक्रमण से मरने वालों की संख्या तीन हो गई है। उन्होंने बताया कि मंगलवार तक अस्पताल में खसरे के लक्षण वाले 98 मरीज भर्ती हैं, जो स्थिति की गंभीरता को दर्शाता है।
वहीं, इंफेक्शियस डिजिज हॉस्पिटल (आईडीएच) की अधीक्षक तंजिना जहां ने बताया कि इसी अवधि में एक और बच्चे की मौत हुई, जिससे इस अस्पताल में खसरे से संबंधित मौतों की संख्या 25 तक पहुंच गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, जनवरी से अब तक यहां 617 संदिग्ध मरीजों का इलाज किया जा चुका है।
इसी बीच चटोग्राम मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में भी साढ़े पांच महीने के एक शिशु की मौत हो गई, जिससे यह स्पष्ट हो गया है कि यह संक्रमण शिशुओं के लिए बेहद खतरनाक साबित हो रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस प्रकोप की सबसे बड़ी वजह टीकाकरण में आई कमी है। कई बच्चे या तो एक्सपेंडेड प्रोग्राम ऑन इम्युनाइजेशन (ईपीआई) के दायरे से बाहर रह गए या उन्होंने पूरा टीकाकरण नहीं कराया, जिससे उनकी प्रतिरोधक क्षमता कमजोर रह गई।
खसरा एक अत्यधिक संक्रामक बीमारी है, जिसमें एक संक्रमित व्यक्ति 16 से 18 लोगों को संक्रमित कर सकता है।
वैक्सीन आपूर्ति में देरी स्थिति को और गंभीर बनाती है। रिपोर्ट्स के अनुसार, मोहम्मद युनूस के नेतृत्व वाली पूर्व अंतरिम सरकार के दौरान लिए गए कुछ फैसलों के कारण वैक्सीन खरीद प्रक्रिया प्रभावित हुई। हालांकि खसरा-रूबेला वैक्सीन उपलब्ध हो चुकी है, लेकिन सिरिंज अभी तक नहीं पहुंची हैं, जिसके चलते राष्ट्रीय टीकाकरण अभियान डेढ़ से दो महीने तक टल गया है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इस देरी को गंभीर लापरवाही बताते हुए चेतावनी दी है कि यदि तुरंत कदम नहीं उठाए गए, तो यह प्रकोप और बड़े स्तर पर फैल सकता है। उनका कहना है कि वैक्सीन खरीद और वितरण में हुई देरी ने देश को एक टाले जा सकने वाले संकट की ओर धकेल दिया है।
सरकार से अब तत्काल और प्रभावी कदम उठाने की मांग की जा रही है, ताकि इस तेजी से फैलते संक्रमण को रोका जा सके और बच्चों की जान बचाई जा सके।
--आईएएनएस
केआर/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
आठवें वेतन आयोग के सदस्य मुख्य मुद्दों पर सरकारी कर्मचारियों से मुलाकात करेंगे
नई दिल्ली, 1 अप्रैल (आईएएनएस)। आठवें वेतन आयोग प्रस्तावित वेतन वृद्धि से जुड़े मुख्य मुद्दों पर बातचीत के लिए जल्द सरकारी कर्मचारियों और वेतनभोगियों से मुलाकात करेगा।
24 अप्रैल को देहरादून में एक महत्वपूर्ण बैठक निर्धारित है, जिसमें कर्मचारी संघों, पेंशनभोगी संघों और अन्य पक्षकारों के प्रतिनिधि वेतन संरचना, भत्ते और पेंशन संबंधी मुद्दों पर अपने विचार 8वें वेतन आयोग के सदस्यों के सामने रखेंगे।
आयोग के सदस्य कर्मचारियों और वेतनभोगियों की समस्याओं को बेहतर ढंग से समझने के लिए देश के विभिन्न हिस्सों का दौरा करेंगे और इसी तरह की बैठकें आयोजित करेंगे। इन बैठकों से प्राप्त प्रतिक्रिया के आधार पर आयोग यह तय करेगा कि भविष्य में वेतन, पेंशन और लाभों में कितना संशोधन किया जाना चाहिए।
आयोग ने कहा कि यदि कोई समूह अपने विचार साझा करना चाहता है, तो उन्हें मिलने के लिए पहले समय का अनुरोध करना होगा।
30 मार्च को जारी नोटिस में लिखा था, आठवें वेतन आयोग का एक दल 24 अप्रैल को देहरादून, उत्तराखंड का दौरा करेगा। केंद्र सरकार के संगठनों/संस्थानों और संघों/संगठनों सहित इच्छुक पक्षकार, जो देहरादून में आयोग के साथ बातचीत करना चाहते हैं, कृपया 10 अप्रैल या उससे पहले समय का अनुरोध प्रस्तुत करें।
इसके बाद, आयोग चयनित प्रतिभागियों को बैठक के सटीक स्थान और समय के बारे में सूचित करेगा। बयान में कहा गया है, स्थान का विवरण और बैठक का कार्यक्रम बाद में सूचित किया जाएगा।
आठवें वेतन आयोग की बैठक में भाग लेने के इच्छुक किसी भी व्यक्ति को 10 अप्रैल तक ईमेल द्वारा अनुरोध भेजना होगा। केवल इस समय सीमा से पहले आवेदन करने वालों पर ही बैठक के लिए विचार किया जाएगा।
इसके बाद, आयोग अनुरोधों की समीक्षा करेगा और चयनित प्रतिभागियों को सटीक स्थान और समय के बारे में सूचित करेगा। प्रक्रिया से संबंधित सभी आधिकारिक विवरण और अपडेट आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं।
कर्मचारी संघ, पेंशनभोगी संघ, संगठन और यहां तक कि व्यक्ति भी वेतन, भत्ते, पेंशन और अन्य सेवा-संबंधी मुद्दों पर अपने विचार भेज सकते हैं।
आयोग ने एक ऑनलाइन पोर्टल बनाया है जहां लोग 30 अप्रैल तक ज्ञापन के रूप में अपने सुझाव प्रस्तुत कर सकते हैं।
इन सुझावों को भेजने की अंतिम तिथि 30 अप्रैल है। इसके बाद, आयोग अपनी सिफारिशें तैयार करने से पहले बैठकों और लिखित प्रस्तुतियों से प्राप्त सभी प्रतिक्रियाओं की समीक्षा करेगा।
1.1 करोड़ से अधिक केंद्रीय सरकारी कर्मचारी और पेंशनभोगी 8वें वेतन आयोग के त्वरित कार्यान्वयन के संकेत की प्रतीक्षा कर रहे हैं। आयोग को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए 18 महीने की समय सीमा दी गई है।
--आईएएनएस
एबीएस/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
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