Summer Bael Fruit Drink: गर्मियों में शरीर को रखना चाहते हैं ठंडा, तो ट्राई करें बेल का जूस, जानिए बनाने का तरीका
Summer Bael Fruit Juice: गर्मियों के मौसम में शरीर को ठंडा रखना बेहद जरूरी होता है. तेज धूप और गर्म हवाएं शरीर को कमजोर कर देती हैं. ऐसे में बेल का जूस एक प्राकृतिक और असरदार उपाय माना जाता है. यह शरीर को ठंडक देता है और लू से बचाने में मदद करता है. बेल में कई पोषक तत्व पाए जाते हैं. इसमें विटामिन, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. यह पेट के लिए भी बहुत फायदेमंद होता है. चलिए हम आपको बताते हैं बेल का जूस पीने के फायदे और बनाने के तरीके के बारे में.
बेल का जूस पीने के फायदे (Bael Juice Benefits In Hindi)
शरीर को रखे ठंडा
अगर आप गर्मी में अपने शरीर को ठंडा रखना चाहते हैं तो बेल की जूस पी सकते हैं. बेल की तासीर ठंडी होती है. इसका जूस पीने से शरीर का तापमान संतुलित रहता है.
पाचन तंत्र को बनाए मजबूत
इसके अलावा अगर आपको कब्ज या गैस की समस्या है, तो बेल का जूस आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है. यह पेट को साफ रखने में मदद करता है.
लू से बचाव
गर्मी में लू लगने का खतरा बढ़ जाता है. बेल का जूस शरीर को अंदर से ठंडा रखता है और लू से बचाता है.
इम्यूनिटी बढ़ाए
वहीं आप इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए भी बेल का जूस पी सकते हैं. इसमें मौजूद पोषक तत्व शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करते हैं.
घर पर बेल का जूस कैसे बनाएं?
सामग्री
- 1 पका हुआ बेल
- 3 से 4 गिलास ठंडा पानी
- 2से 3 चम्मच चीनी या गुड़ (स्वाद अनुसार)
- एक चुटकी काला नमक
- बर्फ के टुकड़े
बेल का जूस बनाने की रेसिपी
सबसे पहले बेल को तोड़कर उसका गूदा निकाल लें. इस गूदे को एक बर्तन में डालें. इसमें पानी मिलाकर अच्छी तरह से मसल लें. अब इस मिश्रण को छान लें ताकि बीज और रेशे अलग हो जाएं. छाने हुए जूस में चीनी या गुड़ मिलाएं. आप चाहें तो स्वाद के लिए काला नमक डाल सकते हैं. इसमें बर्फ डालकर घर पर आए महमान को ठंडा-ठंडा सर्व करें.
जूस पीने का सही समय
बेल का जूस सुबह या दोपहर में पीना सबसे अच्छा होता है. खाली पेट भी इसे पिया जा सकता है. इससे शरीर को तुरंत ऊर्जा मिलती है. ध्यान रखें कि हमेशा पका हुआ बेल ही इस्तेमाल करें. जूस को ज्यादा देर तक स्टोर न करें. ताजा ही पिएं. अगर आपको डायबिटीज है, तो चीनी कम डालें या बिना मीठा मिलाए पिएं.
बेल का जूस गर्मियों के लिए एक बेहतरीन और प्राकृतिक ड्रिंक है. यह शरीर को ठंडा रखता है और कई स्वास्थ्य लाभ देता है. इसकी खास बात यह है कि इसे घर पर आसानी से बनाया जा सकता है. अगर आप गर्मी से राहत चाहते हैं, तो इस सीजन बेल का जूस जरूर ट्राई करें. यह स्वाद और सेहत दोनों का सही मेल है.
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सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों के चार्जिंग इकोसिस्टम को बढ़ावा देने के लिए लॉन्च किया 'लीफ'
नई दिल्ली, 30 मार्च (आईएएनएस)। केंद्र सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) के चार्जिंग इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। भारी उद्योग मंत्री एच. डी. कुमारस्वामी ने सोमवार को लीफ यानी लाइट इलेक्ट्रिक-व्हीकल एक्सेलेरेशन फोरम (एलईएएफ) लॉन्च किया, जो एक इंडस्ट्री-नेतृत्व वाला मंच है।
यह फोरम एक निष्पक्ष प्लेटफॉर्म के रूप में बनाया गया है, जहां लाइट इलेक्ट्रिक वाहन (एलईवी) सेक्टर से जुड़े सभी स्टेकहोल्डर्स, जैसे वाहन निर्माता (ओईएम), चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर ऑपरेटर, कंपोनेंट निर्माता और टेक्नोलॉजी प्रदाता, एक साथ काम कर सकें।
यह फोरम सरकार, रेगुलेटरी संस्थाओं और इंडस्ट्री संगठनों के साथ मिलकर ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास को बढ़ावा देगा और देश में इलेक्ट्रिक दोपहिया और तिपहिया वाहनों को अपनाने में तेजी लाएगा।
मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि यह पहल इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के विकास को तेज करेगी और बेहतर इंटरऑपरेबिलिटी, भरोसेमंद सिस्टम और विस्तृत चार्जिंग नेटवर्क के जरिए ईवी इकोसिस्टम को मजबूत बनाएगी।
उन्होंने कहा कि यह कदम आत्मनिर्भर भारत के विजन के अनुरूप है और इससे सतत (सस्टेनेबल) मोबिलिटी को बढ़ावा मिलेगा, साथ ही कार्बन उत्सर्जन को कम करने में भी मदद मिलेगी।
कुमारस्वामी ने यह भी कहा कि एक मजबूत और प्रतिस्पर्धी ईवी इकोसिस्टम बनाने के लिए सरकार और उद्योग के बीच बेहतर सहयोग बेहद जरूरी है।
इस पहल का मकसद चार्जिंग नेटवर्क के बीच बेहतर तालमेल (इंटरऑपरेबिलिटी) बनाना, सिस्टम की विश्वसनीयता बढ़ाना और यूजर्स को एक समान अनुभव देना है, साथ ही सार्वजनिक चार्जिंग सुविधाओं का विस्तार करना भी है।
इसके तहत लाइट इलेक्ट्रिक कंबाइंड चार्जिंग सिस्टम (एलईसीसीएस) जैसे कदम उठाए जा रहे हैं, जिसे भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) ने मंजूरी दी है। यह सिस्टम एक यूनिफाइड कनेक्टर के जरिए स्लो और फास्ट दोनों तरह की चार्जिंग को सपोर्ट करेगा।
यह फोरम अब तक ईवी सेक्टर की 20 से ज्यादा कंपनियों को जोड़ चुका है, जिनमें वाहन निर्माता, चार्जिंग ऑपरेटर, सप्लायर्स और सॉफ्टवेयर कंपनियां शामिल हैं। आने वाले समय में इसमें और संगठनों के जुड़ने की उम्मीद है।
इंडस्ट्री विशेषज्ञों का कहना है कि देश में ईवी अपनाने की रफ्तार बढ़ रही है, ऐसे में चार्जिंग नेटवर्क की असमानता और यूजर अनुभव में अंतर जैसी चुनौतियों को दूर करना जरूरी होगा।
उन्होंने यह भी कहा कि बेहतर इंटरऑपरेबिलिटी और मजबूत सार्वजनिक चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर ही देश में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को तेजी से आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगा।
--आईएएनएस
डीबीपी
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