CM Yogi ने क्यों कहा- मैं आस्था में विश्वास रखता हूं, कुर्सी तो एक दिन जाएगी !
नोएडा जाने से मना करने पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, भाई मेरा तो कपड़ा जो है ऐसा है लोग मुझे यह मानेंगे कि मैं अंधविश्वास को मानूंगा. मैं आस्था में विश्वास करता हूं. सबकी आस्था का भी सम्मान करता हूं. मैं आस्था में विश्वास करता हूं. सबकी आस्था का भी सम्मान करता हूं. मुझे बोला गया था कि नोएडा नहीं जाना है. मैंने कहा क्यों? कहा वहां सीएम नहीं जाते. कहा नहीं साहब यह मान्यता है कि सीएम उतर जाएंगे कुर्सी से. तो हमने कहा कुर्सी से तो एक दिन कुर्सी को जाना ही है. तो कुर्सी के मोह में हम क्यों पड़े? भाई मेरा तो कपड़ा जो है ऐसा है लोग मुझे मानेंगे कि मैं अंधविश्वास को मानूंगा. मैं आस्था में विश्वास करता हूं.
सबकी आस्था का भी सम्मान करता हूं. लेकिन अंधविश्वास को कतई नहीं मानता. साल पहले लोगों ने अपनी पूरे जीवन भर की कमाई बिल्डर को दे दी मकान के लिए फ्लैट देने के लिए और बिल्डर पैसा दबाए बैठा है. पैसा नहीं दे रहा है. वो मकान नहीं दे रहा है. कब्जा नहीं दे रहा है. बड़ी हाई राइज बिल्डिंग खंडर के रूप में बदल रही हैं. मैंने बैठक की अथॉरिटी की नोएडा अथॉरिटी ग्रेटर नोएडा थे तो ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी नोएडा अथॉरिटी मेरे पास आया उसके सीओ आए कहा साहब हम पर 6000 करोड़ का कर्जा है.
दूसरी अथॉरिटी से मैंने कहा उसने कहा साहब हम पर 3000 करोड़ का कर्जा है. तो मैंने कहा यार मैं कहां फंस गया हूं? वो तो सब भीखमंगे हैं. अब इन भीखमंगों से मैं बोलूं कि तुम इन 4 लाख लोगों को मकान दो तो मैं फंस गया वहां पर. हमें मकान नहीं मिला है. हम बैंक से कर्जा भर रहे हैं. बैंक का कर्जा बढ़ता जा रहा है. मैं बिल्डर के साथ मिला तो बिल्डर अलग से रोए. कहते हैं साहब हमने पैसा लगाया लेकिन उस समय की सरकारों ने हमें पूरी तरह निचोड़ दिया है. हमारी सामर्थ्य नहीं है. मैंने कहा सामर्थ्य हो ना हो इन गरीबों को मकान तो देना ही पड़ेगा आपको. इन 4 लाख लोगों को मकान देना पड़ेगा.
Delhi-NCR Ka Mausam: दिल्ली-NCR में मौसम का यू-टर्न, तेज हवाओं के साथ कई हिस्सों में बारिश शुरू, IMD ने जारी किया येलो अलर्ट
देश की राजधानी दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों में सोमवार सुबह से ही मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आ रहा है. आसमान में घने काले बादल छाए हुए हैं और तेज ठंडी हवाएं चल रही हैं. दिल्ली-NCR के कई हिस्सों में दोपहर के वक्त हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई है, जिससे पिछले कुछ दिनों से बढ़ रही गर्मी से लोगों को बड़ी राहत मिली है. नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद जैसे सटे हुए इलाकों में भी तेज हवाओं के कारण तापमान में अचानक गिरावट आई है. मौसम विभाग के मुताबिक, यह बदलाव पाकिस्तान के ऊपर एक्टिव एक मजबूत वेस्टर्न डिस्टर्बेंस की वजह से देखने को मिल रहा है, जिसका असर अगले 24 से 48 घंटों तक जारी रह सकता है.
वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का दिख रहा है बड़ा असर
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने पहले ही इस बात का पूर्वानुमान लगाया था कि 30 मार्च को दिल्ली-NCR के साथ-साथ पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के हिस्सों में मौसम बिगड़ेगा. इस दौरान 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी हवाएं चलने और गरज के साथ छींटे पड़ने की संभावना जताई गई है. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए विभाग ने इन इलाकों के लिए येलो अलर्ट जारी कर दिया है. मौसम विभाग के मुताबिक, इस वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का असर आज पूरे दिन बना रहेगा और कल भी छिटपुट बूंदाबादी देखने को मिल सकती है, जिससे फिलहाल गर्मी के तेवर नरम बने रहेंगे.
पहाड़ों पर बर्फबारी और मैदानों में अलर्ट
उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में जहां बारिश हो रही है, वहीं पहाड़ी राज्यों में कुदरत का अलग ही रूप देखने को मिल रहा है. जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग समेत कई ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बारिश और बर्फबारी का दौर शुरू हो चुका है. कश्मीर घाटी में भारी बर्फबारी की चेतावनी को देखते हुए स्थानीय प्रशासन को भी सतर्क कर दिया गया है. इसके अलावा, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भी मौसम विभाग ने 31 मार्च तक भारी बारिश और बर्फबारी को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. इसका सीधा असर मैदानी इलाकों के तापमान पर पड़ेगा, जिससे मार्च के अंत में भी लोगों को हल्की ठंडक का अहसास हो रहा है.
आम जनजीवन और ट्रैफिक पर प्रभाव
अचानक हुई इस बारिश और तेज हवाओं की वजह से दिल्ली-NCR की सड़कों पर ट्रैफिक की रफ्तार भी कुछ धीमी पड़ी है. जलभराव और विजिबिलिटी कम होने की वजह से वाहन चालकों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है. हालांकि, प्रदूषण के स्तर में इस बारिश की वजह से काफी सुधार देखने को मिला है. मौसम विभाग ने सलाह दी है कि अगले दो दिनों तक घर से बाहर निकलते वक्त मौसम की अपडेट जरूर लें, क्योंकि तेज हवाओं और बिजली कड़कने के साथ ओलावृष्टि की भी छिटपुट संभावनाएं बनी हुई हैं. यह मौसम किसानों के लिए भी चिंता का विषय बन सकता है, क्योंकि इस वक्त कई फसलें कटाई के दौर में हैं.
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