अफगानिस्तान में भारी बारिश और बाढ़ से 28 की मौत, 49 लोग घायल
काबुल, 30 मार्च (आईएएनएस)। अफगानिस्तान के कई प्रांतों में 26 फरवरी से जारी भारी बारिश, बाढ़ और बिजली गिरने के कारण लगभग 28 लोगों की मौत हो गई है। वहीं, 49 लोग घायल हुए हैं। यह जानकारी आपदा तैयारी प्राधिकरण के प्रवक्ता मोहम्मद यूसुफ हमाद ने सोमवार को दी।
अफगानिस्तान की टोलो न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, यूसुफ हमद बताया कि प्रभावित प्रांतों में कंधार, हिलमंड, हेरात, घोर, काबुल, कपिसा, परवान, पंजशीर, जौज़जान, फरयाब, बदख़्शान, बाम्यान, दैकुंडी, पक्तिया, पक्तिका, लोगर, ज़ाबुल, बल्ख़, बदघीस, समंगान, बघलान, तख़ार, लघमन और नंगरहार शामिल हैं।
बाढ़ के प्रभाव के कारण लगभग 568 घर और दस दुकानें नष्ट हो गईं हैं, जबकि 93 किमी सड़कें क्षतिग्रस्त हुईं और लगभग 244 मवेशी खो गए। 1,130 परिवार इन बारिशों से प्रभावित हुए हैं।
यूसुफ हमद ने बताया कि आपदा तैयारी प्राधिकरण ने प्रभावित निवासियों को सहायता, खाद्य सामग्री और अन्य मदद भेजी है। अधिकारियों ने निवासियों से अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने और नदियों और बाढ़-प्रवण क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी है।
जनवरी में भी अफगानिस्तान के कई प्रांतों में बारिश के बाद कम से कम 11 लोग मारे गए और तीन अन्य घायल हुए थे।
आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के प्रवक्ता के अनुसार, प्रांतीय अधिकारियों की प्रारंभिक रिपोर्टों में बताया गया कि गंभीर मौसम ने परवान, वार्दक, दक्षिणी कंधार, उत्तर जौज़जान, फरयाब और मध्य बाम्यान के निवासियों को प्रभावित किया था।
टोलो न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले साल अक्टूबर में प्राधिकरण ने कहा था कि हाल की बारिश और अचानक आई बाढ़ के कारण तीन प्रांतों काबुल, लगमान और कपिसा में 721 परिवार प्रभावित हुए थे।
प्राधिकरण के प्रवक्ता हमद ने कहा कि कई आवासीय घर पूरी तरह या आंशिक रूप से नष्ट हो गए हैं। 1,000 एकड़ से अधिक कृषि भूमि बह गई है और फल उत्पादक किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा।
--आईएएनएस
एवाई/एबीएम
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
महाराष्ट्र में अवैध अप्रवासियों और ड्रग्स के खिलाफ एआई उपकरणों का इस्तेमाल: सीएम फडणवीस
मुंबई, 30 मार्च (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को अवैध बांग्लादेशी अप्रवासियों का पता लगाने के लिए डेटा-आधारित उपकरणों और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) तकनीक का उपयोग करने की योजना की घोषणा की।
उन्होंने विशेष रूप से इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (आईआईटी) जैसे संस्थानों के साथ पार्टनरशिप का उल्लेख किया, ताकि एक कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) उपकरण विकसित किया जा सके और अधिकारियों को वैध निवासियों और शहर में वैध दस्तावेजों के बिना रहने वालों के बीच अंतर करने में मदद कर सके। परीक्षण पूरा होने के बाद इन उपकरणों को तैनात किया जाएगा।
इसके अलावा, मुख्यमंत्री फडणवीस ने मादक पदार्थों के खिलाफ मेजर वॉर की घोषणा की, जिसमें विशेष रूप से शिक्षण संस्थानों पर ध्यान केंद्रित किया गया है। राज्य के पुलिस महानिदेशक महाराष्ट्र भर के परिसरों को अवैध पदार्थों से मुक्त रखने के लिए एक नई रणनीति विकसित कर रहे हैं।
गृह विभाग भी संभाल रहे मुख्यमंत्री फडणवीस मुंबई में आयोजित द्विवार्षिक राज्य पुलिस अधिकारियों के सम्मेलन की अध्यक्षता करने के बाद पत्रकारों से बात कर रहे थे।
उन्होंने राज्य की सुरक्षा के लिए एक व्यापक कार्यसूची प्रस्तुत की, जिसमें नक्सलवाद का खात्मा, पुलिस व्यवस्था में एआई का समावेश और मादक पदार्थों की तस्करी पर कड़ी कार्रवाई पर जोर दिया गया है।
उन्होंने पूर्णतः डिजिटल कानूनी प्रक्रिया के लिए सरकार के प्रयासों की घोषणा की और पुलिस महानिदेशक को प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करने से लेकर आरोप पत्र दाखिल करने तक की पूरी प्रक्रिया को डिजिटल करने के लिए छह महीने की समय सीमा दी। साक्ष्यों की सत्यता सुनिश्चित करने के लिए ब्लॉकचेन तकनीक का उपयोग किया जाएगा।
आपराधिक जांच विभाग को पिछले चार से पांच वर्षों के उन मामलों का विश्लेषण करने का कार्य सौंपा गया है जिनमें दोषसिद्धि नहीं हुई है। उन्होंने आगे कहा कि इसका उद्देश्य खामियों की पहचान करना और राज्य की दोषसिद्धि दर को वर्तमान 50 प्रतिशत से बढ़ाकर 95 प्रतिशत के लक्ष्य तक पहुंचाना है।
मुख्यमंत्री ने राज्य से नक्सलवाद को लगभग पूरी तरह से समाप्त करने में महाराष्ट्र पुलिस के निरंतर प्रयासों की सराहना की। उन्होंने इस संघर्ष में अपनी जान गंवाने वाले 244 पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
--आईएएनएस
एमएस/
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