Responsive Scrollable Menu

अमेरिका-इजरायल की मदद करने वाले ईरानी नागरिकों को मिलेगी मौत की सजा, दो पर कसा शिकंजा

तेहरान, 31 मार्च (आईएएनएस)। अमेरिका के साथ जारी संघर्ष के बीच ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर किसी ने भी यूएस-इजरायल को तस्वीरें या किसी भी तरह की जानकारी भेजी तो उसे मौत की सजा दी जाएगी। ईरान की न्यायपालिका के प्रवक्ता असगर जहांगीर ने यह जानकारी दी है।

असगर जहांगीर ने कहा, अमेरिका या इजरायल को कोई भी जानकारी देने पर मौत की सजा हो सकती है।

अमेरिका ने अपने ताजा हमले में ईरान के तेल भंडार को निशाना बनाया। इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हमले के वीडियो को भी साझा किया। इसके बाद ही ईरान की तरफ से यह फैसला सामने आया है।

जहांगीर ने ईरानी मीडिया में सामने आए एक बयान में कहा कि पिछले अक्टूबर में पास हुए एक बेहतर जासूसी कानून के तहत, दुश्मन सरकारों (अमेरिका और इजरायल) को कोई फोटो या वीडियो भेजने पर सारा सामान जब्त करने और मौत की सजा हो सकती है।

जहांगीर ने कहा, “जब तबाही वाले क्षेत्र की फोटो ली जाती है, तो दुश्मन को बताया जाता है कि टारगेट सही जगह पर है। ऐसी जानकारी देना दुश्मन के साथ इंटेलिजेंस में सहयोग करने जैसा ही है।”

ईरान के अधिकारियों ने पहले अमेरिका और इजरायल को जानकारी भेजने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया था। इसके साथ ही इस मामले में ईरानी सरकार ने कार्रवाई करते हुए दो अन्य लोगों को मौत के घाट उतार दिए। इन पर कथित तौर पर देशविरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप थे।

तस्नीम न्यूज एजेंसी के मुताबिक, उत्तर-पश्चिमी ईरान में सुरक्षा बल ने दो लोगों को गिरफ्तार किया। इन पर अमेरिका-इजरायली जासूसी सर्विस को संवेदनशील जगहों की जानकारी भेजने के आरोप लगाए गए।

तस्नीम न्यूज एजेंसी ने बताया कि दोनों ने कथित तौर पर सुरक्षित जगहों की जानकारी देने के बदले क्रिप्टोकरेंसी ली थी। उन्होंने बताया कि उन्हें पूर्वी अजरबैजान प्रांत के ओस्कू इलाके से हिरासत में लिया गया और न्यायिक अधिकारियों को सौंप दिया गया।

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने इस हफ्ते की शुरुआत में देश में पैरामिलिट्री इराकी फोर्स के काफिले का स्वागत करने के बाद इराक के लोगों का शुक्रिया अदा किया है। पेजेश्कियन ने एक्स पर लिखा, “इराकी मुस्लिम लोग इस गलत लड़ाई में ईरान के साथ बहादुरी से खड़े रहे। यह रवैया जगह की मजबूरी की वजह से नहीं, बल्कि इतिहास, पहचान और साझा धार्मिक मूल्यों की वजह से है। मैं इराकी लोगों, अधिकारियों और लड़ाकों से दिल से हाथ मिलाता हूं।”

--आईएएनएस

केके/एबीएम

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

Continue reading on the app

टोल प्लाजा पर अब नहीं चलेगा कैश, एक अप्रैल से केवल डिजिटल माध्यम से भुगतान होगा मान्य

नई दिल्ली, 31 मार्च (आईएएनएस)। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने टोल से जुड़े नियमों में बदलाव किया है और अब एक अप्रैल से टोल प्लाजा पर डिजिटल भुगतान ही मान्य होगा, यानी अब हाइवे यूजर्स कैश में टोल का भुगतान नहीं कर पाएंगे।

एनएचएआई का यह कदम पूरे देश में उसके सभी टोल प्लाजा पर लागू होगा।

एनएचएआई के मुताबिक, एक अप्रैल से यात्री केवल टोल प्लाजा पर डिजिटल माध्यम जैसे फास्टैग और यूपीआई के माध्यम से भुगतान कर पाएंगे।

इस कदम का उद्देश्य राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे पर टोल वसूली में दक्षता बढ़ाना और पारदर्शिता लाना है।

अधिकारियों का मानना ​​है कि पूरी तरह से डिजिटल प्रणाली से वाहनों को टोल प्लाजा से तेजी से गुजरने में मदद मिलेगी, जिससे लंबी कतारें कम होंगी और यात्रा का समय बचेगा।

कैश लेन को हटाने से अधिकारियों को उम्मीद है कि यातायात खासकर व्यस्त समय में सुचारू रूप से चलेगा।

टोल बूथों पर तेजी से प्रोसेसिंग से ईंधन की खपत और वाहन उत्सर्जन में भी कमी आने की संभावना है, जिससे स्वच्छ पर्यावरण में योगदान मिलेगा।

हालांकि, इस बदलाव से कुछ यात्रियों को असुविधा हो सकती है, खासकर उन लोगों को जो डिजिटल भुगतान के लिए तैयार नहीं हैं।

वैध फास्टैग या पर्याप्त बैलेंस न होने पर वाहनों पर जुर्माना लग सकता है या उन्हें टोल प्लाजा पर रोका भी जा सकता है।

ऐसे मामलों में, यात्रियों के पास टोल बूथों पर उपलब्ध क्यूआर कोड को स्कैन करके यूपीआई के माध्यम से तुरंत भुगतान करने का विकल्प होगा।

लेकिन अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि नेटवर्क संबंधी समस्याओं के कारण कभी-कभी ये लेनदेन प्रभावित हो सकते हैं, जिससे देरी हो सकती है।

बाधाओं से बचने के लिए, यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी यात्रा शुरू करने से पहले सुनिश्चित करें कि उनका फास्टैग सक्रिय है, उनके बैंक खाते से ठीक से जुड़ा हुआ है और उसमें पर्याप्त शेष राशि है।

अपने स्मार्टफोन में बैकअप के रूप में एक चालू यूपीआई ऐप रखने की सलाह भी दी गई है।

यह बदलाव भारत के डिजिटल अवसंरचना की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे राजमार्ग यात्रा तेज, सुगम और अधिक कुशल बनेगी।

--आईएएनएस

एबीएस/

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

Continue reading on the app

  Sports

MPL की नीलामी में आशुतोष शर्मा बने सबसे महंगे खिलाड़ी, 15 लाख में इस टीम ने खरीदा, अक्षत रघुवंशी पर भी लगी बड़ी बोली

मध्य प्रदेश प्रीमियर लीग (MPL) की नीलामी इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में चल रही है। दरअसल इस नीलामी ने मध्य प्रदेश के क्रिकेट जगत में हलचल मचा दी है। बता दें कि मंगलवार को हुई बोली में आशुतोष शर्मा 15 लाख रुपए में बिककर सबसे महंगे खिलाड़ी बन गए हैं। दरअसल मालवा स्टेलियंस ने … Tue, 31 Mar 2026 19:59:09 GMT

  Videos
See all

Halla Bol: Pramit Makode बोले - America का जबरदस्त अपरहैंड, युद्ध का असर NATO पर | US Iran War #tmktech #vivo #v29pro
2026-03-31T14:31:51+00:00

Atiq Ahmed का क्या Pakistan की ISI से था कनेक्शन? देखिए Manoj Ranjan Tripathi का धमाकेदार Interview #tmktech #vivo #v29pro
2026-03-31T14:35:20+00:00

IPS KK Bishnoi and IPS Anshika Verma की शादी में ये रस्म हुआ वायरल | #viralvideo #shorts #tmktech #vivo #v29pro
2026-03-31T14:31:27+00:00

Nalanda Temple Stampede: नालंदा भगदड़ हादसे पर क्या बोलीं मैथिली? #shorts #ytshorts #maithilithakur #tmktech #vivo #v29pro
2026-03-31T14:34:13+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers