ईरान की अमेरिका को कड़ी चेतावनी, जमीनी हमले की स्थिति में दी जवाबी कार्रवाई की धमकी
वाशिंगटन, 30 मार्च (आईएएनएस)। ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका जमीनी हमला करता है, तो वह जवाबी कार्रवाई करेगा। यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप तेहरान के यूरेनियम पर कब्जा करने के लिए एक जोखिम भरे सैन्य अभियान पर विचार कर रहे हैं और क्षेत्रीय ताकतें संघर्ष को रोकने के लिए बातचीत पर जोर दे रही हैं।
यह ऐसा समय है जब हालात और बिगड़ने के संकेत मिल रहे हैं। न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, अमेरिका की 31वीं मरीन एक्सपीडिशनरी यूनिट पहले ही मध्य पूर्व पहुंच चुकी है। साथ ही, अमेरिकी सेना जमीन पर सैनिक उतारने के विकल्प तैयार कर रही है, जो कुछ दिनों या उससे अधिक समय तक चल सकता है।
इस पूरे मामले के केंद्र में एक योजना है, जिसमें ईरान से करीब 1,000 पाउंड यूरेनियम निकालने पर विचार किया जा रहा है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, यह काम बेहद जटिल और खतरनाक है। अधिकारियों ने वॉल स्ट्रीट जर्नल को बताया, ट्रंप ने अभी यह फैसला नहीं किया है कि आदेश देना है या नहीं। वह यह सोच रहे हैं कि अमेरिकी सैनिकों की सुरक्षा और ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकने के बीच कैसे संतुलन बनाया जाए।
अगर इस ऑपरेशन को मंजूरी मिलती है, तो इसमें विशेष बलों के सैनिक शामिल हो सकते हैं, जो ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमलों के बीच परमाणु ठिकानों को सुरक्षित करेंगे और रेडियोधर्मी सामग्री को युद्ध क्षेत्र से बाहर निकालेंगे। विशेषज्ञों का कहना है कि यह कोई छोटा या जल्दी खत्म होने वाला ऑपरेशन नहीं होगा।
इसके साथ ही, पेंटागन एक बड़े जमीनी अभियान की भी तैयारी कर रहा है, जो कई हफ्तों तक चल सकता है। ऐसी किसी भी कार्रवाई में अमेरिकी सैनिकों को ड्रोन, मिसाइल और विस्फोटकों जैसे कई खतरों का सामना करना पड़ सकता है।
अमेरिकी अधिकारी अतिरिक्त सैनिक भेजने पर भी विचार कर रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, पेंटागन क्षेत्र में 10,000 और जमीनी सैनिक तैनात करने की योजना बना रहा है, ताकि ऑपरेशन को अधिक लचीला बनाया जा सके।
हालांकि सैन्य तैयारी तेज हो रही है, लेकिन कूटनीतिक कोशिशें भी जारी हैं। पाकिस्तान ने सऊदी अरब, तुर्की और मिस्र के विदेश मंत्रियों के साथ बातचीत की मेजबानी की, जिसका उद्देश्य संघर्ष को रोकना और होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलना है।
लेकिन अभी तक न तो अमेरिका और न ही ईरान इन बातचीत में शामिल हुए हैं। फिलहाल जल्द समाधान के संकेत भी नहीं दिख रहे हैं।
इस युद्ध के कारण तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई हैं। खासकर होर्मुज स्ट्रेट के जरिए सप्लाई बाधित होने की आशंका से वैश्विक बाजार में चिंता बढ़ गई है।
--आईएएनएस
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ईरान ने कुवैत के पावर प्लांट को बनाया निशाना, भारतीय कर्मचारी की मौत, संयंत्र को हुआ भारी नुकसान
US-Iran War: मिडिल ईस्ट भी में अभी भी हालात बेहद खराब है. 30 दिन गुजर जाने के बाद भी जंग खत्म होने का नाम नहीं ले रही है. आज इस जंग का 31वां दिन है. इस बीच खबर आई है कि ईरान ने कुवैत के पावर प्लांट को निशाना बनाया है. इस हमले में एक भारतीय कर्मचारी की मौत हो गई है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, खाड़ी देश कुवैत के बिजली मंत्रालय ने सोमवार को इस बात की जानकारी दी. मंत्रालय ने बताया कि ईरान द्वारा कुवैत के एक बिजली स्टेशन पर किए गए हमले में एक भारतीय कर्मचारी की मौत हो गई. साथ ही साइट पर स्थित एक इमारत क्षतिग्रस्त हो गई है.
कब किया ईरान ने कुवैत के पावर प्लांट पर हमला?
कुवैत के विद्युत, जल और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि, ईरान ने रविवार शाम को हमला किया. मंत्रालय ने इस हमले को देश पर "ईरान के आक्रमण" का हिस्सा बताया. मंत्रालय की प्रवक्ता इंजीनियर फातिमा अब्बास जौहर हयात ने एक बयान में कहा कि, "कुवैत राज्य के खिलाफ ईरान के आक्रमण के तहत एक बिजली और जल विलवणीकरण संयंत्र की इमारत पर हमला किया गया, जिससे एक भारतीय कर्मचारी की मौत हो गई. जबकि हमले में इमारत को काफी नुकसान हुआ है.
एक महीने में कुवैत पर कितने हमले हुए?
बता दें कि मध्य पूर्व में जब से जंग की शुरुआत हुई है. कुवैत को भारी नुकसान उठाना पड़ा है. कुवैत उन कई देशों में से एक है जिन्हें अमेरिका-इजरायल द्वारा ईरान पर किए जा रहे युद्ध का सबसे अधिक नुकसान उठाना पड़ा है. तेहरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए पश्चिम एशिया में विभिन्न बुनियादी ढांचों और अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया है. एक अलग बयान में, कुवैत के रक्षा मंत्रालय ने रविवार को कहा कि एक महीने से अधिक समय पहले शुरू हुए इस संघर्ष के बाद से देश पर कुल 307 बैलिस्टिक मिसाइलें, दो क्रूज मिसाइलें और 616 ड्रोन हमले हुए हैं.
लोगों से शांति बनाए रखने की अपील
इसके साथ ही मंत्रालय के बयान में लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है. मंत्रालय ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने का आग्रह किया है. बयान में कुवैती निवासियों से केवल आधिकारिक स्रोतों से ही जानकारी प्राप्त करने का अनुरोध किया गया है और घटनाक्रम पर निरंतर पारदर्शी अपडेट देने का आश्वासन दिया गया. प्रवक्ता ने इस बात पर जोर दिया कि बिजली और जल व्यवस्था की सुरक्षा और स्थिरता सर्वोच्च प्राथमिकता है, और सभी तकनीकी टीमें किसी भी आपात स्थिति से निपटने और आवश्यक सेवाओं की निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए चौबीसों घंटे पूरी दक्षता के साथ काम कर रही हैं.
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