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किम जोंग की ट्रंप को सीधी धमकी, मिसाइल की रेंज में पूरा अमेरिका

मिडिल ईस्ट में जारी अमेरिका, इसराइल और ईरान के भीषण युद्ध के बीच दुनिया के दूसरे छोर पर उत्तर कोरिया ने अपनी सैन्य शक्ति का प्रदर्शन कर वैश्विक चिंताएं बढ़ा दी है। उत्तर कोरियाई नेता किम जोंगुन की सीधी निगरानी में एक नए और अत्यंत शक्तिशाली सॉलिड फ्यूल इंजन का सफल जमीनी परीक्षण किया गया। उत्तर कोरिया के इस कदम को सीधे तौर पर अमेरिका की मुख्य भूमि पर परमाणु हमला करने की क्षमता हासिल करने की दिशा में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है। उत्तर कोरिया की आधिकारिक समाचार एजेंसी कोरियन सेंट्रल न्यूज़ एजेंसी के अनुसार परीक्षण के दौरान किम जोंग उन ने अमेरिका और इसराइल पर तीखा हमला बोला। ईरान पर जारी सैनिक कार्यवाही को लेकर उन्होंने अमेरिका को सरकारी आतंकवाद का केंद्र करार दिया। किम ने अपने संबोधन में कहा कि अमेरिका की नीतियां दुनिया को अस्थिर कर रही हैं और उत्तर कोरिया अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है। 

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जानकार मानते हैं कि किम जोंगुन ईरान के साथ जारी संघर्ष का फायदा उठाकर अपनी परमाणु महत्वाकांक्षाओं को अंतिम रूप देना चाहते हैं। उत्तर कोरिया द्वारा परीक्षण किया गया यह नया इंजन उसकी मिसाइल तकनीकी में एक बहुत बड़ी छलांग है। तकनीकी विवरणों के अनुसार इस सॉलिड फ्यूल इंजन ने ढाई हजार किटन का थ्रस्ट पैदा किया है जो पिछले सितंबर में किए गए परीक्षण से कहीं ज्यादा शक्तिशाली है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस इंजन की मदद से उत्तर कोरिया अब ऐसे इंटरकॉन्टिनेंटल बैलस्टिक मिसाइलें बना सकता है जो भारी परमाणु हथियार लेकर सीधे वाशिंगटन या न्यूयॉर्क तक वार कर सके। तरल ईंधन वाली मिसाइलों के विपरीत ठोस ईंधन वाली मिसाइलों को लॉन्च करने के लिए कम समय की आवश्यकता होती है। इसीलिए उत्तर कोरिया ने यह सफल परीक्षण किया है। इन्हें पहले से तैयार करके रखा जा सकता है और अचानक दागा भी जा सकता है। जिसे अमेरिका के मिसाइल डिफेंस सिस्टम के लिए इन्हें ट्रैक करना और नष्ट करना लगभग असंभव हो जाता है। यह परीक्षण उत्तर कोरिया के उस 5 साल के सैन्य विकास कार्यक्रम का हिस्सा है जिसकी घोषणा 2021 में की गई थी।

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इस अभियान का मुख्य उद्देश्य अपने परमाणु क्षमता को अपरिवर्तनीय बनाना और ऐसी तकनीक विकसित करना है जिससे एक ही मिसाइल कई अलग-अलग ठिकानों पर परमाणु वॉर हेड गिरा सके। केसीएनए ने सुरक्षाकर कारणों से इस परीक्षण के सटीक स्थान और समय का खुलासा नहीं किया है। लेकिन यह स्पष्ट कर दिया है कि यह इंजन भविष्य की नई पीढ़ी की सामरिक मिसाइलों का आधार बनेगा। उत्तर कोरिया के इस कदम ने न केवल दक्षिण कोरिया और जापान बल्कि पूरे अंतरराष्ट्रीय समुदाय को सतर्क कर दिया है। अमेरिका ने इस परीक्षण की निंदा करते हुए इसे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का उल्लंघन बताया है। जानकार मानते हैं कि जब दुनिया का ध्यान ईरान और इसराइल के बीच छिड़े युद्ध पर केंद्रित है तब उत्तर कोरिया इस अवसर का लाभ उठाकर अपनी तकनीक को परफेक्ट बनाना चाहता है। 

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कच्चे तेल की कीमतों में 3 प्रतिशत से ज्यादा की उछाल, 52 हफ्ते के उच्चतम स्तर के करीब

नई दिल्ली, 30 मार्च (आईएएनएस)। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच सोमवार को कच्चे तेल की वैश्विक कीमतों में तेज उछाल दर्ज की गई। यह बढ़ोतरी ऐसे समय हुई, खासकर तब, जब यमन के ईरान समर्थित हूती समूह भी इस संघर्ष में शामिल हो गए।

अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 3.66 प्रतिशत तक बढ़कर 116.70 डॉलर प्रति बैरल के इंट्रा-डे हाई पर पहुंच गया, जो 52 हफ्ते के उच्च स्तर के करीब है। वहीं अमेरिकी बेंचमार्क डब्ल्यूटीआई क्रूड भी 3 प्रतिशत से ज्यादा चढ़कर 103 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया।

तेल की कीमतों में यह तेजी सप्ताहांत में हूती बलों द्वारा इजरायल पर किए गए मिसाइल हमलों के बाद आई है। हूती समूह ने चेतावनी दी है कि जब तक ईरान और उसके सहयोगी समूहों पर हमले बंद नहीं होते, तब तक वे अपने हमले जारी रखेंगे। इससे पहले से दबाव में चल रहे वैश्विक ऊर्जा बाजार में और जोखिम बढ़ गया है।

ब्रेंट क्रूड की कीमतें मार्च में 50 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ चुकी हैं, और अब यह फिर से युद्ध के शुरुआती दौर के ऊंचे स्तर के करीब पहुंच रही हैं, जबकि कूटनीतिक प्रयास भी जारी हैं।

विश्लेषकों का कहना है कि इस समय कच्चा तेल सबसे अहम आर्थिक कारक बन गया है। बाजार में अब यह संभावना जताई जा रही है कि सप्लाई में लंबे समय तक बाधा आ सकती है। कुछ वैश्विक अनुमानों के अनुसार, अगर तनाव जारी रहता है तो कीमतें 200 डॉलर प्रति बैरल तक भी पहुंच सकती हैं।

विशेषज्ञों ने कहा कि भारत जैसे आयात पर निर्भर देश के लिए यह स्थिति चिंता बढ़ाने वाली है, क्योंकि इससे महंगाई बढ़ सकती है, कंपनियों के मुनाफे पर असर पड़ सकता है और चालू खाता घाटा भी बढ़ सकता है।

वैश्विक स्तर पर शेयर बाजारों पर भी इसका असर दिखा। अमेरिका में वॉल स्ट्रीट गिरावट के साथ बंद हुआ, जहां एसएंडपी 500 इंडेक्स 1.67 प्रतिशत और नैस्डैक करीब 2 प्रतिशत नीचे रहा।

एशियाई बाजारों में भी कमजोरी देखने को मिली। जापान का निक्केई करीब 4 प्रतिशत गिरा, जबकि हांगकांग का हैंग सेंग 1 प्रतिशत से ज्यादा और दक्षिण कोरिया का कोस्पी लगभग 3 प्रतिशत नीचे आया।

इसका असर भारत के शेयर बाजार पर भी दिखा। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही इंडेक्स शुरुआती कारोबार में 1 प्रतिशत से ज्यादा गिरावट के साथ खुले, क्योंकि पश्चिम एशिया का संकट अब पांचवें हफ्ते में पहुंच गया है साथ ही और ज्यादा बढ़ता नजर आ रहा है।

--आईएएनएस

डीबीपी

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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IPL 2026: Cameron Green के गेंदबाजी नहीं करने पर मचा बवाल, क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने दिया जवाब

आईपीएल 2026 के मुकाबले में केकेआर को मुंबई इंडियंस के खिलाफ हार झेलनी पड़ी। जिसके बाद केकेआर टीम के सबसे महंगे खिलाड़ी कैमरून ग्रीन के गेंदबाजी न करने पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। दरअसल, केकेआर ने इस ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी कैमरून ग्रीन को मिनी नीलामी 2026 में 25.20 करोड़ रुपये की मोटी रकम में खरीदा था। फैंस और क्रिकेट एक्सपर्ट कैमरून ग्रीन को आंद्रे रसेल के रिप्लेसमेंट के रूप में देख रहे थे। लेकिन जब मुंबई के खिलाफ पहले मैच में उन्होंने गेंदबाजी नहीं की तो उनके केकेआर द्वारा खर्च की गई रकम पर सवाल उठने लगे। यहां तक कमेंट्री कर रहे अश्विन और आकाश चोपड़ा ने सवाल उठाए। 

केकेआर को मुंबई इंडियंस के खिलाफ पहले मैच में 6 विकेट से हार झेलनी पड़ी। केकेआर 220 का स्कोर भी डिफेंड नहीं कर पाई। जब कप्तान अजिंक्य रहाणे से मैच के बाद ग्रीन की गेंदबाजी को लेकर पूछा गया तो उन्होंने साफ कह दिया कि ये सवाल आपको क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया से पूछना होगा। 

अब क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने इस पर सफाई दी है। क्रिकेट ऑफ ऑस्ट्रेलिया के मुताबिक ग्रीन चोटिल हैं उन्हें लोओर बैक इंजरी है जिस कारण से उन्हें मुंबई के खिलाफ पहले मैच में गेंदबाजी नहीं की। 

क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के प्रवक्ता ने कहा कि, कैमरून ग्रीन की पीठ के निचले हिस्से में चोट है, जिसका इलाज चल रहा है। लेकिन इस वजह से उन्हें कुछ समय के लिए गेंदबाजी का अभ्यास फिर से शुरू कर रहे हैं ताकि वे लगभग 10-12 दिनों में वापसी कर सकें। केकेआर को इस बारे में सूचित कर दिया गया है और उन्हें इसकी पूरी जानकारी है। 

फिलहाल ग्रीन ने मुंबई के खिलाफ गेंदबाजी भले ना की हो लेकिन बल्ले से भी उनका प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा। उन्होंने 10 गेंदे खेली और महज 18 रन ही बनाए।
Mon, 30 Mar 2026 13:02:10 +0530

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