पाकीजा शूटिंग: जब बीहड़ों में रात 2 बजे डाकुओं के बीच फंसीं मीना कुमारी, फिर जो हुआ जानकर दंग रह जाएंगे
Meena Kumari Untold Story: हिंदी सिनेमा की ट्रेजेडी क्वीन कही जाने वाली मीना कुमारी सिर्फ अपनी शानदार अदाकारी के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी रहस्यमयी और दिलचस्प जिंदगी के लिए भी याद की जाती हैं। 31 मार्च उनकी पुण्यतिथि है, और इस मौके पर उनसे जुड़ा एक ऐसा किस्सा सामने आता है, जो आज भी सुनने वालों को चौंका देता है।
बीहड़ों में फंसी ‘पाकीजा’ की टीम
यह घटना उस समय की है जब मीना कुमारी अपने पति और फिल्मकार कमाल अमरोही के साथ फिल्म ‘पाकीजा’ की शूटिंग के सिलसिले में यात्रा कर रही थीं। मध्यप्रदेश के शिवपुरी इलाके से गुजरते वक्त उनकी कार का पेट्रोल अचानक खत्म हो गया।
रात का सन्नाटा, चारों ओर बीहड़ और दूर-दूर तक कोई मदद नहीं- ऐसे में पूरी टीम ने कार में ही रात बिताने का फैसला किया। लेकिन उन्हें यह अंदाजा नहीं था कि यह इलाका उस समय डाकुओं के लिए कुख्यात था।
रात 2 बजे डाकुओं ने घेरा
करीब रात 2 बजे हथियारबंद डाकुओं का एक गिरोह वहां पहुंचा और गाड़ियों को चारों तरफ से घेर लिया। माहौल में डर और तनाव फैल गया। सभी को लगा कि अब कुछ भी हो सकता है।
लेकिन जैसे ही डाकुओं को पता चला कि गाड़ी में बैठी महिला मीना कुमारी हैं, उनका व्यवहार अचानक बदल गया।
चाकू से ऑटोग्राफ की मांग
डाकुओं के सरदार ने पूरी टीम को अपने ठिकाने पर ले जाकर खाने-पीने, आराम और सुरक्षा का इंतजाम किया। जो रात डर से भरी थी, वह अजीब तरह की मेहमाननवाजी में बदल गई। दरअसल, डाकू भी मीना कुमारी के बड़े प्रशंसक थे।
सुबह जब मीना कुमारी वहां से रवाना होने लगीं, तो डाकू सरदार ने एक अनोखी मांग रखी। उसने कहा कि वह उनका बहुत बड़ा फैन है और चाहता है कि वे उसके हाथ पर ऑटोग्राफ दें। लेकिन कागज और पेन नहीं था।
तब उसने चाकू आगे बढ़ाते हुए कहा- "आप मेरे हाथ पर चाकू से अपना नाम लिख दीजिए।"
यह सुनकर मीना कुमारी घबरा गईं, लेकिन हालात को समझते हुए उन्होंने हिम्मत दिखाई और चाकू से उसके हाथ पर अपना नाम उकेर दिया।
कौन था वो डाकू?
बाद में पता चला कि वह कोई आम डाकू नहीं, बल्कि चंबल घाटी का कुख्यात डाकू अमृतलाल था, जिसके सिर पर इनाम घोषित था।
मीना कुमारी की जिंदगी ऐसे कई अनसुने और रोमांचक किस्सों से भरी रही है। यह घटना न सिर्फ उनके साहस को दर्शाती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि उनकी लोकप्रियता कितनी गहरी थी कि डाकू भी उनके फैन थे।
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