आठवें वेतन आयोग के सदस्य मुख्य मुद्दों पर सरकारी कर्मचारियों से मुलाकात करेंगे
नई दिल्ली, 1 अप्रैल (आईएएनएस)। आठवें वेतन आयोग प्रस्तावित वेतन वृद्धि से जुड़े मुख्य मुद्दों पर बातचीत के लिए जल्द सरकारी कर्मचारियों और वेतनभोगियों से मुलाकात करेगा।
24 अप्रैल को देहरादून में एक महत्वपूर्ण बैठक निर्धारित है, जिसमें कर्मचारी संघों, पेंशनभोगी संघों और अन्य पक्षकारों के प्रतिनिधि वेतन संरचना, भत्ते और पेंशन संबंधी मुद्दों पर अपने विचार 8वें वेतन आयोग के सदस्यों के सामने रखेंगे।
आयोग के सदस्य कर्मचारियों और वेतनभोगियों की समस्याओं को बेहतर ढंग से समझने के लिए देश के विभिन्न हिस्सों का दौरा करेंगे और इसी तरह की बैठकें आयोजित करेंगे। इन बैठकों से प्राप्त प्रतिक्रिया के आधार पर आयोग यह तय करेगा कि भविष्य में वेतन, पेंशन और लाभों में कितना संशोधन किया जाना चाहिए।
आयोग ने कहा कि यदि कोई समूह अपने विचार साझा करना चाहता है, तो उन्हें मिलने के लिए पहले समय का अनुरोध करना होगा।
30 मार्च को जारी नोटिस में लिखा था, आठवें वेतन आयोग का एक दल 24 अप्रैल को देहरादून, उत्तराखंड का दौरा करेगा। केंद्र सरकार के संगठनों/संस्थानों और संघों/संगठनों सहित इच्छुक पक्षकार, जो देहरादून में आयोग के साथ बातचीत करना चाहते हैं, कृपया 10 अप्रैल या उससे पहले समय का अनुरोध प्रस्तुत करें।
इसके बाद, आयोग चयनित प्रतिभागियों को बैठक के सटीक स्थान और समय के बारे में सूचित करेगा। बयान में कहा गया है, स्थान का विवरण और बैठक का कार्यक्रम बाद में सूचित किया जाएगा।
आठवें वेतन आयोग की बैठक में भाग लेने के इच्छुक किसी भी व्यक्ति को 10 अप्रैल तक ईमेल द्वारा अनुरोध भेजना होगा। केवल इस समय सीमा से पहले आवेदन करने वालों पर ही बैठक के लिए विचार किया जाएगा।
इसके बाद, आयोग अनुरोधों की समीक्षा करेगा और चयनित प्रतिभागियों को सटीक स्थान और समय के बारे में सूचित करेगा। प्रक्रिया से संबंधित सभी आधिकारिक विवरण और अपडेट आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं।
कर्मचारी संघ, पेंशनभोगी संघ, संगठन और यहां तक कि व्यक्ति भी वेतन, भत्ते, पेंशन और अन्य सेवा-संबंधी मुद्दों पर अपने विचार भेज सकते हैं।
आयोग ने एक ऑनलाइन पोर्टल बनाया है जहां लोग 30 अप्रैल तक ज्ञापन के रूप में अपने सुझाव प्रस्तुत कर सकते हैं।
इन सुझावों को भेजने की अंतिम तिथि 30 अप्रैल है। इसके बाद, आयोग अपनी सिफारिशें तैयार करने से पहले बैठकों और लिखित प्रस्तुतियों से प्राप्त सभी प्रतिक्रियाओं की समीक्षा करेगा।
1.1 करोड़ से अधिक केंद्रीय सरकारी कर्मचारी और पेंशनभोगी 8वें वेतन आयोग के त्वरित कार्यान्वयन के संकेत की प्रतीक्षा कर रहे हैं। आयोग को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए 18 महीने की समय सीमा दी गई है।
--आईएएनएस
एबीएस/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
Assam Elections 2026: कांग्रेस के राजकुमार की हार की सेंचुरी लगने वाली है, असम में पीएम मोदी बोले- विपक्ष के लिए परिवार-पावर फर्स्ट
Assam Elections 2026: असम में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. सभी दल विधानसभा चुनावों की तैयारियों में जुटे हुए हैं. इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को असम में एक रैली को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि भाजपा और एनडीए की हैट्रिक लगनी तय है. राहुल गांधी का नाम लिए बगैर पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस के सो कॉल्ड राजकुमार की पराजय की सेंचुरी लगने वाली है.
PM मोदी असम के धेमाजी के गोगामुख में एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे. इस दौरान, पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया भर में असम की चर्चा चाए के लिए होती है लेकिन अब असम चाय के साथ-साथ चिप भी बनाएगी. गाड़ियां, टीवी, मोबाइल और फ्रीज असम की चिप से चलेंगे. असम की पहचान दुनिया भर में अब चाय और चिप से होगी.
बहुसंख्यकों को ही दंगे का दोषी मानती थी कांग्रेस- पीएम मोदी
सभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कांग्रेस के कुशासन से आपने असम को मुक्त करवाया है. कांग्रेस यहां अलग ही खेल खेलने में लगी हुई है. कांग्रेस नेता खतरनाक कानून बनाने की बात करते हैं. 2014 से पहले कांग्रेस ऐसा कानून बनाने वाली थी, जिसमें बहुसंख्यकों को ही हर एक दंगे के लिए दोषी माना जाता. कानून में पहले से ही अल्पसंख्यकों को पीड़ित मान लिया गया था. उस वक्त विपक्ष में रहते हुए हमने इसे बनने नहीं दिया. अगर ये कानून बन जाता हैै तो देश के बहुसंख्यकों का बहुत शोषण होता है और इसकी कल्पना तक नहीं की जा सकती है. कांग्रेस अब 12 साल बाद वैसे ही एक कानून को असम में बनाने का ऐलान कर रही है. खुद कांग्रेसी नेताओें ने खुलेआम ये घोषणा की है.
कांग्रेस के लिए परिवार और पावर फर्स्ट- पीएम मोदी
कांग्रेस के लिए हमेशा पावर, पॉलिटिक्स और अपना परिवार फर्स्ट रहा है, एक परिवार असम में और एक परिवार दिल्ली में है. कांग्रेस के लिए इन्हीं परिवारों का हित सर्वोपरि है. पीएम मोदी ने कहा कि दशकों तक असम में कांग्रेस ने सरकार चलाई लेकिन आपके स्वास्थ्य पर उन्होंने ध्यान नहीं दिया. पिछले छह दशक में सिर्फ छह मेडिकल कॉलेज बन पाए थे लेकिन आज असम में 14 मेडिकल कॉलेज हैं और 10 पर काम हो रहा है.
Gogamukh, Assam: Prime Minister Narendra Modi says, "...Our priority has always been to provide better healthcare and education facilities in Assam. This improves the lives of both the poor and the middle class..."
— IANS (@ians_india) April 1, 2026
(Source: PM Narendra Modi YouTube) pic.twitter.com/uqbVn01SHn
भाजपा जो कहती है, वह करती है- पीएम मोदी- पीएम मोदी
पीएम मोदी ने रैली में कहा कि 40 लाख घरों में कोई न कोई दीदी लखपति बनने वाली हैं. हमने संकल्प पत्र में यूसीसी लागू करने का वादा किया है. हमारे आदिवासी समाज की संस्कृति को बचाकर रखने का भी भाजपा ने वादा किया है. भाजपा जो कहती है, उसे करके दिखाती है.
चाय के बागान गए थे पीएम मोदी- पीएम मोदी
बता दें, सभा को संबोधित करने से पहले पीएम मोदी असम के डिब्रूगढ़ स्थित चाय बागान गए थे. पीएम मोदी ने यहां काम कर रही महिलाओं के साथ बातचीत की और उनके साथ सेल्फी भी ली. पीएम ने यहां चाय की पत्तियां भी तोड़ीं.
The women at the tea garden in Dibrugarh sang a song, which pays homage to Jagat Janani Maa. It is amazing how they remain so connected with their culture and roots. pic.twitter.com/sBDEklAqxI
— Narendra Modi (@narendramodi) April 1, 2026
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
News Nation





















