पित्त असंतुलन से हैं परेशान? हर मील के बाद पिएं ये कूलिंग हर्बल ड्रिंक
नई दिल्ली, 30 मार्च (आईएएनएस)। आयुर्वेद के अनुसार, हमारे शरीर में तीन दोष (वात, पित्त और कफ) होते हैं। इनमें से पित्त का संबंध शरीर की गर्मी, पाचन और मेटाबॉलिज्म से होता है। जब पित्त संतुलित रहता है, तो पाचन अच्छा होता है, दिमाग तेज रहता है और शरीर एनर्जेटिक महसूस करता है। लेकिन जब यह असंतुलित हो जाता है, तो कई तरह की दिक्कत शुरू हो जाती हैं।
आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी, गलत खान-पान और ज्यादा स्ट्रेस के कारण ये समस्या काफी आम हो गई है। लेकिन अच्छी बात ये है कि इसे संतुलित करने के लिए आपको किसी भारी-भरकम ट्रीटमेंट की जरूरत नहीं, बल्कि एक आसान सा आयुर्वेदिक उपाय ही काफी है।
आयुर्वेद में पित्त को शरीर की गर्मी और मेटाबॉलिज्म से जोड़ा जाता है। जब पित्त बढ़ जाता है, तो शरीर और दिमाग दोनों ही असहज महसूस करने लगते हैं। ऐसे में शरीर को ठंडक देने की जरूरत होती है। यहीं काम आती है एक सिंपल सी कूलिंग हर्बल ड्रिंक, जिसे आप घर पर आसानी से बना सकते हैं। इसके लिए आपको चाहिए सौंफ, धनिया के बीज और एक चुटकी इलायची। ये तीनों ही चीजें अपनी कूलिंग और डाइजेशन सुधारने वाली खूबियों के लिए जानी जाती हैं।
इसे बनाने का तरीका भी बहुत आसान है। एक गिलास पानी लें और उसमें आधा-आधा चम्मच सौंफ और धनिया के बीज डाल दें। साथ में एक चुटकी इलायची पाउडर भी मिला लें। अब इसे 5–7 मिनट तक अच्छे से उबाल लें। फिर इसे छानकर हल्का गर्म रहने पर धीरे-धीरे पिएं। कोशिश करें कि इसे हर मील के बाद पिएं, ताकि पाचन बेहतर हो और पित्त संतुलित रहे।
इस ड्रिंक का सबसे बड़ा फायदा ये है कि ये आपके शरीर को अंदर से कूल करता है। साथ ही, ये एसिडिटी, ब्लोटिंग और अपच जैसी समस्याओं में भी राहत दे सकता है। सौंफ जहां पेट को ठंडक देती है, वहीं धनिया पाचन को सुधारता है और इलायची मन को शांत करने में मदद करती है।
बता दें कि आयुर्वेद का असर धीरे-धीरे और स्थायी होता है। ये कोई इंस्टेंट मैजिक नहीं है, बल्कि नियमित इस्तेमाल से ही इसका फायदा दिखता है। इसलिए इसे अपनी रोजमर्रा की आदत में शामिल करें और कुछ दिनों बाद फर्क खुद दिखने लगेगा।
--आईएएनएस
पीआईएम/एएस
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
ईरान के तेज पर अमेरिका की नजर, खार्ग द्वीप पर कर सकता है कब्जा, राष्ट्रपति ट्रंप ने दिए संकेत
वाशिंगटन, 30 मार्च (आईएएनएस)। पिछले एक महीने से जारी जंग के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वह ईरान का तेल लेना चाहते हैं और देश के प्रमुख तेल निर्यात केंद्र खार्ग द्वीप पर कब्जा कर सकते हैं।
फाइनेंशियल टाइम्स को दिए एक इंटरव्यू में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, सच कहूं तो मेरी पसंदीदा चीज ईरान का तेल लेना है। उन्होंने इसकी तुलना वेनेजुएला से की, जहां वाशिंगटन जनवरी में राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को हटाने के बाद कथित तौर पर तेल उद्योग पर लंबे समय तक नियंत्रण रखना चाहता है।
फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान का तेल लेने का मतलब होगा खार्ग द्वीप पर कब्जा करना, जिसके जरिए ईरान के 90 प्रतिशत से ज्यादा तेल का निर्यात होता है। रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि इस तरह के हमले से हताहतों की संख्या बढ़ने और युद्ध लंबा खिंचने का खतरा है।
रिपोर्ट में ट्रंप के हवाले से कहा गया, हो सकता है हम खार्ग द्वीप पर कब्जा कर लें, हो सकता है न करें। हमारे पास बहुत सारे विकल्प हैं। उन्होंने कहा, इसका यह भी मतलब होगा कि हमें वहां कुछ समय तक रहना पड़ेगा।
राष्ट्रपति ट्रंप ने आगे कहा कि उनका मानना है कि द्वीप पर ईरान की सुरक्षा व्यवस्था बहुत कम या बिल्कुल भी नहीं है। उन्होंने कहा, हम बहुत आसानी से इस पर कब्जा कर सकते हैं।
डोनाल्ड ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका मध्य पूर्व में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा रहा है और ईरान से लगभग 1,000 पाउंड यूरेनियम निकालने के लिए संभावित सैन्य अभियान पर विचार कर रहा है। वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप की सोच से परिचित एक अज्ञात सूत्र का हवाला देते हुए बताया गया है कि उन्होंने अपने सलाहकारों को इस बात के लिए दबाव डालने को भी कहा है कि ईरान युद्ध खत्म करने की शर्त के तौर पर यह सामग्री सौंपने पर राजी हो जाए।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पेंटागन इस क्षेत्र में 10,000 तक अतिरिक्त सैनिक तैनात कर रहा है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने शनिवार को घोषणा की कि 2,500 मरीन सहित 3,500 से ज्यादा सैनिक मध्य पूर्व पहुंच चुके हैं।
इस खतरे के बावजूद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान के जरिए चल रही अप्रत्यक्ष बातचीत में प्रगति हो रही है। उन्होंने कहा, बहुत जल्द कोई समझौता हो सकता है।
गौरतलब है कि इजरायल और अमेरिकी की ईरान के साथ लड़ाई को एक महीने से अधिक समय हो गया है। 28 फरवरी को यह जंग शुरू हुई थी। इसके बाद दुनियाभर में तेल की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं। मार्च में ब्रेंट क्रूड की कीमत बढ़कर 119.5 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई, जो जून 2022 के बाद से सबसे ज्यादा है।
--आईएएनएस
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