'PM की दी जिम्मेदारी को ईमादारी से निभाऊंगी', घरों में काम करने वालीं BJP प्रत्याशी कलिता माझी का संकल्प
West Bengal News: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव का माहौल पूरी तरह गरमा चुका है. हर पार्टी के उम्मीदवार जनता को अपनी तरफ करने के लिए पूरी ताकत लगा रहे हैं. इसी बीच एक ऐसी उम्मीदवार की कहानी सामने आई है, जो आम लोगों से सीधे जुड़ी हुई है. ये हैं औसग्राम सीट से भारतीय जनता पार्टी (BJP) की प्रत्याशी कलिता माझी.
कौन हैं कलिता माझी
कलिता माझी कोई बड़ी नेता या अमीर परिवार से नहीं आतीं, बल्कि वो एक घरेलू सहायिका हैं. वह दो घरों में काम करके महीने के करीब 4 हजार रुपये कमाती हैं. लेकिन चुनाव आते ही उन्होंने अपने काम से एक महीने की छुट्टी ले ली है, ताकि पूरी तरह से प्रचार पर ध्यान दे सकें. उनका कहना है कि पार्टी और प्रधानमंत्री ने उन्हें जो जिम्मेदारी दी है, उसे वो पूरी ईमानदारी से निभाना चाहती हैं.
#WATCH | West Bengal Elections 2026 | BJP has fielded Kalita Majhi, who works as a house help, as its candidate from Aushgram in Purba Bardhaman district.
— ANI (@ANI) March 31, 2026
She says, "I will shoulder the responsibility given to me by PM and other officials. Health and education systems in… pic.twitter.com/DYabFidn8V
इलाके में स्वास्थ्य और शिक्षा की समस्या
कलिता का कहना है कि उनके इलाके औसग्राम में बहुत सारी बुनियादी समस्याएं हैं. सबसे बड़ी दिक्कत हेल्थ और एजुकेशन की है. उनके मुताबिक, या तो अच्छे स्कूल नहीं हैं, और जहां स्कूल हैं, वहां टीचर नहीं मिलते. इसी तरह, अगर कोई गरीब व्यक्ति बीमार पड़ जाए, तो उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल जाना पड़ता है क्योंकि इलाके में सही मेडिकल सुविधा नहीं है.
TMC पर साधा निशाना
भाजपा उम्मीदवार ने All India Trinamool Congress (TMC) सरकार पर भी जमकर निशाना साधा. उनका आरोप है कि आदिवासी समाज के लिए सरकार ने खास कुछ नहीं किया. इलाके में पीने के पानी की भी भारी समस्या है और महिलाओं की सुरक्षा भी एक बड़ा मुद्दा बना हुआ है. उन्होंने कहा कि कई बार महिलाओं के साथ ऐसी घटनाएं होती हैं, जिनके बारे में वे खुलकर बोल भी नहीं पातीं.
लगाए गंभीर आरोप
कलिता माझी ने TMC पर भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए. उनका कहना है कि 'तृणमूल मतलब भ्रष्टाचार और कोयला चोरी, मवेशी चोरी सहित बालू चोरी जैसे कई मामलों में पार्टी का नाम आता रहा है.' उनका दावा है कि वो घर की जिम्मेदारियां संभालते हुए भी चुनाव प्रचार कर रही हैं और उनके परिवार का उन्हें पूरा समर्थन मिल रहा है.
पहले भी लड़ चुकी हैं चुनाव
दिलचस्प बात ये है कि कलिता पहली बार चुनाव नहीं लड़ रही हैं. पिछली बार भी उन्होंने इसी सीट से चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें सिर्फ 12 वोटों से हार का सामना करना पड़ा था. इस बार उन्हें पूरा भरोसा है कि वो जीत हासिल कर सकती हैं. उनका मानना है कि उनके परिवार और इलाके के लोग इस बार उनके साथ मजबूती से खड़े हैं.
बुनियादी समस्याओं पर करेंगी काम
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक कलिता माझी का कहना है कि उनका साधारण जीवन ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है. क्योंकि वे खुद गरीब और आम लोगों के बीच से आती हैं, इसलिए उन्हें उनकी समस्याएं अच्छी तरह समझ में आती हैं. वे कहती हैं कि अगर उन्हें जीत मिली, तो सबसे पहले इलाके की सड़क, पानी, घर और बिजली जैसी बुनियादी समस्याओं पर काम करेंगी.
कई गांवों में आज तक नहीं पहुंची बिजली
कलिता माझी ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार की कई योजनाएं लोगों तक सही तरीके से नहीं पहुंच पा रही हैं, और वे चाहती हैं कि उन योजनाओं का लाभ हर जरूरतमंद तक पहुंचे. उनके मुताबिक, कई गांव आज भी ऐसे हैं जहां बिजली तक नहीं है, जो कि आज के समय में बहुत बड़ी समस्या है.
महिलाओं की सुरक्षा पर जताई चिंता
महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी उन्होंने चिंता जताई. उनका कहना है कि समाज में ऐसी घटनाओं की कोई जगह नहीं होनी चाहिए और अगर राज्य में महिला मुख्यमंत्री होने के बावजूद ऐसी घटनाएं होती हैं, तो यह बहुत ही शर्म की बात है.
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जब टीटीई ने CRPF जवानों को फर्श से उठाकर बर्थ पर सुलाया, देखें वीडियो
सोशल मीडिया पर इन दिनों एक ऐसा वीडियो वायरल हो रहा है, जिसे देखकर आपकी आंखों में भी नमी आ जाएगी और दिल को सुकून मिलेगा. यह वीडियो भारतीय रेल का है, जहां एक टीटीई (ट्रेन टिकट एग्जामिनर) ने कुछ ऐसा किया कि वह रातों-रात इंटरनेट हीरो बन गया है. वीडियो में देखा जा सकता है कि चलती ट्रेन में टीटीई अपनी रूटीन ड्यूटी निभाते हुए यात्रियों की टिकट चेक कर रहा है. इसी दौरान उसकी नजर कुछ ऐसा देखने को मिलती है, जिससे वह खुद को रोक नहीं पाता है. ट्रेन के गेट के पास फर्श पर दो सीआरपीएफ (CRPF) के जवान गहरी नींद में सो रहे होते हैं.
जवानों के पास जाकर टीटीई ने किया ये काम
वीडियो में साफ दिख रहा है कि फर्श पर सो रहे जवानों की हालत देखकर टीटीई तुरंत उनके पास पहुंचता है. वह बिना किसी हिचकिचाहट के दोनों जवानों को बड़े प्यार से जगाता है. आमतौर पर देखा जाता है कि भीड़भाड़ वाली ट्रेनों में जगह की काफी कमी होती है, लेकिन इस टीटीई ने मानवता की मिसाल पेश की. जैसे ही जवान जागते हैं, टीटीई उनसे बात करता है और उनके आराम के लिए स्लीपिंग बर्थ का जुगाड़ करने की कोशिश शुरू कर देता है। टीटीई का मकसद सिर्फ ड्यूटी करना नहीं, बल्कि देश की सेवा में लगे जवानों को सम्मान देना था.
सम्मान के साथ बर्थ पर सुलाया
अपनी सूझबूझ और दरियादिली दिखाते हुए टीटीई ने उन दोनों जवानों के लिए ट्रेन के अंदर खाली बर्थ का इंतजाम कर दिया। इसके बाद उसने जवानों को फर्श से उठाकर उस बर्थ पर सम्मान के साथ सोने के लिए कहा। वीडियो में आगे देखा जा सकता है कि टीटीई खुद उन जवानों को सीट तक ले जाता है और उन्हें वहां सुला देता है। यह नजारा वहां मौजूद अन्य यात्रियों ने भी देखा और किसी ने इसे अपने कैमरे में कैद कर लिया। जिस तरह से टीटीई ने वर्दी का मान रखा और जवानों की थकान को समझा, उसने सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।
इंटरनेट पर छाया टीटीई का वीडियो
यह दिल छू लेने वाला वीडियो अब इंटरनेट पर हर तरफ छाया हुआ है. हालांकि, अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि यह वीडियो असल में किस तारीख का है और यह किस ट्रेन की घटना है. इसके बावजूद, लोग इस बात से बेहद खुश हैं कि आज भी समाज में ऐसे लोग मौजूद हैं जो दूसरों की तकलीफ को समझते हैं. वीडियो को देखने के बाद लोग इसे खूब शेयर कर रहे हैं और टीटीई के इस नेक काम की प्रशंसा कर रहे हैं. लोगों का कहना है कि यह वीडियो बताता है कि इंसानियत और सम्मान से बड़ा कोई धर्म नहीं होता.
यूजर्स कर रहे हैं जमकर तारीफ
सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर यूजर्स टीटीई की तारीफों के पुल बांध रहे हैं. कोई उन्हें 'असली हीरो' बता रहा है, तो कोई कह रहा है कि रेलवे के हर कर्मचारी को इसी तरह संवेदनशील होना चाहिए. यूजर्स का मानना है कि जो जवान देश की सुरक्षा के लिए दिन-रात एक कर देते हैं, उन्हें इस तरह का सम्मान मिलना ही चाहिए. टीटीई ने जिस सहजता और प्यार से जवानों की मदद की, उसने साबित कर दिया कि एक छोटा सा नेक काम भी करोड़ों लोगों के चेहरों पर मुस्कान ला सकता है और समाज में एक अच्छा संदेश दे सकता है.
ट्रेन में कंफर्म सीट नहीं था तो CRPF के जवान शौचालय के दरवाजे के पास सो कर जा रहे थे तभी टीटी आते है और उन्हें सीट उपलब्ध कराते हैं। pic.twitter.com/mzaUWXla8a
— छपरा जिला ???????? (@ChapraZila) March 31, 2026
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