Responsive Scrollable Menu

नीतीश कुमार के इस्तीफे से मची हलचल, जानें क्यों चर्चा का विषय बन गया उनका लेटर?

बिहार की राजनीति में एक अहम मोड़ उस समय आया जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विधान परिषद (एमएलसी) की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया. करीब 20 साल तक इस पद पर रहने के बाद उन्होंने 30 मार्च 2026 से अपना त्यागपत्र सभापति को सौंप दिया. नीतीश कुमार के इस्तीफे के साथ ही बिहार की सियासत में एक बार फिर हलचलें तेज हो गईं. जी हां प्रदेश में अब नए मुख्यमंत्री के नाम पर सस्पेंस बना हुआ है.

हालांकि ये फॉर्मूला माना जा रहा है कि अगली सीएम बीजेपी से होगा और दो जेडीयू के डिप्टी सीएम हो सकते हैं. लेकिन इन सबके बीच नीतीश कुमार का राज्यसभा जाने का रास्ता साफ होने के बाद यह कदम पहले से ही तय माना जा रहा था, लेकिन उनके इस्तीफे का तरीका अब चर्चा का विषय बन गया है. 

एक लाइन का इस्तीफा बना चर्चा का केंद्र

खास बात यह है कि नीतीश कुमार ने 20 साल के विधायकी के जीवन को सिर्फ एक लाइन के इस्तीफे में समाप्त कर दिया. नीतीश कुमार ने अपना इस्तीफा सिर्फ एक लाइन में लिखा- “मैं इसके द्वारा तिथि 30 मार्च 2026 से सदन से अपने स्थान का त्याग करता हूं.”

इतने लंबे राजनीतिक अनुभव वाले नेता का इतना छोटा और सीधा इस्तीफा लोगों के बीच तेजी से वायरल हो रहा है. सोशल मीडिया पर इसे लेकर कई तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं, जहां लोग इसकी सादगी और औपचारिकता दोनों पर चर्चा कर रहे हैं.

नियम क्या कहते हैं?

दरअसल, यह कोई असामान्य बात नहीं है. बिहार विधानसभा और विधान परिषद के नियमों के अनुसार, किसी भी सदस्य को इस्तीफा देते समय एक तय प्रारूप का पालन करना होता है.

- इस्तीफा अपने हाथ से लिखा होना चाहिए
- इसे सीधे सभापति या अध्यक्ष के नाम संबोधित किया जाता है
- इसमें कोई कारण लिखना जरूरी नहीं होता
- केवल पद छोड़ने की घोषणा पर्याप्त मानी जाती है

अगर कोई सदस्य इस्तीफे में कारण लिख भी देता है, तो उसे सदन में पढ़ा नहीं जाता. यही वजह है कि ज्यादातर इस्तीफे इसी तरह छोटे और औपचारिक होते हैं.

आगे क्या होगा?

इस्तीफा स्वीकार होने के बाद इसकी जानकारी बिहार गजट में प्रकाशित की जाएगी और चुनाव आयोग को भी सूचित किया जाएगा। इसके बाद संबंधित सीट पर आगे की प्रक्रिया शुरू होगी.

नीतीश कुमार अब केवल मुख्यमंत्री के पद पर बने रहेंगे, लेकिन जैसे ही वे राज्यसभा के सदस्य के रूप में शपथ लेंगे, उन्हें संवैधानिक नियमों के तहत एक पद छोड़ना होगा.

अगला सीएम कौन?

नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर वे भविष्य में मुख्यमंत्री पद भी छोड़ते हैं, तो बिहार की कमान किसके हाथ में जाएगी. इस पर फैसला जनता दल (यूनाइटेड) और भारतीय जनता पार्टी के गठबंधन को मिलकर करना होगा.

हालांकि अभी इस पर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन राजनीतिक हलकों में अटकलों का दौर तेज हो गया है.

सियासी संकेत क्या हैं?

राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, यह कदम सिर्फ एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि बिहार की राजनीति में संभावित बदलावों का संकेत भी हो सकता है.

कुल मिलाकर, नीतीश कुमार का एक लाइन का इस्तीफा भले ही नियमों के तहत हो, लेकिन इसके पीछे की सियासी कहानी आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति की दिशा तय कर सकती है. 

यह भी पढ़ें - Nitish Kumar Resign: सीएम नीतीश कुमार ने विधान परिषद और BJP अध्यक्ष नितिन नबीन ने MLA पद से दिया इस्तीफा

Continue reading on the app

CM Yogi ने क्यों कहा- मैं आस्था में विश्वास रखता हूं, कुर्सी तो एक दिन जाएगी !

नोएडा जाने से मना करने पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, भाई मेरा तो कपड़ा जो है ऐसा है लोग मुझे यह मानेंगे कि मैं अंधविश्वास को मानूंगा. मैं आस्था में विश्वास करता हूं. सबकी आस्था का भी सम्मान करता हूं. मैं आस्था में विश्वास करता हूं. सबकी आस्था का भी सम्मान करता हूं. मुझे बोला गया था कि नोएडा नहीं जाना है. मैंने कहा क्यों? कहा वहां सीएम नहीं जाते. कहा नहीं साहब यह मान्यता है कि सीएम उतर जाएंगे कुर्सी से. तो हमने कहा कुर्सी से तो एक दिन कुर्सी को जाना ही है. तो कुर्सी के मोह में हम क्यों पड़े? भाई मेरा तो कपड़ा जो है ऐसा है लोग मुझे मानेंगे कि मैं अंधविश्वास को मानूंगा. मैं आस्था में विश्वास करता हूं.

सबकी आस्था का भी सम्मान  करता हूं. लेकिन अंधविश्वास को कतई नहीं मानता. साल पहले लोगों ने अपनी पूरे जीवन भर की कमाई बिल्डर को दे दी मकान के लिए फ्लैट देने के लिए और बिल्डर पैसा दबाए बैठा है. पैसा नहीं दे रहा है. वो मकान नहीं दे रहा है. कब्जा नहीं दे रहा है. बड़ी हाई राइज बिल्डिंग खंडर के रूप में बदल रही हैं. मैंने बैठक की अथॉरिटी की नोएडा अथॉरिटी ग्रेटर नोएडा थे तो ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी नोएडा अथॉरिटी मेरे पास आया उसके सीओ आए कहा साहब हम पर 6000 करोड़ का कर्जा है.

दूसरी अथॉरिटी से मैंने कहा उसने कहा साहब हम पर 3000 करोड़ का कर्जा है. तो मैंने कहा यार मैं कहां फंस गया हूं? वो तो सब भीखमंगे हैं. अब इन भीखमंगों से मैं बोलूं कि तुम इन 4 लाख लोगों को मकान दो तो मैं फंस गया वहां पर. हमें मकान नहीं मिला है. हम बैंक से कर्जा भर रहे हैं. बैंक का कर्जा बढ़ता जा रहा है. मैं बिल्डर के साथ मिला तो बिल्डर अलग से रोए. कहते हैं साहब हमने पैसा लगाया लेकिन उस समय की सरकारों ने हमें पूरी तरह निचोड़ दिया है. हमारी सामर्थ्य नहीं है. मैंने कहा सामर्थ्य हो ना हो इन गरीबों को मकान तो देना ही पड़ेगा आपको. इन 4 लाख लोगों को मकान देना पड़ेगा. 

Continue reading on the app

  Sports

ICC T20I Rankings: अभिषेक-ईशान टॉप-2 में, नए नवेले बैटर की बड़ी छलांग; टॉप-100 के बाहर से 39वें स्थान पर

ICC T20I Rankings: आईसीसी की ताजा जारी टी20 रैंकिंग में भारतीय खिलाड़ियों का दबदबा साफ नजर आ रहा। बल्लेबाजों की रैंकिंग में अभिषेक शर्मा और ईशान शर्मा पहले दो स्थान पर काबिज हैं। इसके अलावा इंग्लैंड के अनुभवी खिलाड़ी जॉस बटलर एक स्थान ऊपर चढ़कर आठवें नंबर पर पहुंच गए हैं जबकि न्यूजीलैंड के टिम सिफर्ट नौवें स्थान पर खिसक गए हैं।

सबसे बड़ी छलांग दक्षिण अफ्रीका के युवा बल्लेबाज कॉनर एस्टरहुइजन ने लगाई है। हाल ही में न्यूज़ीलैंड के खिलाफ सीरीज में शानदार प्रदर्शन के दम पर वो टॉप-100 के बाहर से सीधे 39वें स्थान पर पहुंच गए। 

24 साल के एस्टरहुइजन ने साउथ अफ्रीका के लिए अपने इंटरनेशनल करियर की शुरुआत करते ही कमाल कर दिया। न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में उन्होंने कुल 200 रन ठोके थे और वो प्लेयर ऑफ द सीरीज चुने गए थे। खास बात यह रही कि उन्होंने सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाए, जो किसी भी दूसरे खिलाड़ी से लगभग दोगुने थे।

इस शानदार प्रदर्शन की बदौलत दक्षिण अफ्रीका ने सीरीज को 3-2 से अपने नाम किया था। वहीं न्यूजीलैंड के विकेटकीपर बल्लेबाज टिम रॉबिन्सन ने भी 81 रन बनाकर रैंकिंग में दो पायदान की छलांग लगाई और 32वें स्थान पर पहुंच गए।

गेंदबाजों की रैंकिंग में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है और शीर्ष पर अफगानिस्तान के स्टार स्पिनर राशिद खान कायम हैं। हालांकि दक्षिण अफ्रीका के गेंदबाजों ने भी इस सूची में अच्छा सुधार किया है।

तेज गेंदबाज गेराल्ड कोएट्जी ने 36 स्थान की छलांग लगाकर 52वें स्थान पर जगह बनाई। वहीं बार्टमैन 56वें और जॉर्ज लिंडे 62वें स्थान पर पहुंच गए हैं। 

ऑलराउंडर्स की बात करें तो जिम्बाब्वे के कप्तान सिकंदर शीर्ष पर बने हुए हैं। वहीं जेराल्ड कोएट्जी ने इस सूची में 14 स्थान की छलांग लगाकर 72वें नंबर पर जगह बनाई है।

कुल मिलाकर, इस बार की रैंकिंग में दक्षिण अफ्रीका के खिलाड़ियों का दबदबा देखने को मिला है, जिसमें एस्टरहुइजन का प्रदर्शन सबसे ज्यादा चर्चा में रहा।

Wed, 01 Apr 2026 19:06:04 +0530

  Videos
See all

Rashtravad: Bengal चुनाव से पहले TMC और Owaisi के प्रवक्ता के बीच तीखी बहस ! | Hindi Debate #tmktech #vivo #v29pro
2026-04-01T14:10:39+00:00

IPL 2026 LSG vs DC Preview: ऋषभ पंत का बल्ला या अक्षर पटेल की फिरकी का जादू | N18P | Playing11 |TOP #tmktech #vivo #v29pro
2026-04-01T14:15:11+00:00

Iran Israel America War: जी.डी. बख्शी ने जंग खत्म करने पर कही बड़ी बात! | Trump | IRGC | Middle East #tmktech #vivo #v29pro
2026-04-01T14:15:18+00:00

News Ki Pathshala | Sushant Sinha: Munir एंड कंपनी ने बनाया वो कानून कि पब्लिक कांप उठी! Pakistan #tmktech #vivo #v29pro
2026-04-01T14:07:01+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers