मध्य पूर्व तनाव कम होने की उम्मीदों के चलते कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट, दिन के उच्च स्तर से 3 प्रतिशत तक फिसली कीमतें
नई दिल्ली, 1 अप्रैल (आईएएनएस)। अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में बुधवार को गिरावट देखी गई और वे दिन के उच्चतम स्तर से करीब 3 प्रतिशत तक फिसल गईं। यह गिरावट अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने की उम्मीदों के चलते आई।
ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स दिन के उच्च स्तर 105.86 डॉलर प्रति बैरल से गिरकर इंट्राडे में 102.79 डॉलर तक आ गया, जो करीब 2.9 प्रतिशत की गिरावट है। खबर लिखे जाने तक ब्रेंट करीब 1 प्रतिशत गिरकर 103.19 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था।
इसी तरह, यूएस वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) क्रूड भी अपने इंट्राडे हाई 103.31 डॉलर से 2.19 प्रतिशत तक गिरा और 101.25 डॉलर प्रति बैरल के आसपास ट्रेड कर रहा था।
यह गिरावट उस समय आई जब दिन की शुरुआत में तेल की कीमतों में तेज उछाल देखा गया था। सुबह के कारोबार में ब्रेंट 1.81 प्रतिशत बढ़कर 105.86 डॉलर और डब्ल्यूटीआई 1.90 प्रतिशत बढ़कर 103.31 डॉलर तक पहुंच गया था।
विश्लेषकों के अनुसार, बदलते भू-राजनीतिक संकेतों और आर्थिक परिस्थितियों के कारण बाजार में उतार-चढ़ाव बना हुआ है।
उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इस संकेत के बाद बाजार का सेंटिमेंट बेहतर हुआ है कि अमेरिका अगले 2-3 हफ्तों में इस संघर्ष से बाहर निकल सकता है। वहीं, ईरान ने भी कुछ शर्तों के साथ तनाव खत्म करने की इच्छा जताई है। हालांकि, समझौते के समय और स्वरूप को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है, साथ ही होर्मुज जलडमरूमध्य में सप्लाई बाधित होने का खतरा भी बाजार को सतर्क बनाए हुए है।
विश्लेषकों ने यह भी बताया कि डॉलर में कमजोरी के बाद सोने-चांदी की कीमतों में उछाल आया है, लेकिन वैश्विक अनिश्चितता और अमेरिका-चीन से मिले मिश्रित आर्थिक संकेत कच्चे तेल की कीमतों को ऊपर बनाए हुए हैं।
मार्च के दौरान तेल की कीमतें अधिकतर 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बनी रहीं, जिसका कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में व्यवधान रहा, जहां से दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत कच्चा तेल गुजरता है।
तेल कीमतों में यह उतार-चढ़ाव डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान के बाद आया है जिसमें उन्होंने कहा कि ईरान के साथ तनाव जल्द कम हो सकता है और इसके लिए किसी औपचारिक समझौते की भी जरूरत नहीं हो सकती।
विशेषज्ञों का कहना है कि भू-राजनीतिक तनाव में नरमी से कुछ मुनाफावसूली जरूर हुई है, लेकिन समाधान को लेकर अनिश्चितता और सप्लाई जोखिम के कारण कीमतें अभी भी ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं।
इस बीच, घरेलू शेयर बाजारों ने इस सकारात्मक संकेत पर अच्छी प्रतिक्रिया दी और वैश्विक संकेतों के साथ शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी करीब 3 प्रतिशत तक चढ़ गए।
--आईएएनएस
डीबीपी
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क्या सिगरेट छोड़ना सच में मुश्किल है? सिर्फ 21 दिनों में स्मोकिंग से पाएं छुटकारा
How to Quit Smoking: सिगरेट छोड़ना किसी की भी सेहत के लिए सबसे बड़ा और जरूरी फैसला हो सकता है, लेकिन यह भी सच है कि इसे छोड़ना इतना आसान नहीं होता है. दरअसल, निकोटीन की लत हमारे शरीर के साथ-साथ दिमाग को भी बुरी तरह से प्रभावित करती है, जिसकी वजह से कई लोग बार-बार कोशिश करने के बावजूद धूम्रपान से खुद को बचा नहीं पाते हैं. हां, यह बात सोलह आने सच है कि हर सिगरेट पीने वाले को इसके नुकसान पता होते हैं. मगर फिर भी वह उसे छोड़ नहीं पाते हैं. चलिए जानते हैं सिगरेट छोड़ने के आसान तरीके.
डॉक्टरों का कहना है कि सही रणनीति और वैज्ञानिक द्वारा सुझाए गए तरीकों की मदद से स्मोकिंग छोड़ना पूरी तरह संभव है. यहां हम आपको बता रहे हैं 7 ऐसे असरदार तरीकों के बारे में जो धूम्रपान छोड़ने में आपकी मदद कर सकते हैं.
एक्सपर्ट क्या कहते हैं?
आकाश हेल्थकेयर के रेस्पिरेट्री और स्लीप मेडिसिन विभाग के सीनियर कंसल्टेंट और हेड डॉक्टर अक्षय बुधराजा कहते हैं कि धूम्रपान छोड़ना सिर्फ इच्छाशक्ति का मामला नहीं है बल्कि यह एक मेडिकल और बिहेवियरल प्रोसेस भी होता है. इसके लिए सही गाइडेंस, दवाइयों और सपोर्ट के साथ सफलता की संभावना कई गुना बढ़ जाती है. इसके लिए प्रोफेशनल हेल्प लेने में संकोच नहीं करना चाहिए.
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21 दिनों में पाएं सिगरेट से छुटकारा
1.सबसे पहले एक डेट फिक्स करें
धूम्रपान छोड़ने के लिए एक निश्चित तारीख तय करना बेहद जरूरी है. इससे आप मानसिक रूप से भी तैयार हो पाते हैं. एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि यह तारीख अगले 1-2 हफ्तों के अंदर ही रखें, ताकि आप खुद को इसके लिए तैयार कर सकें.
2.अपने ट्रिगर्स को पहचानें
कॉफी पीना, तनाव या दोस्तों के साथ समय बिताना ये सभी चीजें स्मोकिंग के ट्रिगर हो सकते हैं. इन्हें पहचानना जरूरी है, ताकि आप इनके विकल्प भी तैयार कर सकें, जैसे च्युइंग गम खाना, टहलना या गहरी सांस लेना.
3.निकोटीन रिप्लेसमेंट थेरेपी अपनाएं
पैच, गम, लोजेंज और इनहेलर जैसे विकल्प आपके शरीर को धीरे-धीरे निकोटीन की आदत से बाहर निकालने में मदद करते हैं. इनमें सिगरेट के हानिकारक केमिकल्स नहीं होते है, जिस वजह से यह ज्यादा सुरक्षित विकल्प साबित हो सकते हैं.
4.एक्सपर्ट की मदद लें
डॉक्टर या काउंसलर की मदद लेने से भी सिगरेट स्मोकिंग से बचने में सफलता की संभावना बढ़ जाती है. वे दवाइयों और काउंसलिंग के जरिए आपकी क्रेविंग्स को कंट्रोल करने में मदद कर सकते हैं.
5.एक्टिव रहें
फिजिकल एक्टिविटी से भी स्मोकिंग की क्रेविंग्स कम होती हैं और मूड बेहतर होता है. सिर्फ 10 मिनट की तेज वॉक भी सिगरेट की इच्छा को कम कर सकती है और शरीर में एंडॉर्फिन को बढ़ाती है.
6.'कोल्ड टर्की' अप्रोच अपनाएं
कुछ लोग एकदम से स्मोकिंग छोड़ने का फैसला लेते हैं, जिसे 'कोल्ड टर्की' कहा जाता है. इसमें मानसिक मजबूती बेहद जरूरी होती है. इसे सजा नहीं, बल्कि शरीर की सफाई का समय समझें. कुछ लोग बस एक सिगरेट पीने की सोच से इसे दोबारा शुरू कर देते हैं और धीरे-धीरे ये लत फिर लग जाती है.
7.खुद के प्रति दयालु बनें
धूम्रपान छोड़ना एक लंबा प्रोसेस हो सकता है. अगर बीच में गलती हो जाए, तो खुद को दोषी न ठहराएं. इसे सीख के रूप में लें और आगे बढ़ें.
स्मोकिंग छोड़ते ही मिलते हैं ये फायदे
- 20 मिनट में हार्ट रेट सामान्य होने लगता है.
- 24 घंटे में खून में कार्बन मोनोऑक्साइड का स्तर कम हो जाता है.
- 2-3 हफ्तों में हार्ट अटैक का खतरा घटने लगता है.
- लंबे समय में फेफड़ों के कैंसर और अन्य बीमारियों का जोखिम कम होता है.
जरूरी सलाह
हेल्थ एक्सपर्ट कहते हैं कि धूम्रपान छोड़ना मुश्किल जरूर है, लेकिन नामुमकिन नहीं. सही जानकारी, मजबूत इच्छाशक्ति और एक्सपर्ट की सलाह से आप इस आदत को हमेशा के लिए छोड़ सकते हैं.
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