दलाई लामा की अपील, 'मिडिल ईस्ट, रूस और यूक्रेन में खत्म हो संघर्ष'
धर्मशाला, 31 मार्च (आईएएनएस)। बौद्ध धर्मगुरु दलाई लामा ने मिडिल ईस्ट के साथ-साथ रूस और यूक्रेन में भी शांति की अपील की है। उन्होंने कहा कि हिंसा से समस्या का समाधान नहीं निकलता संवाद से मामले सुलझाए जा सकते हैं।
दलाई लामा के आधिकारिक एक्स अकाउंट से ये खत साझा किया गया है, जिसमें 90 साल के धार्मिक गुरु ने पोप लियो चौदहवें की शांति अपील का समर्थन किया है।
सर्वोच्च तिब्बती धर्म गुरु ने कहा, मैं दिल से होली फादर पोप लियो की पाम संडे के दिन की गई शांति अपील का समर्थन करता हूं। हथियार डालने और हिंसा छोड़ने की उनकी गुजारिश मेरे दिल को छू गई, क्योंकि यह सभी बड़े धर्मों की शिक्षाओं का सार बताती है।
सभी धर्म के सार को आगे समझाते हुए उन्होंने कहा कि असल में, चाहे हम ईसाई धर्म, बौद्ध धर्म, इस्लाम, हिंदू धर्म, यहूदी धर्म या दुनिया की किसी भी महान आध्यात्मिक परंपरा को देखें, संदेश असल में एक ही है: प्यार, दया, सहनशीलता और आत्म-संयम। इनमें से किसी में भी हिंसा को कोई जगह नहीं दी गई है। इतिहास ने हमें बार-बार दिखाया है कि हिंसा से सिर्फ और ज्यादा हिंसा ही पैदा होती है और यह कभी भी शांति की पक्की नींव नहीं होती।
नोबेल शांति पुरस्कार विजेता ने आगे कहा, मिडिल ईस्ट या रूस और यूक्रेन के बीच जारी संघर्ष का समाधान संवाद, कूटनीति और आपसी सम्मान पर आधारित होना चाहिए—इस समझ के साथ कि, हम सब भाई-बहन हैं (मानव परिवार का हिस्सा हैं)।
शांति अपील करते हुए उन्होंने अंत में कहा, मैं अनुरोध करता हूं और प्रार्थना करता हूं कि हिंसा और संघर्ष पर जल्द ही विराम लगाया जाए।
बता दें कि वेटिकन में पाम संडे मास के दौरान पोप लियो चौदहवें ने ईरान संघर्ष तुरंत खत्म करने की अपील करते हुए बाइबल को कोट किया था। उन्होंने बाइबल के एक अंश का हवाला देते हुए कहा, यीशु उन लोगों की प्रार्थनाएं नहीं सुनते जो युद्ध छेड़ते हैं, बल्कि उन्हें अस्वीकार कर देते हैं, यह कहते हुए कि भले ही तुम कितनी भी प्रार्थनाएं करो, मैं नहीं सुनूंगा: तुम्हारे हाथ खून से सने हैं।
--आईएएनएस
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सीएम योगी का यूपी के किसानों को तोहफा, इन फसलों के लिए घोषित की MSP; जानें क्या हैं नए रेट
UP News: यूपी की योगी सरकार ने मंगलवार को रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए दलहन और तिलहन की फसलों की सरकारी खरीद की कार्ययोजना जारी कर दी है. उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने लखनऊ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इन फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) और खरीद लक्ष्यों के बारे में जानकारी दी. बता दें कि इस बार योगी सरकार ने दालों और तिलहन के दामों में उल्लेखनीय वृद्धि की घोषणा की है. जिसे राज्य सरकार ने किसानों के लिए एक 'सुरक्षा कवच' करार दिया है.
जानें किस फसल पर कितनी मिलेगी एमएसपी
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान यूपी के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने बताया कि, केंद्र सरकार के सहयोग से इस वर्ष एमएसपी दरों में वृद्धि की गई है. उन्होंने बताया कि इस बार चने का समर्थन मूल्य 5875 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 225 रुपये ज्यादा है. जबकि मसूर पर एमएसपी को 300 रुपये बढ़ाया गया है और उसके बाद ये बढ़कर 7000 रुपये प्रति क्विंटल हो गई है. जबकि सरसों पर एमएसपी में 250 रुपये की वृद्धि की गई है. अब ये बड़कर 6200 रुपये प्रति क्विंटल पर पहुंच गई है. वहीं योगी सरकार ने अरहर के लिए किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य 8000 रुपये प्रति क्विंटल करने का एलान किया है.
कब शुरू होगी फसलों की खरीद
इसके साथ ही राज्य सरकार ने इस वर्ष रबी फसलों की खरीद की अवधि भी बताई है. सरकार ने इस बार रबी फसलों की खरीद का वक्त 2 अप्रैल 2026 से 30 जून 2026 तक तय किया है. यानी किसान अपनी इन फसलों को 90 दिनों तक सरकारी आढ़त पर बेच सकेंगे. सरकार ने इस बार खरीद के बड़े लक्ष्य निर्धारित किए हैं. जिसमें मसूर की 6.77 लाख मीट्रिक टन यानी कुल उत्पादन का 100 प्रतिशत खरीद का लक्ष्य रखा है. वहीं सरसों की खरीद का 5.30 लाख मीट्रिक टन, चना 2.24 लाख मीट्रिक टन और अरहर 1.14 लाख मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य रखा है.
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