हलासन के नियमित अभ्यास से बेहतर बनेगा आपका स्वास्थ्य
नई दिल्ली, 1 अप्रैल (आईएएनएस)। योग की प्राचीन परंपरा में हर मुद्रा को आसन का नाम दिया गया है। इन आसनों के नाम आमतौर पर उस आकृति पर आधारित होते है, जिस प्रकार शरीर की मुद्रा बनती है। इन्हीं में से एक महत्वपूर्ण और प्रभावशाली है हलासन।
हलासन दो शब्दों से मिलकर बना है, हल और आसन। हल भारतीय कृषि का पारंपरिक उपकरण हैं, जिससे किसान खेती जोतते हैं। जब यह आसन पूरी तरह किया जाता है, तो शरीर की मुद्रा ठीक उसी तरह बनती है। इसलिए इसे अंग्रेजी में प्लो पोज भी कहते हैं।
इस आसन को पूरी तरह करने के लिए शरीर का लचीला होना जरूरी होता है। शुरुआत में लोग इसे पूरी तरह नहीं कर पाते, लेकिन रोज अभ्यास करने से शरीर में धीरे-धीरे लचीलापन आ जाता है और वे इसे सही तरीके से कर लेते हैं। जब यह आसन आधा किया जाता है, तो उसे ‘अर्धहलासन’ कहा जाता है।
आयुष मंत्रालय ने हलासन को उन्नत योगासन बताया है। उनके अनुसार, हलासन के नियमित अभ्यास से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य में व्यापक सुधार देखने को मिलता है। यह आसन गर्दन, कंधे, पीठ और पेट की मांसपेशियों को मजबूत बनाने में मदद करता है।
इसी के साथ ही, यह रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाने, थायरॉयड ग्रंथि को उत्तेजित करने, पाचन में सुधार करने और तनाव व थकान को कम करने में अत्यधिक फायदेमंद होता है।
शुरुआती अभ्यासकर्ता इसे करने के लिए पहले किसी विशेषज्ञ की देखरेख में ही करें। यह मांसपेशियों को लचीला बनाता है और तंत्रिका तंत्र (न्यूरो सिस्टम) को दुरुस्त रखता है। तनाव और थकान को कम करने में मदद करता है, जिससे मानसिक शांति मिलती है। इसके अतिरिक्त, हलासन थायरॉयड ग्रंथि के कार्य को बेहतर करता है, जो मेटाबॉलिज्म को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यह इम्यून सिस्टम को भी मजबूत करता है, जिससे रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। हलासन का नियमित अभ्यास पाचन तंत्र को बेहतर बनाता है और शरीर में ऊर्जा का संचार करता है।
गर्भवती महिलाओं, हाई ब्लड प्रेशर या गर्दन, पीठ दर्द की समस्या वाले व्यक्तियों को यह आसन करने से बचना चाहिए। शुरू करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेनी चाहिए।
--आईएएनएस
एनएस/एएस
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ईरान में क्रूर शासन के खिलाफ हमारे संघर्ष की दहाड़ पूरी दुनिया सुन रही : नेतन्याहू
तेल अवीव, आईएएनएस(1 अप्रैल)। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि मेरे भाइयों और बहनों, इजरायल के नागरिकों, इस स्वतंत्रता के पर्व की पूर्व संध्या पर इजरायल पहले से कहीं अधिक मजबूत है। पूरी दुनिया ईरान की दुष्ट सरकार के खिलाफ हमारी लड़ाई में हमारी शेर जैसी गर्जना सुन रही है, एक ऐसी लड़ाई जिसमें हमने बेहद बड़ी व विशाल उपलब्धियां हासिल की हैं।
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि इसकी एक पीड़ादायक कीमत भी है। अभी कल ही, हमने अपने चार सर्वश्रेष्ठ बेटों को खो दिया। इजरायल के नागरिकों की ओर से और मेरी व मेरी पत्नी सारा की ओर से मैं शहीदों के परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएँ व्यक्त करता हूँ। हम सभी प्रेम के साथ उन परिवारों को गले लगाते हैं जिन्होंने अपना सबसे अनमोल सदस्य खो दिया है और हम अपने वीर घायल साथियों को भी प्रेम से गले लगाते हैं। हम एक ही लोग हैं, एक साझा नियति की डोर से बंधे हुए, अपने अस्तित्व और अपने भविष्य को सुनिश्चित करने के लिए साथ हैं।
अमेरिका के साथ हमारे संयुक्त अभियान के एक महीने पूरे होने पर हम व्यवस्थित रूप से उस आतंकी शासन को कुचल रहे हैं जिसने दशकों तक यह नारा लगाया: “अमेरिका की मौत, इजरायल की मौत।” यह सच है कि हर पीढ़ी में वे हमें नष्ट करने के लिए उठ खड़े होते हैं और इस पीढ़ी में आयतुल्लाओं के शासन ने हमें समाप्त करने, मध्य पूर्व पर कब्ज़ा करने और पूरी दुनिया को धमकाने का बड़ा प्रयास किया। उसने इन घातक इरादों को आगे बढ़ाने के लिए परमाणु कार्यक्रमों और बैलिस्टिक मिसाइलों का विकास किया, हमारे आसपास आतंकवादी संगठनों को धन और हथियार दिए और उस पर लगाए गए कड़े प्रतिबंधों को झेलते हुए आगे बढ़ा। अब मैं आपको बताना चाहता हूं कि वर्षों में इस सब पर ईरान को लगभग एक ट्रिलियन डॉलर का खर्च आया है। अब यह कहा जा सकता है कि वह पैसा व्यर्थ चला गया।
ईरान से वसूली गई कीमत केवल धन तक सीमित नहीं थी। आने वाले पासओवर (मुक्ति पर्व) की भावना में ‘मोचन युद्ध’ की शुरुआत से ही, हमने ‘बुराई के धुरी’ पर दस विपत्तियां डाली हैं। गाज़ा में हमास पर प्रहार, लेबनान में हिज़्बुल्लाह पर प्रहार, सीरिया में असद पर प्रहार, यहूदिया और समारिया में आतंकी संगठनों पर प्रहार, यमन में हूतियों पर प्रहार, और ईरान पर पांच और प्रहार- उनके परमाणु कार्यक्रम पर प्रहार, उनकी मिसाइलों पर प्रहार, शासन की बुनियादी संरचना पर प्रहार, दमनकारी ताकतों पर प्रहार, और “पहिलौठों की विपत्ति”, या हमारे मामले में, शीर्ष नेतृत्व पर प्रहार। तानाशाह खामेनेई से लेकर परमाणु वैज्ञानिकों तक और रिवोल्यूशनरी गार्ड व बसीज के कुख्यात हत्यारों तक, नसरल्लाह, हनियेह, डेइफ़, सिनवार और कई अन्य तक।
मिस्र की दस विपत्तियों के बाद भी फ़िरऔन ने इजरायल के लोगों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की थी और हम सभी जानते हैं उसका अंत क्या हुआ। यही स्थिति ईरानी ‘बुराई के धुरी’ के खिलाफ अभियान में भी है। यह अभियान अभी समाप्त नहीं हुआ है, लेकिन अभी भी यह कहा जा सकता है कि हमारे दुश्मनों पर आई इन दस विपत्तियों के मुकाबले, हमने ‘राइजिंग लॉयन’ और ‘रोअरिंग लॉयन’ अभियानों तथा पूरे ‘मोचन युद्ध’ में दस बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं।
पहला हमने एक रणनीतिक बदलाव किया। इन दोनों अभियानों से पहले, ईरान हमें घेरने की कोशिश कर रहा था। आज हम उन्हें घेर रहे हैं। ईरान का आयतुल्ला शासन पहले से कहीं अधिक कमजोर है और इजरायल पहले से कहीं अधिक मजबूत।
दूसरा, हमने दुनिया को ईरान के खतरे के प्रति जागरूक किया। पहले दुनिया ने हमारी चेतावनियों को नजरअंदाज किया। आज कोई भी इस खतरे की गंभीरता को नहीं नकार सकता।
तीसरा, पहले हम अकेले लड़ रहे थे। आज हम अमेरिका के साथ कंधे से कंधा मिलाकर लड़ रहे हैं- एक अभूतपूर्व और ऐतिहासिक सहयोग में।
चौथा, हमने उस आतंकी शासन की नींव हिला दी, जो पहले अजेय लगता था। अब यह शासन डगमगा रहा है, और देर-सबेर गिर जाएगा।
पांचवां, हमने दो अस्तित्वगत खतरों को समाप्त किया- परमाणु हथियार और बैलिस्टिक मिसाइलों का खतरा।
छठा, हमने ईरान की आतंकी सेनाओं की ताकत तोड़ दी, जो हमें चारों ओर से घेर रही थीं।
सातवां, हमने अपनी सीमाओं से परे गहरे सुरक्षा क्षेत्र स्थापित किए। आठवां, हमने अपनी सुरक्षा नीति बदली-अब हम पहल करते हैं और अपने दुश्मनों को चौंकाते हैं।
नौवाँ, हमने साबित किया कि हमारी वायु रक्षा प्रणाली दुनिया में सर्वश्रेष्ठ है। दसवाँ, हमने इजरायल की जनता और अर्थव्यवस्था की अद्भुत मजबूती दिखाई।
इजरायल के नागरिकों, ये उपलब्धियां आपकी वजह से संभव हुई हैं-आपके विश्वास और शक्ति के कारण। दुश्मन आते-जाते रहेंगे लेकिन उनका सामना करने की हमारी क्षमता और दृढ़ संकल्प ही हमारे भविष्य को सुरक्षित करता है। मिलकर हमने इजरायल को एक क्षेत्रीय शक्ति, और कुछ क्षेत्रों में वैश्विक शक्ति बना दिया है।
कई बार पिछले ढाई वर्षों में, मुझे कठिन निर्णय लेने पड़े- रफ़ाह, फिलाडेल्फ़ी, गाज़ा सिटी में प्रवेश, बंधकों की वापसी, सीरिया में हस्तक्षेप और ‘राइजिंग लॉयन’ व ‘रोअरिंग लॉयन’ जैसे साहसी कदम। इन सभी में मैंने आपकी आवाज़ सुनी, नागरिकों की और सैनिकों की।
आपने मुझसे कहा: “हम समझते हैं क्या दांव पर है। हम मजबूत हैं। प्रधानमंत्री, कमजोरी की आवाज़ों के सामने मत झुको। लड़ाई जारी रखो, हमें जीत की ओर ले चलो।” और हम वही कर रहे हैं।
गाज़ा और लेबनान में आगे बढ़ते सैनिक से लेकर तेहरान के आसमान में उड़ते पायलट तक-इस्राइली योद्धा चीते की तरह तेज, चील की तरह हल्के और शेर की तरह बहादुर हैं। हम आतंकी शासन को कुचलते रहेंगे, अपनी सुरक्षा को मजबूत करेंगे और अपने लक्ष्य हासिल करेंगे।
पासओवर हग्गादा में कहा गया है: “हर पीढ़ी में कोई न कोई हमें नष्ट करने उठ खड़ा होता है लेकिन ईश्वर हमें उनके हाथों से बचाते हैं।” यही विरासत हमें संभाले हुए है। राष्ट्र अडिग खड़ा है, और हमें भी अडिग रहना होगा। ईश्वर की कृपा से हम इजरायल की अनंतता सुनिश्चित करेंगे।
पूरे इजरायल को स्वतंत्रता पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं।
--आईएएनएस
पीएम
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