Responsive Scrollable Menu

‘प्रदर्शन में शामिल होना मेरी नौकरी है क्या?’: संसद मार्च में ‘कॉकरोचों’ को अकेला छोड़ बर्गर खाने गए CJP के विजेता दहिया, सवाल उठे तो भड़ककर दिया जवाब

संसद मार्च पर कॉकरोच प्रदर्शनकारियों को अकेला छोड़कर बर्गर खाने वाले CJP के प्रवक्ता विजेता दहिया ने कहा, "विरोध-प्रदर्शन में शामिल होना मेरी नौकरी है क्या? आप लोगों ने मुझे नहीं चुना है।"

Continue reading on the app

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश: कार और बाइक के इंश्योरेंस से जुड़े नियम बदले, जानें आप पर क्या असर होगा?

सड़क दुर्घटनाओं में पीड़ितों को समय पर मुआवजा दिलाने और बिना बीमा वाले वाहनों की संख्या कम करने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया। शीर्ष अदालत ने निर्देश दिया है कि अब नई कार खरीदने पर 4 और नए दोपहिया वाहन पर 6 साल का थर्ड पार्टी मोटर इंश्योरेंस (Third-Party Insurance) लेना अनिवार्य होगा।

अदालत ने बीमा नियामक आईआरडीए को इस संबंध में तुरंत आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने के लिए कहा है।

पहले क्या था और अब क्या बदला?
अभी तक नई कारों के लिए 3 साल और नए दोपहिया वाहनों के लिए 5 साल का थर्ड पार्टी इंश्योरेंस अनिवार्य था। यह व्यवस्था सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 2018 में लागू की थी। अब अदालत ने इसे बढ़ाकर क्रमशः 4 साल और 6 साल कर दिया। जस्टिस संजय करोल और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने कहा कि लंबे समय तक बीमा अनिवार्य रहने से नियमों का पालन बेहतर होगा और सड़क सुरक्षा को भी मजबूती मिलेगी।

56% वाहन बिना बीमा के दौड़ रहे
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने चिंता जताई कि मोटर वाहन अधिनियम की धारा 146 के बावजूद देश में बड़ी संख्या में वाहन बिना वैध बीमा के चल रहे हैं।

अदालत ने संसदीय स्थायी समिति की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि देश में कुल 30.48 करोड़ वाहनों में से करीब 16.54 करोड़ वाहन बिना वैध बीमा के हैं। यानी लगभग 56% वाहन सड़कों पर बिना इंश्योरेंस के चल रहे हैं। अदालत ने कहा कि ऐसे मामलों में दुर्घटना पीड़ितों को मुआवजा पाने के लिए लंबी कानूनी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है।

सड़क सुरक्षा पर भी जताई चिंता
कोर्ट ने सरकारी आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि 2024 में भारत में 4.87 लाख से अधिक सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गईं। ऐसे में थर्ड पार्टी बीमा का प्रभावी पालन बेहद जरूरी है ताकि दुर्घटना पीड़ितों को समय पर मुआवजा मिल सके।

तकनीक से होगी निगरानी

सुप्रीम कोर्ट ने बिना बीमा वाले वाहनों की पहचान के लिए तकनीक के इस्तेमाल पर भी जोर दिया। अदालत ने निर्देश दिए कि:

  • ANPR (Automatic Number Plate Recognition) कैमरों को इंश्योरेंस इंफॉर्मेशन ब्यूरो और वाहन पोर्टल से जोड़ा जाए।
  • इससे बिना बीमा वाले वाहनों की स्वतः पहचान कर ई-चालान जारी किए जा सकेंगे।
  • पुलिसकर्मियों को ऐसे हैंडहेल्ड डिवाइस या मोबाइल ऐप दिए जाएं, जिनसे वे मौके पर ही वाहन का बीमा स्टेटस जांच सकें।
  • अदालत ने यह सुझाव भी दिया कि भविष्य में पेट्रोल पंपों को बीमा डेटाबेस से जोड़ने की संभावना पर विचार किया जाए, ताकि बिना वैध बीमा वाले वाहनों को ईंधन देने पर रोक लगाने जैसे विकल्पों का अध्ययन किया जा सके।

सड़क सुरक्षा को मिलेगा बढ़ावा
यह आदेश नेशनल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड की ओर से दायर एक मोटर दुर्घटना मुआवजा मामले की सुनवाई के दौरान दिया गया। अदालत ने अपील खारिज करते हुए मोटर इंश्योरेंस कवरेज से जुड़े व्यापक मुद्दों पर भी निर्देश जारी किए। माना जा रहा है कि नए नियमों से बीमा अनुपालन बढ़ेगा, सड़क दुर्घटना पीड़ितों को राहत मिलेगी और बिना बीमा वाले वाहनों की संख्या कम करने में मदद मिलेगी।

(प्रियंका कुमारी)

Continue reading on the app

  Sports

IND vs SLC 11: आखिरी ओवर में छक्के ही छक्के, गुरनूर बराड़ ने की आतिशबाजी, गंभीर भी नहीं रोक पाए हंसी

भारत और SLC-11 के बीच चल रहे वॉर्म-अप मैच के दूसरे दिन टीम इंडिया ने बल्लेबाजी की, जिसकी हाईलाइट देवदत्त पडिक्कल रहे. पडिक्कल ने एक बेहतरीन शतक जमाया लेकिन दिन का अंत बराड़ ने शानदार तरीके से किया. Sat, 08 Aug 2026 19:21:20 +0530

  Videos
See all

Atiq Ahmed son Aban Ahmed Funeral Live: अबान का अंतिम संस्कार | Aban Last Rites Live | Prayagraj #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-08T14:17:01+00:00

Nawazuddin Siddiqui: मुंबई एयरपोर्ट पर नजर आए नवाजुद्दीन सिद्दीकी #nawazuddinsiddiqui #shorts #viral #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-08T14:16:06+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers